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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कब-कब किया राष्ट्र को संबोधित, यहां जानें सबकुछ
Tue, 24 Mar 2020 02:12 PM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Tue, 24 Mar 2020 02:12 PM IST
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पीएम नरेंद्र मोदी ने बीती 19 मार्च को राष्ट्र को संबोधित किया था।
- फोटो : PTI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार रात आठ बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। वह देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर अपनी बात देशवासियों के सामने रखेंगे। पीएम मोदी ने एक ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करने वाले हैं। इससे पहले भी वह कई और मौकों पर राष्ट्र के नाम संदेश दे चुके हैं। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कब-कब राष्ट्र को संबोधित कर चुके हैं।
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आज किस विषय पर बात करेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बातें देशवासियों के साथ साझा करूंगा। आज, 24 मार्च रात 8 बजे देश को संबोधित करूंगा। बता दें कि पीएम ने इससे पहले 19 मार्च को भी देश को संबोधित किया था। तब पीएम ने लोगों से 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का पालन करने की अपील की थी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन : 19 मार्च, 2020- नवरात्र पर 9 आग्रह
- मेरा सभी देशवासियों से आग्रह है कि आने वाले कुछ सप्ताह तक बहुत जरूरी हो तभी अपने घर से बाहर निकलें। हो सके तो काम घर से ही करें।
- मैं आज से जनता कर्फ्यू की मांग करता हूं। यानि जनता के लिए, जनता द्वारा लगाया गया कर्फ्यू। 22 मार्च रविवार को सुबह 7 से रात 9 बजे तक सभी देशवासियों को जनता कर्फ्यू का पालन करना है। जनता कर्फ्यू हमें आने वाली चुनौती से भी तैयार करेगा।
- हमें 22 मार्च को शाम 5 बजे ताली या थाली बजाकर, सायरन बजाकर सेवाभावियों का धन्यवाद करना चाहिए।
- हमारे परिवार में जो भी वरिष्ठ नागरिक हैं, 60-65 आयु वाले बुजुर्ग, आने वाले कुछ सप्ताह तक वे घर से बाहर न निकलें।
- कोरोना सेनानियों को सम्मान दें, वे जो साफ-सफाई और जरूरी कामों में लगे हैं। जो लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं वो अपने साथ और अपने लिए काम करने वालों का ध्यान रखें। उनका वेतन न काटें।
- हमें देखना है कि हम अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव ना बढ़ाएं। रुटीन चेकअप के लिए अस्पताल के लिए न जाएं। ऐसी सर्जरी जो आगे बढ़ सकती है उसे आगे बढ़ा दें।
- इस महामारी का अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा है। इसके लिए सरकार ने सभी से जानकारी लेने के लिए कोविड-19 टास्क फोर्स का गठन किया है। ये टास्क फोर्स इस महामारी के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करेगा।
- घबराकर खरीदारी न करें, सामान संग्रह करने की होड़ न लगाएं। हम दूध और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति कभी नहीं रोकेंगे। जैसे आप सामान्य रूप से खरीदारी करते हैं वैसे ही करें।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन : 27 मार्च, 2019- मिशन शक्ति
- भारत आज अंतरिक्ष की महाशक्ति बना, हमारे वैज्ञानिकों ने लो अर्थ ऑरबिट में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है।
- भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बना है। इससे पहले सिर्फ रूस, अमेरिका और चीन के ये ताकत पास थी।
- मिशन 'शक्ति' के तहत ऑपरेशन महज तीन मिनट में पूरा हुआ। ये लक्ष्य 300 किलोमीटर दूर था।
- यह मिशन दोपहर 12 बजे से कुछ ही देर पहले शुरू हुआ था और काफी कम समय में हमारे वैज्ञानिकों ने यह कमाल कर दिखाया।
- भारत ने एंटी सैटेलाइट मिसाइल क्षमता हासिल की। भारत में ही निर्मित ए सैट मिसाइल से कामयाबी मिली है।
- हमारे वैज्ञानिकों पर हमें गर्व है। इस शानदार मिशन के लिए डीआरडीओ बधाई का पात्र है।
- अंतरिक्ष में भारत की प्रगति अहम है। ए-सैट मिसाइल भारत को सुरक्षा की दृष्टि से नई मजबूती देगी।
- हमारी अंतरिक्ष क्षमता किसी के विरुद्ध नहीं है। हमारा मकसद शांति बनाए रखना है, युद्ध करना नहीं।
- देशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए आधुनिक तकनीक को अपनाना होगा।
- हमें अपने लोगों की कर्मठता और योग्यता पर पूरा भरोसा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन : 15 फरवरी, 2019- पुलवामा हमले के बाद
- मैं पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए हैं। दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं, उनके परिवारों के साथ हैं।
- इस हमले की वजह से देश में जितना आक्रोश है, लोगों का खून खौल रहा है, ये मैं समझ रहा हूं। इस समय जो देश की अपेक्षाएं हैं, कुछ कर गुजरने की भावनाएं हैं, वो स्वाभाविक है। हमारे सुरक्षा बलों को पूर्ण स्वतंत्रता दी हुई है। हमें अपने सैनिकों के शौर्य पर पूरा भरोसा है।
- मुझे पूरा भरोसा है कि देशभक्ति के रंग में रंगे लोग सही जानकारियां भी हमारी एजेंसियों तक पहुंचाएंगे, ताकि आतंक को कुचलने में हमारी लड़ाई और तेज हो सके।
- मुझे पूरा भरोसा है कि देशभक्ति के रंग में रंगे लोग सही जानकारियां भी हमारी एजेंसियों तक पहुंचाएंगे, ताकि आतंक को कुचलने में हमारी लड़ाई और तेज हो सके।
- जो हमारी आलोचना कर रहे हैं, उनकी भावनाओं को भी मैं समझ रहा हूं। उनका पूरा अधिकार है।
- लेकिन मेरा सभी साथियों से अनुरोध है कि, ये बहुत ही संवेदनशील और भावुक समय है, इसलिए राजनीतिक छींटाकशी से दूर रहें। इस हमले का देश एकजुट होकर मुकाबला कर रहा है, ये स्वर विश्व में जाना चाहिए।
- पूरे विश्व में अलग-थलग पड़ चुका हमारा पड़ोसी देश अगर ये समझता है कि जिस तरह के कृत्य वो कर रहा है, जिस तरह की साजिशें रच रहा है, उससे भारत में अस्थिरता पैदा करने में सफल हो जाएगा, तो वो बहुत बड़ी भूल कर रहा है।
- इस समय बड़ी आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहे हमारे पड़ोसी देश को ये भी लगता है कि वो ऐसी तबाही मचाकर, भारत को बदहाल कर सकता है। उसके ये मंसूबे भी कभी पूरे नहीं होंगे। 130 करोड़ हिंदुस्तानी ऐसी हर साजिश, ऐसे हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे।
- साथियों, पुलवामा हमले के बाद, अभी मन: स्थिति और माहौल दुःख और साथ ही साथ आक्रोश का है। ऐसे हमलों का देश डटकर मुकाबला करेगा, रुकने वाला नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन : 8 नवंबर, 2016- नोटबंदी
- पिछले ढाई वर्षों में सवा सौ करोड़ देशवासियों के सहयोग से आज भारत ने ग्लोबल इकॉनमी में एक "ब्राइट स्पॉट" के रूप में उपस्तिथि दर्ज कराई है।
- यह सरकार गरीबों को समर्पित है और समर्पित रहेगी। देश में भ्रष्टाचार और कला धन जैसी बीमारियों ने अपना जड़ जमा लिया है और देश से गरीबी हटाने में ये सबसे बड़ी बाधा है।
- हर देश के विकास के इतिहास में ऐसे क्षण आये हैं जब एक शक्तिशाली और निर्णायक कदम की आवश्यकता महसूस की गई।
- सीमा पार के हमारे शत्रु जाली नोटों के जरिये अपना धंधा भारत में चलाते हैं और यह सालों से चल रहा है।
- आज मध्य रात्रि से वर्तमान में जारी 500 रुपये और 1,000 रुपये के करेंसी नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे यानि ये मुद्राएं कानूनन अमान्य होंगी। देशवाशियों को कम से कम तकलीफ का सामना करना पड़े, इसके लिए हमने कुछ इंतजाम किए हैं।
- आपकी धनराशि आपकी ही रहेगी, आपको कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। समय समय पर मुद्रा व्यवस्था को ध्यान में रख कर रिजर्व बैंक, केंद्र सरकार की सहमति से नए अधिक मूल्य के नोट को सर्कुलेशन में लाता रहा है।