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नंदीग्राम-रेजीनगर उपचुनाव के लिए भाजपा ने कसी कमर: दोनों सीटों पर नियुक्त किए प्रभारी, किसे मिली जिम्मेदारी?
Thu, 17 Sep 2026 03:03 AM IST
राकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 17 Sep 2026 03:03 AM IST
सार
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्तूबर को उपचुनाव होना है। भाजपा ने नंदीग्राम की जिम्मेदारी ज्योतिरमय सिंह महतो और रेजीनगर की जिम्मेदारी गौरी शंकर घोष को दी है। दोनों सीटों पर भाजपा, कांग्रेस, वाम दलों और टीएमसी के दोनों गुटों के उम्मीदवार मैदान में हैं। टीएमसी के नाम और ‘जोड़ा घासफूल’ चुनाव चिह्न को लेकर चल रहा विवाद भी इन उपचुनावों को खास बना रहा है।
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने नंदीग्राम की जिम्मेदारी पार्टी सांसद और प्रदेश महासचिव ज्योतिरमय सिंह महतो को सौंपी है। वहीं, रेजीनगर सीट के लिए राज्य मंत्री गौरी शंकर घोष को प्रभारी बनाया गया है।
छह अक्तूबर को होना है मतदान
दोनों सीटों पर उपचुनाव के लिए छह अक्तूबर को मतदान होगा, जबकि नौ अक्तूबर को मतगणना होगी। इन दोनों सीटों पर उपचुनाव विधायकों के इस्तीफे के बाद जरूरी हुआ है। नंदीग्राम से 2026 का विधानसभा चुनाव जीतने वाले शुभेंदु अधिकारी ने यह सीट छोड़ दी थी। वहीं, रेजीनगर सीट से जीतने वाले आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर ने भी सीट खाली कर दी थी।
नंदीग्राम में क्यों अहम है मुकाबला?
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की बेहद चर्चित विधानसभा सीटों में रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला हुआ था। 2026 के विधानसभा चुनाव में भी अधिकारी ने नंदीग्राम से जीत दर्ज की थी। उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव जीता था, लेकिन बाद में भवानीपुर सीट बरकरार रखते हुए नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया।
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भाजपा ने नंदीग्राम उपचुनाव में हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। हसीरानी रथ शुभेंदु अधिकारी के पीए रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ की चुनाव बाद हत्या कर दी गई थी। वहीं रेजीनगर से सखारव सरकार को मैदान में उतारा गया है। पार्टी की ओर से दोनों उम्मीदवारों के नाम 15 सितंबर को घोषित किए गए थे।
नंदीग्राम में टीएमसी के दो उम्मीदवार क्यों?
नंदीग्राम का मुकाबला इस बार इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि टीएमसी के भीतर दो गुट आमने-सामने हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को मैदान में उतारा है।
रेजीनगर में क्या है तस्वीर?
रेजीनगर मुर्शिदाबाद जिले की विधानसभा सीट है। 2026 के विधानसभा चुनाव में यहां आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने रेजीनगर के साथ नाओदा सीट से भी चुनाव जीता था। बाद में नाओदा सीट अपने पास रखते हुए रेजीनगर से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद यहां उपचुनाव की नौबत आई।
यह भी पढ़ें: चांद पर दो साल पहले हुई जोरदार टक्कर: अब मिला 728 फीट का गड्ढा; हैरान क्यों हैं वैज्ञानिक?
रेजीनगर में किस-किस को टिकट?
रेजीनगर में भाजपा ने सखारव सरकार को टिकट दिया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट ने पूर्व विधायक रबिउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। ऋतब्रत बनर्जी के गुट ने सफीउज्जमान शेख को मैदान में उतारा है। इसके अलावा कांग्रेस और वाम दलों ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
टीएमसी के दो गुटों की लड़ाई भी बनी बड़ा मुद्दा
दोनों सीटों पर उपचुनाव ऐसे समय हो रहा है, जब टीएमसी के भीतर संगठन और पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर विवाद चल रहा है। ममता बनर्जी और रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुट खुद को असली टीएमसी बता रहे हैं। दोनों गुट ‘जोड़ा घासफूल’ चुनाव चिह्न पर भी दावा कर रहे हैं और इस मामले में चुनाव आयोग का फैसला अहम होगा।
भाजपा ने संगठन को क्यों उतारा मैदान में?
नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर भाजपा ने संगठन के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी है। ज्योतिरमय सिंह महतो नंदीग्राम में पार्टी की चुनावी तैयारियों और रणनीति की निगरानी करेंगे, जबकि गौरी शंकर घोष रेजीनगर में पार्टी की कमान संभालेंगे। उपचुनाव से पहले इन नियुक्तियों को भाजपा की जमीनी तैयारी के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होनी है। उम्मीदवार 19 सितंबर तक नाम वापस ले सकते हैं। ऐसे में अंतिम मुकाबले की तस्वीर नाम वापसी के बाद और साफ होगी।
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छह अक्तूबर को होना है मतदान
दोनों सीटों पर उपचुनाव के लिए छह अक्तूबर को मतदान होगा, जबकि नौ अक्तूबर को मतगणना होगी। इन दोनों सीटों पर उपचुनाव विधायकों के इस्तीफे के बाद जरूरी हुआ है। नंदीग्राम से 2026 का विधानसभा चुनाव जीतने वाले शुभेंदु अधिकारी ने यह सीट छोड़ दी थी। वहीं, रेजीनगर सीट से जीतने वाले आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर ने भी सीट खाली कर दी थी।
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नंदीग्राम में क्यों अहम है मुकाबला?
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की बेहद चर्चित विधानसभा सीटों में रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला हुआ था। 2026 के विधानसभा चुनाव में भी अधिकारी ने नंदीग्राम से जीत दर्ज की थी। उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव जीता था, लेकिन बाद में भवानीपुर सीट बरकरार रखते हुए नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया।
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भाजपा ने नंदीग्राम उपचुनाव में हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। हसीरानी रथ शुभेंदु अधिकारी के पीए रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ की चुनाव बाद हत्या कर दी गई थी। वहीं रेजीनगर से सखारव सरकार को मैदान में उतारा गया है। पार्टी की ओर से दोनों उम्मीदवारों के नाम 15 सितंबर को घोषित किए गए थे।
नंदीग्राम में टीएमसी के दो उम्मीदवार क्यों?
नंदीग्राम का मुकाबला इस बार इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि टीएमसी के भीतर दो गुट आमने-सामने हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को मैदान में उतारा है।
रेजीनगर में क्या है तस्वीर?
रेजीनगर मुर्शिदाबाद जिले की विधानसभा सीट है। 2026 के विधानसभा चुनाव में यहां आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने रेजीनगर के साथ नाओदा सीट से भी चुनाव जीता था। बाद में नाओदा सीट अपने पास रखते हुए रेजीनगर से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद यहां उपचुनाव की नौबत आई।
यह भी पढ़ें: चांद पर दो साल पहले हुई जोरदार टक्कर: अब मिला 728 फीट का गड्ढा; हैरान क्यों हैं वैज्ञानिक?
रेजीनगर में किस-किस को टिकट?
रेजीनगर में भाजपा ने सखारव सरकार को टिकट दिया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट ने पूर्व विधायक रबिउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। ऋतब्रत बनर्जी के गुट ने सफीउज्जमान शेख को मैदान में उतारा है। इसके अलावा कांग्रेस और वाम दलों ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
टीएमसी के दो गुटों की लड़ाई भी बनी बड़ा मुद्दा
दोनों सीटों पर उपचुनाव ऐसे समय हो रहा है, जब टीएमसी के भीतर संगठन और पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर विवाद चल रहा है। ममता बनर्जी और रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुट खुद को असली टीएमसी बता रहे हैं। दोनों गुट ‘जोड़ा घासफूल’ चुनाव चिह्न पर भी दावा कर रहे हैं और इस मामले में चुनाव आयोग का फैसला अहम होगा।
भाजपा ने संगठन को क्यों उतारा मैदान में?
नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर भाजपा ने संगठन के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी है। ज्योतिरमय सिंह महतो नंदीग्राम में पार्टी की चुनावी तैयारियों और रणनीति की निगरानी करेंगे, जबकि गौरी शंकर घोष रेजीनगर में पार्टी की कमान संभालेंगे। उपचुनाव से पहले इन नियुक्तियों को भाजपा की जमीनी तैयारी के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होनी है। उम्मीदवार 19 सितंबर तक नाम वापस ले सकते हैं। ऐसे में अंतिम मुकाबले की तस्वीर नाम वापसी के बाद और साफ होगी।