फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Priyank Kharge responded to Nara Lokesh proposal regarding Aerospace Park pitch

एयरोस्पेस पार्क पर कर्नाटक-आंध्र में रार: नारा लोकेश के दावे पर खरगे का पलटवार, बोले- लोग हमारे पास ही आएंगे

Thu, 17 Jul 2025 08:01 AM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू Published by: शिव शुक्ला Updated Thu, 17 Jul 2025 08:01 AM IST
सार

किसान और सामाजिक संगठन एयरोस्पेस पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ कई महीनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। जिसके बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एयरोस्पेस पार्क के लिए बंगलूरू के नजदीक देवनहल्ली इलाके में 1,777 एकड़ भूमि अधिग्रहण का काम रोक दिया है। किसानों और अन्य संगठनों के 1200 दिन चले भारी विरोध प्रदर्शन के बाद इसे किसानों की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

विज्ञापन
Priyank Kharge responded to Nara Lokesh proposal regarding Aerospace Park pitch
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे। - फोटो : ANI

विस्तार

कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इन दिनों एयरोस्पेस पार्क को लेकर ठनी हुई है। कर्नाटक द्वारा एयरोस्पेस पार्क के लिए बंगलूरू के नजदीक देवनहल्ली इलाके में भूमि अधिग्रहण रोकने के बाद आंध्र प्रदेश के मंत्री और चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश के तंज पर अब जवाब देने के लिए प्रियांक खरगे आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि एयरोस्पेस सेक्टर के लिए आंध्र प्रदेश एक नया राज्य है, वे यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे कि उन्हें नया निवेश मिले, लेकिन हमारे पास पहले से ही इस सेक्टर के लिए एक विकसित पारिस्थितिकी तंत्र है। इसे देखते हुए लोग अब भी हमारे पास ही आएंगे। 

विज्ञापन


क्यों उठा है विवाद
दरअसल किसान और सामाजिक संगठन एयरोस्पेस पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ कई महीनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। जिसके बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एयरोस्पेस पार्क के लिए बंगलूरू के नजदीक देवनहल्ली इलाके में 1,777 एकड़ भूमि अधिग्रहण का काम रोक दिया है। किसानों और अन्य संगठनों के 1200 दिन चले भारी विरोध प्रदर्शन के बाद इसे किसानों की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। जिसके बाद आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्री और सीएम चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश ने पड़ोसी राज्य पर तंज कसते हुए एयरोस्पेस उद्योग से अपील की है कि वे आंध्र प्रदेश में निवेश करें। 
विज्ञापन


नारा लोकेश ने एयरोस्पेस सेक्टर से क्या अपील की
जैसे ही कर्नाटक सरकार ने भूमि अधिग्रहण रोकने का आदेश जारी किया। वैसे ही आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर एयरोस्पेस उद्योग से जुड़े लोगों को आंध्र प्रदेश में निवेश करने की पेशकश कर दी। नारा लोकेश ने लिखा कि 'प्रिय एयरोस्पेस उद्योग, इसके बारे में सुनकर दुख हुआ, लेकिन मेरे पास आपके लिए एक बेहतर उपाय है। आप आंध्र प्रदेश में निवेश क्यों नहीं करते? हमारी एयरोस्पेस नीति काफी लुभावनी है और हम बेहतर इनसेंटिव दे सकते हैं। साथ ही हमारे पास 8000 एकड़ तैयार जमीन है, वो भी बंगलूरू के बिल्कुल बाहर। मुझे उम्मीद है कि आप जल्द ही बातचीत की मेज पर दिखेंगे।'
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रियांक खरगे ने क्या जवाब दिया
नारा लोकेश को जवाब देते हुए प्रियांक खरगे ने कहा कि आंध्र प्रदेश एक नया राज्य है और वे यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे कि उन्हें नया निवेश मिले। वे 99 पैसे प्रति एकड़ की दर से जमीन देंगे, उन्हें निवेश आकर्षित करने की जरूरत है, इसलिए वे इसके बारे में खूब शोर मचा रहे हैं। हालांकि हम सब्सिडी और प्रोत्साहन भी देते हैं, लेकिन हमें वह करने की जरूरत नहीं है जो उन्हें करना है। चाहे वह आंध्र प्रदेश हो , तेलंगाना हो या महाराष्ट्र , हमारी प्रतिस्पर्धा सबसे अलग है। इसके बारे में बात करने के लिए हमारे पास आंकड़े हैं। पिछले साल हमारा आईटी निर्यात करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये था। उन्होंने आंकड़े गिनाते हुए कहा कि हम यूनिकॉर्न, एयरोस्पेस रक्षा निर्माण में नंबर एक हैं। बावजूद इसके हमें प्रतिस्पर्धा पसंद है, वे मुफ्त जमीन, पानी और जितनी चाहें उतनी सब्सिडी दे सकते हैं, लेकिन लोग फिर भी हमारे पास आएंगे। इसका किसानों को कुछ एकड़ जमीन वापस देने से कोई लेना-देना नहीं है।

इसे भी पढ़ें- Air India Crash: 'पारदर्शी जांच से पहले दोष मढ़ना गैर-जिम्मेदाराना', एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट से FIP चिंतित

और किसने क्या क्या कहा?
कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल ने भी इस मसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर वास्तविक उद्योग के लिए भूमि उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आंध्र प्रदेश में एयरोस्पेस और रक्षा उद्योग स्थापित करना उनका अधिकार है । लेकिन सिर्फ एक जमीन विवाद की घटना के कारण यह नहीं कि सब खत्म हो गया। हमारे पास पर्याप्त जगह और जमीन है। हम एयरोस्पेस रक्षा के क्षेत्र में देश के 65 प्रतिशत से ज़्यादा का योगदान दे रहे हैं। हमारे राज्य में जमीन की कमी के कारण एक भी उद्योग बंद नहीं होगा।


टीडीपी सांसद लावू श्री कृष्ण देवरायलु भी बोले- आंध्र में स्वागत
टीडीपी सांसद लावू श्री कृष्ण देवरायलु ने कहा कि अगर कोई कंपनी विस्तार करना चाहती है तो उसका आंध्र प्रदेश में स्वागत है ।" आंध्र प्रदेश में किसानों की कोई समस्या नहीं है । अमरावती में, किसानों ने नई राजधानी के विकास के लिए स्वेच्छा से 33,000 एकड़ जमीन दी। आंध्र प्रदेश का नेतृत्व और जनता विकास के प्रति सकारात्मक हैं और नई परियोजनाओं का स्वागत कर रहे हैं। हम किसी भी उद्योग का स्वागत करते हैं जो आंध्र प्रदेश आना चाहता है ।  

इसे भी पढ़ें- बदलाव: अब माननीयों को परोसी जाएगी रागी इडली, ज्वार उपमा; बिरला की पहल पर संसद के लिए तैयार किया गया नया मेनू

सिद्धारमैया ने मंगलवार को किया था भूमि अधिग्रहण कार्यक्रम वापस लेने का एलान
सीएम सिद्धारमैया ने मंगलवार को इसका भूमि अधिग्रहण कार्यक्रम को वापस लेने का एलान किया था। उन्होंने कहा था कि सरकार ने पीछे हटने का फैसला किया है, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि अगर किसान भूमि अधिग्रहण के लिए सहमति जताते हैं तो सरकार उनसे सही दाम पर जमीन खरीदने के लिए तैयार है। सीएम ने कहा था कि 'यह जमीन बंगलूरू के पास है, जहां अच्छी खेती होती है और यह कई किसानों की आजीविका का साधन है। इसलिए हमने अधिग्रहण रद्द करने का फैसला किया है।' चूंकि यह जमीन हवाई अड्डे के पास हरित पट्टी में है, इसलिए किसानों ने सरकार से इसे अधिग्रहित न करने का आग्रह किया था और इस योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किए थे। हालांकि सीएम ने साफ किया कि यह छूट सिर्फ इस जमीन के लिए दी जा रही है और कहीं और ये छूट नहीं मिलेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed