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Hindi News ›   India News ›   PoK: Pakistani Army captured the land of Sharda Peeth religious place of Kashmiri Pandits, built a coffee home

PoK: पाकिस्तानी आर्मी ने कश्मीरी पंडितों के धार्मिक स्थल 'शारदा पीठ' की जमीन पर किया कब्जा, बनाया कॉफी होम

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Tue, 05 Dec 2023 07:42 PM IST
सार

PoK: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित कश्मीरी पंडितों की आस्था के प्रतीक  शारदापीठ यानी देवी सरस्वती के प्राचीन मन्दिर पर पाकिस्तानी आर्मी ने कब्जा कर लिया है। एलओसी के निकट नीलम नदी के किनारे स्थित इस धार्मिक स्थल पर पाकिस्तानी सेना ने 'कॉफी होम' बना दिया है।

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PoK: Pakistani Army captured the land of Sharda Peeth religious place of Kashmiri Pandits, built a coffee home
पाक अधिकृत कश्मीर में शारदा पीठ। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित कश्मीरी पंडितों की आस्था के प्रतीक  शारदापीठ यानी देवी सरस्वती के प्राचीन मन्दिर पर पाकिस्तानी आर्मी ने कब्जा कर लिया है। एलओसी के निकट नीलम नदी के किनारे स्थित इस धार्मिक स्थल पर पाकिस्तानी सेना ने 'कॉफी होम' बना दिया है। पीठ की बाउंड्री वॉल तोड़ दी गई है। शारदा पीठ, मुजफ्फराबाद से लगभग 140 किलोमीटर और कुपवाड़ा से करीब 30 किलोमीटर दूर है। इस मामले में शारदा कमेटी, कश्मीर के संस्थापक एवं हेड रविंद्र पंडिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है। इस बाबत शारदा कमेटी ने प्रधानमंत्री कार्यालय को 30 नवंबर को पत्र भेजा था। एक दिसंबर को प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस पत्र को रिसीव किया गया है। 

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उक्त पत्र में जम्मू कश्मीर के हिंदू समुदाय ने शारदा पीठ के परिसर में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण पर गहरी चिंता जताई है। शारदा पीठ की बाउंड्री वॉल को नुकसान पहुंचाया गया है। सिविल सोसायटी के सदस्यों ने एलओसी के पार जाकर शारदा पीठ का मुआयना किया है। परिसर में मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक, शारदा पीठ परिसर के पास 73 कनाल का क्षेत्र था, लेकिन अब अतिक्रमण के चलते वह क्षेत्र महज 10 कनाल ही शेष बचा है। पाकिस्तान की सेना, वहां पर अतिक्रमण कर रही है। रविंद्र पंडिता ने प्रधानमंत्री कार्यालय से गुहार लगाई है कि इस संबंध में पाकिस्तान के साथ कड़े शब्दों में बातचीत कर आवश्यक कदम उठाया जाए। शारदा पीठ की मरम्मत का कार्य उचित प्रकार से कराया जाए। पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट 'आजाद जम्मू कश्मीर' द्वारा शारदा पीठ के रखरखाव को लेकर 3 जनवरी 2018 को दिए गए फैसले के अनुसार काम किया जाए। वहां के महानिदेशक पुरातत्व और पर्यटन द्वारा दिए गए आदेशों को भी ध्यान में रखें।  

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इस संबंध में पाकिस्तान में स्थित सिविल सोसायटी (आजाद जम्मू कश्मीर) द्वारा स्थानीय विभागों के साथ किए गए पत्राचार का हवाला भी दिया गया है। इसमें मुजफ्फराबाद के मंडल आयुक्त और पर्यटन विभाग के डीजी एवं पुरातत्व विभाग को भेजे गए पत्र भी शामिल हैं। साथ ही 'सेव शारदा कमेटी' कश्मीर 20 नवंबर 2023, आजाद जम्मू कश्मीर के सुप्रीम कोर्ट द्वारा कश्मीर की शारदा कमेटी को भेजा गया दस्तावेज और डीजी पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग के दस्तावेज भी अटैच किए गए हैं। वहां के स्थानीय विभागों को भेज पत्रों में लिखा है कि पाकिस्तानी आर्मी, वहां पर निर्णय लेती है। सिविल सोसायटी शारदा पीठ को एक ऐतिहासिक स्थल मानती है। यह ज्ञान एवं बुद्धि का केंद्र रहा है। यहां पर विभिन्न धर्मों के मध्य सौहार्द का माहौल रहा है। पाकिस्तान में शारदा पीठ के कायापल्ट की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं है। 
 

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उक्त पत्रों में कहा गया है कि आजाद जम्मू कश्मीर के प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहां पर लोगों की कमाई को उक्त स्थल पर खर्च नहीं किया जा सकता। ऐसी उम्मीद करना भी ठीक नहीं है कि दुनिया इस काम में साथ देगी। स्थल की बाउंड्री वॉल को कम से कम उसके मूल रूप में लाया जाए। पाकिस्तान में आजाद जम्मू कश्मीर के पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग द्वारा 'सेव शारदा कम्युनिटी कश्मीर' के संस्थापक रविंद्र पंडिता के पत्र का हवाला देकर कहा था कि स्थल पर दो साइन बोर्ड लगाए जाएं। इससे मंदिर में आने वाले पर्यटकों को उन बातों का पता चल सकेगा, जिनका उन्हें पालन करना है। पाकिस्तान के मुस्लिम एवं धार्मिक राष्ट्र होने के मद्देनजर, शारदा पीठ को संजोकर रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सुप्रीम कोर्ट, आजाद जम्मू कश्मीर द्वारा भी इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। अदालत के रजिस्ट्रार ने रविंद्र पंडिता को जनवरी 2018 में सूचित किया था। उसमें कहा गया है कि इस बाबत सुप्रीम कोर्ट, आजाद जम्मू कश्मीर में रहमतुल्लाह खान एवं अन्य बनाम आजाद सरकार, तीन अन्य बनाम आजाद सरकार, पांच अन्य बनाम आजाद सरकार और गुलाम नबी शाह 2015 एससीआर 816, याचिकाएं लगी थी। इनमें लोकल एजेंसियां, धार्मिक स्थलों जैसे मंदिर/गुरुद्वारा के रखरखाव के लिए जिम्मेदार हैं। ऐसे में लोकल प्रशासन से इस बाबत संपर्क करें। अगर राज्य के स्तर पर इस समस्या का हल नहीं होता तो अदालत में आएं। 
 

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस साल कश्मीर में एलओसी के निकट स्थित माता शारदा देवी मंदिर का वर्चुअल उद्घाटन किया था। जम्मू और कश्मीर के करनाह सेक्टर में नियंत्रण रेखा के निकट स्थित माता शारदा देवी मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए कश्मीरी पंडित, लंबे समय से मांग कर रहे थे। केंद्र सरकार, मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए सरकार आगे कदम बढ़ा रही है। इसका पहला चरण पूरा कर लिया गया है। मंदिर को बनाकर जनता को सौंप दिया गया है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार, इसे देवी शक्ति के 18 महाशक्ति पीठों में से एक माना गया है। यह मंदिर विद्या की देवी सरस्वती को समर्पित है। शैव संप्रदाय के जनक शंकराचार्य और वैष्णव संप्रदाय के प्रवर्तक रामानुजाचार्य, दोनों यहां पर आए थे। मार्च 2023 में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि सरकार यहां के लिए करतारपुर कॉरिडोर की तर्ज पर गलियारा तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

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