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पुलिस स्मृति दिवस: 61 साल पहले चीन ने सीआरपीएफ जवानों को मारकर सीमा पर की थी तनाव की शुरुआत
Wed, 21 Oct 2020 02:14 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 21 Oct 2020 02:14 AM IST
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Police Memorial day (File Photo)
- फोटो : Wikipedia
हर साल 21 अक्तूबर को मनाया जाने वाला पुलिस स्मृति दिवस के पीछे भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव की शुरुआत की कहानी है। हालांकि इसे आजादी के बाद ड्यूटी पर जान देने वाले 34 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है। 21 अक्तूबर, 1959 को पूर्वी लद्दाख में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने कायरतापूर्ण हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दस जवान शहीद हुए थे। देश के इतिहास में यह पहला मौका था जब सीमा पर सेना नहीं पुलिस के जवान शहीद हुए थे। जवानों के सम्मान में पुलिस स्मृति दिवस मनाने की शुरुआत हुई।
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सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, 1959 में सीआरपीएफ के 15 जवान पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग के पास गश्त कर रहे थे। यहां चांग चिनमो घाटी में चीनी सेना ने घात लगाकर सीआरपीएफ की टुकड़ी पर हमला कर दिया। इसमें 10 जवान मौके पर ही शहीद हुए थे, जबकि पांच को चीनी सेना ने बंधक बना लिया था। सिर्फ बोल्ट एक्शन 303 राइफल से लैस सीआरपीएफ दल के प्रमुख डीएसपी करम सिंह ने चीन की बड़ी टुकड़ी व उन्नत हथियारों को देखते हुए सरेंडर कर दिया।
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हालांकि कमजोर पड़ने के बावजूद सीआरपीएफ के जवानों ने तीन चीनी सैनिकों को मार गिराया। बेवजह चीनी सेना के हिंसक होने से सीमा पर तेजी से समीकरण बदलने लगे। इन पांच जवानों की चीनी सेना ने करीब तीन दिन तक अमानवीय प्रताड़ना दी। दिल्ली से दखल के बाद दस जवानों के शव और पांच जिंदा जवानों को लौटाया गया। इस घटना के बाद भारत ने चीन सीमा पर सेना व आईटीबीपी को तैनात किया गया था।
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अब भी कुछ नहीं बदला
सूत्रों ने बताया कि दरअसल चीनी सेना ने यह समझा कि भारतीय फौज अक्साई चिन पर कब्जा करने की तैयारी कर रही है। उस समय चीन, तिब्बत व शिनजियांग को जोड़ने वाले हाइवे को ठोस रूप दे रहा था, जो अक्साई चिन से होकर गुजरता था। हालांकि 61 साल बाद आज भी कुछ नहीं बदला है। इस बार पूर्वी लद्दाख में चीन की बौखलाहट की बड़ी वजह भारत के दौलत बेग ओल्डी-शियोग हाइवे के निर्माण को माना जा रहा है। इस हाइवे को चीन सामरिक लिहाज से बेहद खतरनाक मानता है।