{"_id":"6888c8b3fbe6b91c2b0ba417","slug":"politics-not-sindoor-flows-in-pm-s-veins-tmc-s-ghose-attacks-govt-over-pahalgam-terror-response-2025-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajya Sabha: 'पीएम की नसों में सिंदूर नहीं, राजनीति बहती है..', TMC सांसद सागरिका घोष ने सरकार पर हमला बोला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Rajya Sabha: 'पीएम की नसों में सिंदूर नहीं, राजनीति बहती है..', TMC सांसद सागरिका घोष ने सरकार पर हमला बोला
Tue, 29 Jul 2025 06:42 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 29 Jul 2025 06:42 PM IST
सार
Rajya Sabha: राज्यसभा में टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की नसों में सिंदूर नहीं, बल्कि सिर्फ राजनीति बहती है, जिसकी वजह से पहलगाम हमला हुआ। उन्होंने सीमा सुरक्षा चूक को लेकर सवाल उठाए और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से जिम्मेदारी लेने को कहा।
विज्ञापन
सागरिका घोष
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राज्यसभा में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा के दौरान मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद सागरिका घोष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) की नसों में सिंदूर नहीं, केवल राजनीति बहती है। अगर सिंदूर बहता, तो पहलगाम जैसी घटना नहीं होती।
घोष ने सवाल उठाते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा में लापरवाही के कारण ही आतंकवादी पहलगाम में घुसे। उन्होंने पूछा, "अभी तक किसी की जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई? उन्होंने यह भी पूछा कि प्रधानमंत्री विदेश दौरे तो करते हैं लेकिन सीमा के गांवों में पीड़ितों से मिलने नहीं जाते। टीएमसी सांसद ने भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, जब सरकार कहती है कि पाकिस्तान को सबक सिखाया जाएगा, तो फिर 2025 एशिया कप में भारत पाकिस्तान से क्रिकेट क्यों खेल रहा है?
ये भी पढ़ें: मल्लिकार्जुन खरगे पर राज्यसभा में नड्डा के बयान पर बवाल; बाद में शब्द वापस लिए, माफी भी मांगी
विज्ञापन
टीएमसी सांसद ने कहा कि सरकार सहानुभूति नहीं बल्कि प्रचार में व्यस्त है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री सेना की वर्दी पहने हुए पोस्टर में दिखाए जा रहे हैं, लेकिन जिन गांवों पर बमबारी हुई, वहां अब तक न कोई मदद पहुंची, न कोई ठोस कदम उठाया गया। सागरिका घोष ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 16 नागरिकों की मौत हुई और सीमा के गांवों को मॉक ड्रिल से भी बाहर रखा गया। उन्होंने मीडिया में फर्जी खबरों के प्रचार पर भी नाराजगी जताई और कहा कि युद्ध के दौरान झूठ फैलाना अपराध है।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जब जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा केंद्र सरकार के अधीन है, तो केंद्रीय गृहमंत्री जिम्मेदारी क्यों नहीं ले रहे। घोष ने पूछा, गृहमंत्री कब तक अपनी जिम्मेदारी से भागते रहेंगे? टीएमसी सांसद ने सरकार के उस दावे को भी झूठा बताया, जिसमें कहा गया था कि कश्मीर में सब सामान्य है। उन्होंने कहा, सरकार बार-बार कह रही कि कश्मीर में सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। लेकिन क्या कश्मीर वाकई सामान्य है? इसका जवाब है - बिलकुल नहीं। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की नृशंस हत्या कर दी गई थी। इसके जवाब में भारत ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए थे।
विज्ञापन
घोष ने सवाल उठाते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा में लापरवाही के कारण ही आतंकवादी पहलगाम में घुसे। उन्होंने पूछा, "अभी तक किसी की जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई? उन्होंने यह भी पूछा कि प्रधानमंत्री विदेश दौरे तो करते हैं लेकिन सीमा के गांवों में पीड़ितों से मिलने नहीं जाते। टीएमसी सांसद ने भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, जब सरकार कहती है कि पाकिस्तान को सबक सिखाया जाएगा, तो फिर 2025 एशिया कप में भारत पाकिस्तान से क्रिकेट क्यों खेल रहा है?
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: मल्लिकार्जुन खरगे पर राज्यसभा में नड्डा के बयान पर बवाल; बाद में शब्द वापस लिए, माफी भी मांगी
विज्ञापन
टीएमसी सांसद ने कहा कि सरकार सहानुभूति नहीं बल्कि प्रचार में व्यस्त है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री सेना की वर्दी पहने हुए पोस्टर में दिखाए जा रहे हैं, लेकिन जिन गांवों पर बमबारी हुई, वहां अब तक न कोई मदद पहुंची, न कोई ठोस कदम उठाया गया। सागरिका घोष ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 16 नागरिकों की मौत हुई और सीमा के गांवों को मॉक ड्रिल से भी बाहर रखा गया। उन्होंने मीडिया में फर्जी खबरों के प्रचार पर भी नाराजगी जताई और कहा कि युद्ध के दौरान झूठ फैलाना अपराध है।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जब जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा केंद्र सरकार के अधीन है, तो केंद्रीय गृहमंत्री जिम्मेदारी क्यों नहीं ले रहे। घोष ने पूछा, गृहमंत्री कब तक अपनी जिम्मेदारी से भागते रहेंगे? टीएमसी सांसद ने सरकार के उस दावे को भी झूठा बताया, जिसमें कहा गया था कि कश्मीर में सब सामान्य है। उन्होंने कहा, सरकार बार-बार कह रही कि कश्मीर में सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। लेकिन क्या कश्मीर वाकई सामान्य है? इसका जवाब है - बिलकुल नहीं। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की नृशंस हत्या कर दी गई थी। इसके जवाब में भारत ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए थे।