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Railway: पूर्वोत्तर में रेलवे के बढ़ते कदम, महाप्रबंधक ने किया जिरिबाम-इंफाल रेलवे लाइन परियोजना का निरीक्षण

Tue, 18 Mar 2025 11:35 PM IST
बशु जैन एन अर्जुन, अमर उजाला, गुवाहाटी
एन अर्जुन, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: बशु जैन Updated Tue, 18 Mar 2025 11:35 PM IST
सार

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार को जिरिबाम–इंफाल नई लाइन परियोजना के अधीन जिरिबाम – खोंगसांग सेक्शन का गहन निरीक्षण किया। जिरिबाम–खोंगसांग सेक्शन, मणिपुर में रेलवे संपर्क को बढ़ावा प्रदान करने में महत्वपूर्ण 110.625 कि.मी. लंबी जिरिबाम–इंफाल रेलवे परियोजना का एक हिस्सा है, जो 55.36 किलोमीटर लंबा है।

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Progress of Railways in North-East, General Manager inspected Jiribam-Imphal Railway Line Project
रेलवे लाइन का निरीक्षण करते महाप्रबंधक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय रेलवे पूर्वोत्तर में रेलवे नेटवर्क को बढ़ाने पर तेज गति से काम कर रहा है। पूर्वोत्तर राज्य के राजधानियों को देश की राजधानी से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। इसी के मद्देनजर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार को जिरिबाम – इंफाल नई लाइन परियोजना के अधीन जिरिबाम – खोंगसांग सेक्शन का गहन निरीक्षण किया।

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जिरिबाम–खोंगसांग सेक्शन, मणिपुर में रेलवे संपर्क को बढ़ावा प्रदान करने में महत्वपूर्ण 110.625 कि.मी. लंबी जिरिबाम–इंफाल रेलवे परियोजना का एक हिस्सा है, जो 55.36 किलोमीटर लंबा है। उल्लेखनीय है कि इसका संचालन सितंबर, 2022 में शुरू किया गया था, यह सेक्शन वर्तमान में आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाली नियमित मालगाड़ियों की सेवाएं खोंगसांग तक प्रदान की जा रही है।
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Progress of Railways in North-East, General Manager inspected Jiribam-Imphal Railway Line Project
रेलवे लाइन का निरीक्षण करते महाप्रबंधक। - फोटो : अमर उजाला
इस बारे में जानकारी देते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने इस सेक्शन में ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को सुनिश्चित करने के लिए सुरंगों, पुलों, ट्रैक और सिग्नलिंग व्यवस्था सहित आधारभूत संसाधनों की विस्तृत समीक्षा की। महाप्रबंधक ने विभिन्न स्टेशनों पर कर्मचारियों के साथ बातचीत कर ट्रैक को सुदृढ़ बनाने, भूस्खलन जैसे भूगर्भीय स्थिरता और सुरक्षा संबंधी मुद्दों सहित प्रमुख चुनौतियों को दूर करने पर जोर दिया। जैसे-जैसे परियोजना आगे बढ़ेगी, खोंगसांग-नोनी (18.25 कि.मी.) और नोनी-इम्फाल (37.02 कि.मी.) सेक्शनों को आने वाले वर्षों में चालू किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने पर, जिरिबाम-इम्फाल रेलवे लाइन मणिपुर की कनेक्टिविटी में बदलाव लाएगी, जिससे आर्थिक वृद्धि एवं क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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उन्होंने बताया जिरिबाम – इम्फाल नई रेलवे लाइन परियोजना पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाओं में एक है। भारतीय रेलवे कई नई रेलवे लाइन परियोजनाओं को क्रियान्वित कर पूर्वोत्तर राज्यों के परिवर्तन की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दे रही है और जिरिबाम-इम्फाल संपर्क परियोजना समग्र परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पूर्वोत्तर क्षेत्र के सभी राज्यों की राजधानियों को जोड़ने के लिए इन राजधानी कनेक्टिविटी परियोजनाओं के तहत नई रेलवे लाइनों का निर्माण किया जा रहा है।

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