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पुलवामा आतंकी हमला: सटीक हवाई हमलों से पाकिस्तान को जवाब दे सकता है भारत
Sat, 16 Feb 2019 09:57 AM IST
अल्पना शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अल्पना शर्मा
Updated Sat, 16 Feb 2019 09:57 AM IST
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पुलवामा में गुरुवार को आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले को अपना निशाना बनाया था। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए हैं और पांच घायल हैं। आज सभी शहीदों को नम आंखों से अंतिम विदाई दी जा रही है। ऐसे में देशभर में पाकिस्तान से बदला लेने की मांग उठ रही है। इस बीच नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय सशस्त्र बलों की हलचलें बढ़ गई हैं। जिसके कारण पाकिस्तानी सेना भी हाई अलर्ट पर है।
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लोग चाहते हैं कि पाकिस्तान को अपना रवैया बदलने पर मजबूर करने के लिए सरकार को सीमापार सीमित हमले करने के विकल्प पर गंभीरतापूर्वक ध्यान देना चाहिए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध में पूरी तरह से उतरने से बचने के लिए भारतीय सेना के पास कई विकल्प मौजूद हैं। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के अनुसार इसमें जमीन पर छोटी दूरी तक हमला करने से लेकर कुछ चोटियों पर कब्जे के अलावा एलओसी पर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद नॉन स्टेट टार्गेट के खिलाफ सटीक हवाई हमले करना शामिल है।
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पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सुरक्षा प्रतिष्ठानों के बीच इस बात को लेकर सहमति बनी है कि सटीक हवाई हमला व्यवहार्य और प्रभावी विकल्प है। साल 2016 में उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों को नेस्तानाबूत करके पूरी दुनिया को चौंका दिया था। लड़ाकू विमान सुखोई-30एमकेआई, मिराज-2000 और जगुआर जोकि स्मार्ट ग्लाइड बम से लैस हैं उन्हें एलओसी के नजदीक बने आतंकी कैंपों और लांचपैड को खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। वो भी बिना पाकिस्तान की सीमा में जाए।
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एक अधिकारी ने कहा, 'ऐसी एयर स्ट्राइक करने के लिए कम समय चाहिए।' ग्लाइड बम की खासियत यह है कि इन्हें ठीक हमले करने वाली जगह के ऊपर से थोड़ने की बजाए थोड़ी दूर से छोड़ा जा सकता है। दूसरे अधिकारी ने कहा, 'बिना सीमापार जाए एक्शन के लिए समय, स्थान और हथियार के प्रकार को देखते हुए सेना के पास कई विकल्प मौजूद हैं। इसका उद्देश्य पीओके में आतंकी ढांचे को निशाना बनाना होगा न कि उसकी भूमि या उसके नागरिकों को।'
केवल इतना ही नहीं पाकिस्तान की सैन्य पोस्टों, आतंकी कैंपों, लांचपैड्स और आसपास के इलाकों में हमले के लिए भारत स्मर्च मल्टिपल-लांच रॉकेट सिस्टम्स (90 किमी) और ब्रह्मोस सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइलों (290 किमी) का भी प्रयोग कर सकता है। इस तरह के किसी भी आक्रामक विकल्प का प्रयोग करने पर प्रतिशोध और तनाव का जोखिम उठाने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है। पाकिस्तानी सेना के पिछले रिकॉर्ड को देखा जाए तो वह खतरा बढ़ा सकती है।