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असहिष्णुता और अन्याय के खिलाफ गुस्से में उठी हर आवाज में गुरमेहर: राहुल गांधी

Mon, 27 Feb 2017 08:27 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 27 Feb 2017 08:27 PM IST
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Politics began on Ramjas College violance, bjp's counterattack on congress

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) पर निशाना साधने वाली दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की छात्रा और कारगिल युद्घ के शहीद की बेटी गुरमेहर कौर सियासी महाभारत में फंस गई हैं। भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा ने छात्रा की तुलना अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम से की है तो गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने आशंका जताई कि गुरमेहर को राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी प्रभावित कर रहे हैं।

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सोमवार को ट्वीट पर गृह राज्यमंत्री ने सवाल किया कि कौन इस युवा छात्रा का दिमाग प्रदूषित कर रहा है। इस बीच, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुरमेहर के समर्थन में मैदान में कूद गए हैं। उन्होंने ट्वीट किया है कि असहिष्णुता और अन्याय के खिलाफ उठी हर आवाज में गुरमेहर कौर मौजूद होगी।
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उन्होंने छात्रा को समर्थन देते हुए कहा है कि भय और अत्याचार के खिलाफ हम अपने छात्रों के साथ खड़े हैं। गौरतलब है कि बीते दिनों डीयू में छात्र संगठनों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद छात्रा ने खुल कर एबीवीपी का विरोध किया था।

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इन नेताओं ने जमकर की मामले पर बयानबाजी

Politics began on Ramjas College violance, bjp's counterattack on congress

इस मामले में विवाद तब और बढ़ गया जब भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा ने छात्रा की तुलना दाउद से कर दी। इसके बाद रिजिजू ने ट्वीट के जरिए कहा कि इस छात्रा के दिमाग को कौन प्रदूषित कर रहा है। मामले में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, वित्त मत्री अरुण जेटली और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी शब्दों के वाण चलाए हैं।

रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि 'क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ यह है कि कश्मीर की आजादी के लिए नारे लगाए जाएं, बस्तर की आजादी के लिए नारेबाजी हो?' वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कैंपस की हिंसा का जिम्मेदार अलगाववादी ताकतों को बताया।

केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा कि "असंतोष स्वीकार्य है लेकिन विघटन नहीं"। कोई कैसे कश्मीर की आजादी की वकालत कर सकता है। आप विश्वविद्यालयों को अलगाववादियों की प्रयोगशाला बनाना चाहते हैं।

एबीवीपी एक राष्ट्रीय संगठन है। अलग संस्थाओं के अपने अलग मत हैं, उन्हें बयान करने दो। क्यों बाहरी लोग कैंपस के भीतर घुसकर अशांति फैला रहे हैं। कुछ समूह युवाओं को गुमराह कर, लोगों की भावनाओं को भड़काकर सामुदायिक तनाव पैदा करना चाहते हैं।

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