रक्षा बंधन के दिन चंद्र ग्रहण… क्या आने वाला है कोई बड़ा बदलाव?
इस साल रक्षा बंधन का पर्व बेहद खास संयोग लेकर आ रहा है। 28 अगस्त 2026 को रक्षा बंधन के दिन आंशिक चंद्र ग्रहण पड़ रहा है। इससे ठीक 16 दिन पहले, 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण लगा था। यानी अगस्त महीने में महज दो सप्ताह के अंतराल में सूर्य और चंद्र ग्रहण की स्थिति बन रही है। खगोलीय दृष्टि से यह एक सामान्य ग्रहण-चक्र है, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से ऐसे संयोगों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अब सवाल है—क्या एक पखवाड़े में दो ग्रहण पड़ना वाकई किसी बड़े बदलाव का संकेत है? क्या इसका असर देश-दुनिया, राजनीति, मौसम, अर्थव्यवस्था या आम जनजीवन पर पड़ सकता है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या रक्षा बंधन जैसे पवित्र पर्व पर पड़ने वाला चंद्र ग्रहण शुभ है या अशुभ?
इन्हीं सवालों पर जाने-माने ज्योतिष पं. डी.पी. शास्त्री ने अपनी ज्योतिषीय गणना और ग्रहों की स्थिति के आधार पर महत्वपूर्ण बातें कही हैं।
हालांकि यहां एक जरूरी बात समझना भी आवश्यक है। 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसी वजह से भारतीय परंपरा में सूतक काल को लेकर भी अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। कई पंचांग और ज्योतिष विशेषज्ञ मानते हैं कि ग्रहण दिखाई न देने पर भारत में सामान्य रूप से रक्षा बंधन के अनुष्ठान किए जा सकते हैं।
लेकिन ज्योतिष की दृष्टि से ग्रहण केवल आंखों से दिखाई देने वाली घटना नहीं, बल्कि सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की विशेष स्थिति से जुड़ी घटना मानी जाती है।
तो आखिर पं. डी.पी. शास्त्री ने इस ग्रहण को लेकर क्या भविष्यवाणी की है? देश-दुनिया पर इसका क्या असर पड़ेगा? किन राशियों के लिए यह ग्रहण महत्वपूर्ण रहेगा और किन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए?