{"_id":"5a1c40374f1c1b68678be691","slug":"president-ramnath-kovind-said-decreasing-gender-ratio-is-the-reason-of-worry","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बोले- घटता लिंग अनुपात चिंता का बड़ा कारण","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बोले- घटता लिंग अनुपात चिंता का बड़ा कारण
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Mon, 27 Nov 2017 10:13 PM IST
विज्ञापन
ramnath kovind
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को कहा कि देश में घटता लिंगानुपात चिंता का कारण है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से सरकार की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पहल को समर्थन देने को कहा। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि वे गरीबों और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील बने रहें।
विज्ञापन
पढ़ें: गीता जयंती शुरू, राष्ट्रपति बोले- बेटियों की उपलब्धियां मुझे खींच लाईं कुरुक्षेत्र
विज्ञापन
राष्ट्रपति ने कहा, हमारा देश तेज गति से तरक्की कर रहा है। स्वास्थ्य और सामाजिक सूचकांकों को भी इसके साथ ही आगे बढ़ना चाहिए। देश में बीमारियों का बोझ बदलाव से गुजर रहा है। हमें टीबी, मलेरिया और डेंगू जैसे संचारी रोगों से निपटना होगा, साथ ही गैर-संचारी रोगों के बढ़ते मामलों को भी देखना होगा।
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान द्वारा कराए गए दूसरे फाउंडेशन कोर्स के जनरल ड्यूटी चिकित्सा अधिकारियों (जीडीएमओएस) को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने ये बातें कहीं। ये सभी सोमवार को राष्ट्रपति भवन में रामनाथ कोविंद से मिले थे।
उन्होंने कहा, बदलती स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से निपटने के लिए सरकार एक दशक से ज्यादा समय के बाद संशोधित राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति लाई है। पुरुष-महिला का प्रतिकूल लिंग अनुपात चिंता का बड़ा कारण है। अल्पपोषण और कुपोषण ऐसे क्षेत्र हैं, जहां बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है।
पढ़ें: अमर उजाला पोल: दिवालिया कानून से फ्रॉड कारोबारियों पर लगेगी लगाम
राष्ट्रपति ने कहा, डॉक्टरों के लिए जहां स्वास्थ्य चिंता का एक अहम कारण है, देश की सामाजिक-आर्थिक तरक्की में भी उनकी अहम भूमिका है। सकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘स्वस्थ भारत’ जैसे अभियानों को डॉक्टरों के समर्थन और सहयोग की आवश्यकता है।