Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   PoJK Movement: Civic Uprising Continues, Expert Qamar Agha Says Large Section Seeks to Join India

PoJK Protest: नागरिक विद्रोह है पीओके का आंदोलन, रुकने वाला नहीं; आगा बोले- भारत से जुड़ना चाहता है बड़ा वर्ग

Fri, 03 Oct 2025 06:37 AM IST
शिवम गर्ग आशुतोष भाटिया
आशुतोष भाटिया Published by: शिवम गर्ग Updated Fri, 03 Oct 2025 06:37 AM IST
सार

PoJK Agitation: पीओके में जारी नागरिक विद्रोह आर्थिक संकट और आधारभूत सुविधाओं की कमी के चलते बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता और एक बड़ा वर्ग भारत से जुड़ना चाहता है।

विज्ञापन
PoJK Movement: Civic Uprising Continues, Expert Qamar Agha Says Large Section Seeks to Join India
Qamar Agha - फोटो : ANI

विस्तार

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में शुरू हुआ आंदोलन नागरिक विद्रोह है जो जल्द थमने वाला नहीं है। रक्षा और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ भी मानते हैं कि आर्थिक रूप से पिछड़ेपन, शिक्षा के अवसरों की कमी, रोजगार न होने जैसी चीजों ने इस आंदोलन को तेज गति से भड़कने में मदद दी है।

विज्ञापन


अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार कमर आगा ने अमर उजाला से कहा पीओजेके एक गंभीर राजनीतिक-नागरिक संकट की ओर बढ़ रहा है। बुनियादी चीजों से आगे बढ़ कर अब यह आंदोलन संरचनात्मक सुधार की मांग तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा, यह आंदोलन आसानी से नहीं रुकेगा। यह नागरिक विद्रोह है, जिसे दबाने की कोशिश की जा रही है। आगा ने कहा यह इलाका बहुत ज्यादा पिछड़ा है। ढंग के स्कूल-कॉलेज नहीं खुले। बिजली बनती है तो चीन चली जाती है, स्थानीय लोगों को कुछ नहीं मिलता। लोग लंबे समय से आधारभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- India-China Air Services: भारत-चीन के बीच 26 अक्तूबर से शुरू होंगी सीधी उड़ान सेवा, पांच साल बाद कम हुई तकरार
विज्ञापन
विज्ञापन


आर्थिक संकट से सबसे प्रभावित है पीओजेके
दरअसल, पाकिस्तान में जारी आर्थिक संकट का सबसे बुरा असर पीओजेके पर पड़ा है। खाद्य सामग्री, ईंधन और बिजली जैसी मूलभूत जरूरतों की कीमतें बेतहाशा बढ़ गई हैं, जिससे आम लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है। पाकिस्तान में पीओजेके के नागरिकों को दोयम दर्ज का माना जाता है। यहां बिजली का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है, मगर स्थानीय लोगों को इसके इस्तेमाल के लिए ऊंची कीमत चुकानी पड़ती है। यह ऐसा मुद्दा है जिसने जनता के गुस्से को भड़काया है। जनता में भावना है कि पाकिस्तानी सरकार पीओके के संसाधनों का शोषण कर रही है।


आगे किस दिशा में जाएगा विद्रोह, यह बड़ा सवाल
कमर आगा कहते हैं पीओजेके का एक बड़ा वर्ग भारत से जुड़ना चाहता है। वहीं, भूराजनीतिक मामलों के विशेषज्ञ कैप्टन आलोक बंसल ने कहा कि मुजफ्फराबाद में आम लोग पाकिस्तानी सेना की प्रशासनिक मामलों में दखलअंदाजी के खिलाफ आवाजें उठाने लगे हैं, लेकिन अभी ये अपने दम पर पाकिस्तान के आधिपत्य से खुद को छुड़ा पाने में अक्षम हैं।

ये भी पढ़ें:- मौसम: जम्मू-कश्मीर समेत 13 राज्यों में बारिश का अलर्ट, अगले कुछ दिन तक निजात नहीं; कई प्रदेशों में बिजली गिरी

अवामी एक्शन कमेटी की ध्यान देने की अपील
जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और वैश्विक मानवाधिकार संगठनों से पीओजेके में जारी संकट पर फौरन ध्यान देने की अपील की है। नजीर ने कहा, एक शांतिपूर्ण जनांदोलन सरकार की दमनात्मक कार्रवाई, मानवाधिकार उल्लंघन और निर्दोष लोगों की हत्या का सामना कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed