पहल: घर में आइसोलेट मरीजों की होगी डिजिटल निगरानी, पुणे नगर निगम ने लॉन्च किया एप
- एप के जरिए रखी जाएगी होम आइसोलेट मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर
- अस्पताल में भर्ती कराने की स्थिति आने पर हो सकेगी तुरंत कार्रवाई
- नियम तोड़ने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों पर भी लग सकेगी लगाम
विस्तार
पुणे नगर निगम (पीएमसी) ने होम आइसोलेशन में मौजूद कोरोना वायरस मरीजों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए एक मोबाइल एप लॉन्च किया है। पीएमसी की योजना ऐसे मरीजों के लिए इस एप को अनिवार्य बनाने की है जिससे अगर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आए तो उसमें समस्या न आए। पुणे में इस समय करीब 45 हजार मरीज हों आइसोलेशन में हैं।
इस होम आइसोलेशन एप को हाल ही में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने लॉन्च किया था। जिले के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि पीएमसी ने ऐसे मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की अनुमति दी है जिनमें हल्के लक्षण हैं या लक्षण नहीं है। अधिकारी ने कहा कि चूंकि ऐसे कई मरीज हैं ऐसे में प्रशासन के लिए सभी की जानकारी रख पाना नामुमकिन है।
उन्होंने कहा कि पीएमसी को बीते कुछ दिनों में ऐसी शिकायतें भी मिली हैं कि इनमें से कुछ मरीज आइसोलेशन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और सार्वजनिक स्थानों पर जा रहे हैं। अधिकारी ने आगे कहा कि ऐसा तब भी हो रहा है जब जिला प्रशासन उनके हाथ पर आइसोलेशन की मुहर लगा रहा है और उनके घरों के बाहर इससे संबंधित स्टिकर भी लगा रहा है।
नगर निगम ने एक केंद्रीय कंट्रोल रूम के साथ एक अलग कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसमें हर वार्ड कार्यालय से उसके इलाके में मौजूद कोरोना मरीजों का डाटा रखने को कहा गया है। मोबाइल एप के आने से ऐसे मरीजों की निगरानी आसान हो जाएगा। जानकारी के अनुसार कंट्रोल रूम इसे लेकर कोरोना मरीजों को एप डाउनलोड करने का निर्देश जारी कर रहा है।
पुणे जिला परिषद के कर्मचारियों ने दिया 1.97 करोड़ का योगदान
कोविड-19 महामारी के बीच पुणे जिला परिषद के कर्मचारियों ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए अपने एक दिन के वेतन के रूप में 1.97 करोड़ रुपये का योगदान दिया। परिषद के सीईओ आयुष प्रसाद ने सोमवार को बताया कि यह पैसा कोविड रोगियों की सेवा करने वाले डॉक्टरों को प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिला परिषद कर्मचारियों ने अपना एक दिन का वेतन दान दिया है। कुल राशि 1.97 करोड़ रुपये हुई है। 130 डॉक्टरों को नियुक्त करने के लिए विभिन्न राज्यों के समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किए हैं। हमारा उद्देश्य है कि कोविड के खिलाफ जंग में हमारे साथ सबसे अच्छे डॉक्टर हों और पुणे के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की जान बचा सकें।