फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Police Modernization: In three years Rs 4846 crore has been sanctioned for police modernization

Police Modernization: तीन साल में पुलिस आधुनिकीकरण पर 4846 करोड़ तो सीएपीएफ के लिए मंजूर हुए 1523 करोड़ रुपये

Wed, 11 Feb 2026 07:37 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Wed, 11 Feb 2026 07:37 PM IST
विज्ञापन
Police Modernization: In three years Rs 4846 crore has been sanctioned for police modernization
सीएपीएफ - फोटो : अमर उजाला

केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पुलिस आधुनिकीकरण सहायता (एएसयूएमपी) योजना के माध्यम से उनके प्रयासों में सहयोग करती है। इसका उद्देश्य पुलिस स्टेशनों को आधुनिक तकनीक, हथियार, संचार प्रणाली, गतिशीलता और चुनिंदा बुनियादी ढांचे जैसे पुलिस स्टेशन और आवास से लैस करके पुलिस बुनियादी ढांचे को अत्याधुनिक स्तर पर मजबूत करना है। केंद्र सरकार ने विभिन्न राज्यों और यूटी को पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 2021-22 से 2025-26 तक 4846 करोड़ रुपये का परिव्यय स्वीकृत किया है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) में उक्त अवधि के दौरान आधुनिकीकरण के लिए 1523 करोड़ रुपये के खर्च वाली योजनाओं को मंजूरी दी है। 

विज्ञापन


एक जनवरी 2022 से लेकर 31 मार्च 2026 तक 1523 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली आधुनिकीकरण योजना-IV में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, असम राइफल्स, एनएसजी और एसएसबी जैसे बल शामिल हैं। यह योजना वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए हथियारों, निगरानी, संचार उपकरणों, वाहनों और सुरक्षात्मक उपकरणों को उन्नत करने पर केंद्रित है।
विज्ञापन


गृह मंत्रालय और डीआरडीओ ने सीएपीएफ में डीआरडीओ द्वारा विकसित उत्पादों को शामिल करने के लिए एक सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली विकसित की है। सबसे पहले, गृह मंत्रालय (उपयोगकर्ता सीएपीएफ) द्वारा परिचालन आवश्यकताओं (ओआर) का अनुमान लगाया जाता है, फिर डीआरडीओ द्वारा क्यूआर/टीडी तैयार किए जाते हैं। सीएपीएफ द्वारा सहयोग से इन्हें अंतिम रूप दिया जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद, सर्वोच्च परिषद द्वारा अंतिम रूप दी गई मात्रा के साथ आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) के आधार पर, डीआरडीओ विकास-सह-उत्पादन भागीदार (डीसीपीपी)/उत्पादन एजेंसी (पीए) के साथ मिलकर प्रणाली विकसित करता है। आखिरी चरण में उपयोगकर्ता परीक्षण और डीआरडीओ द्वारा उपयोगकर्ता सीएपीएफ को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (टीओटी) की सूचना देने के बाद, उपयोगकर्ता सीएपीएफ द्वारा आपूर्ति आदेश दिए जाते हैं। गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी है। 




 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed