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PSAR एक्ट: निजी सुरक्षा एजेंसियों को जिम्मेदार, पेशेवर बनाने पर फोकस; गृह राज्य मंत्री ने कही यह बात
Tue, 05 Dec 2023 01:40 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 05 Dec 2023 01:40 PM IST
सार
देश में निजी सुरक्षा एजेंसियों के मुद्दे पर लोकसभा में एक लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि नवंबर माह तक निजी सुरक्षा एजेंसियों के 21835 लाइसेंस हैं।
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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
देश में निजी सुरक्षा एजेंसियों के मुद्दे पर लोकसभा में एक लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि निजी सुरक्षा एजेंसियों को निजी सुरक्षा एजेंसी (विनियमन) अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के मुताबिक विनियमित किया जाता है। हालांकि देश में निजी सुरक्षा एजेंसियों की संख्या से संबंधित डेटा केंद्रीय स्तर पर नहीं रखा जाता है। साथ ही उन्होंने लिखित उत्तर में कहा, वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निजी सुरक्षा एजेंसियों को लाइसेंस जारी करने के लिए एक निजी सुरक्षा एजेंसी लाइसेंसिंग पोर्टल विकसित किया है। उस पोर्टल के मुताबिक, नवंबर माह तक निजी सुरक्षा एजेंसियों के 21835 लाइसेंस हैं।
साथ ही उन्होंने कहा, निजी सुरक्षा एजेंसियों को अधिक पेशेवर और जिम्मेदार बनाने के लिए भारत सरकार ने पीएसएआर अधिनियम के तहत दो नियमों को अधिसूचित किया। नए मॉडल नियम, 2020 पिछले कुछ वर्षों में कई बदलावों को समायोजित करते हैं, जो डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस के प्रमुख दृष्टिकोण के साथ संरेखित है। साथ ही उन्होंने लिखित जवाब में कहा कि निजी सुरक्षा एजेंसी के लाइसेंसधारी को नियंत्रित प्राधिकरण द्वारा निर्धारित निजी सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण सफलतापूर्वक प्राप्त करना होगा। साथ ही कहा, नए मॉडल नियम राज्यों में लाइसेंसधारियों के प्रशिक्षण में एकरूपता लाने के लिए एक पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं।
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प्रशिक्षण कम से कम छह कार्य दिवसों की अवधि के लिए होगा जिसमें निम्नलिखित विषय शामिल होंगे, अर्थात् (i) वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य, (ii) निजी सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका और कार्यप्रणाली, (iii) कानूनी प्रावधान, (iv) प्रबंधन सुरक्षा एजेंसियों की, (v) जनता, पुलिस और अन्य विभागों के साथ इंटरफेस और (vi) निजी सुरक्षा कार्मिक (आचरण नियम)- क्या करें और क्या न करें।
साथ ही अन्य मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा, पुलिस राज्य सूची का विषय है। लिंग संतुलन में सुधार को ध्यान में रखते हुए ज्यादा पुलिस कर्मियों की भर्ती करना राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है। साथ ही कहा कि केंद्र सरकार पुलिस बलों में महिलाओं की बढ़ती संख्या के लिए राज्य सरकारों को सलाह भी जारी करता है। लोकसभा में एक लिखित जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि बीपीआर एंड डी द्वारा संकलित पुलिस संगठनों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दशक में एक जनवरी 2014 तक महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 1,05,325 थी और एक जनवरी 2022 तक 2,46,103 हो गई।
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Private Security Agencies in the country are regulated as per provisions of the Private Security Agencies (Regulation) Act, 2005 [PSAR Act]. The data pertaining to the number of private security agencies in the country is not maintained centrally. This data is maintained at the… pic.twitter.com/sKI5Rs2hgZ
— ANI (@ANI) December 5, 2023विज्ञापन
साथ ही उन्होंने कहा, निजी सुरक्षा एजेंसियों को अधिक पेशेवर और जिम्मेदार बनाने के लिए भारत सरकार ने पीएसएआर अधिनियम के तहत दो नियमों को अधिसूचित किया। नए मॉडल नियम, 2020 पिछले कुछ वर्षों में कई बदलावों को समायोजित करते हैं, जो डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस के प्रमुख दृष्टिकोण के साथ संरेखित है। साथ ही उन्होंने लिखित जवाब में कहा कि निजी सुरक्षा एजेंसी के लाइसेंसधारी को नियंत्रित प्राधिकरण द्वारा निर्धारित निजी सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण सफलतापूर्वक प्राप्त करना होगा। साथ ही कहा, नए मॉडल नियम राज्यों में लाइसेंसधारियों के प्रशिक्षण में एकरूपता लाने के लिए एक पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं।
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प्रशिक्षण कम से कम छह कार्य दिवसों की अवधि के लिए होगा जिसमें निम्नलिखित विषय शामिल होंगे, अर्थात् (i) वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य, (ii) निजी सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका और कार्यप्रणाली, (iii) कानूनी प्रावधान, (iv) प्रबंधन सुरक्षा एजेंसियों की, (v) जनता, पुलिस और अन्य विभागों के साथ इंटरफेस और (vi) निजी सुरक्षा कार्मिक (आचरण नियम)- क्या करें और क्या न करें।
साथ ही अन्य मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा, पुलिस राज्य सूची का विषय है। लिंग संतुलन में सुधार को ध्यान में रखते हुए ज्यादा पुलिस कर्मियों की भर्ती करना राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है। साथ ही कहा कि केंद्र सरकार पुलिस बलों में महिलाओं की बढ़ती संख्या के लिए राज्य सरकारों को सलाह भी जारी करता है। लोकसभा में एक लिखित जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि बीपीआर एंड डी द्वारा संकलित पुलिस संगठनों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दशक में एक जनवरी 2014 तक महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 1,05,325 थी और एक जनवरी 2022 तक 2,46,103 हो गई।