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Tamil Nadu: सेंथिल बालाजी के खिलाफ पीएमएलए केस में अदालत ने तय किए आरोप, पूर्व मंत्री ने खुद को बताया निर्दोष
Thu, 08 Aug 2024 09:31 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 08 Aug 2024 09:31 PM IST
सार
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के खिलाफ एक सत्र अदालत ने गुरुवार को धनशोधन मामले में पीएमएलए के प्रावधानों के तहत आरोप तय किए। वी. सेंथिल बालाजी को पिछले साल ईडी ने गिरफ्तार किया था।
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सेंथिल बालाजी के खिलाफ अदालत ने तय किए आरोप
- फोटो : ANI
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विस्तार
चेन्नई में एक सत्र अदालत ने धनशोधन मामले में तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के खिलाफ पीएमएलए के प्रावधानों के तहत आरोप तय किए हैं। प्रधान सत्र न्यायाधीश एस अल्ली के समक्ष सेंथिल बालाजी को जेल अधिकारियों ने पेश किया। इसके बाद न्यायाधीश ने उनके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 3 के तहत आरोप तय किए, जो अधिनियम की धारा 4 के तहत दंडनीय है। न्यायाधीश ने पूर्व मंत्री को आरोप भी पढ़कर सुनाए।
न्यायाधीश से बोले सेंथिल बालाजी- मैं दोषी नहीं हूं
वहीं इस सुनवाई के दौरान जब न्यायाधीश ने सेंथिल बालाजी से पूछा कि वह दोषी हैं या नहीं, तो उन्होंने कहा कि वह दोषी नहीं हैं। इससे पहले, न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष का मामला पढ़ा, जिसमें कथित नौकरी भर्ती घोटाले से संबंधित लेन-देन शामिल थे, जब बालाजी पिछली एआईएडीएमके सरकार के दौरान परिवहन मंत्री थे। इसमें नौकरी के लिए नकदी लेना, बैंकों में उसी को जमा करना और संपत्ति की खरीद भी शामिल थी।
सेंथिल बालाजी ने आरोपों से किया इनकार
न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने अपराध से आय अर्जित की और इस तरह जानबूझकर आय एकत्र की। इससे पीएमएलए की धारा 3 और 4 के तहत अपराध सामने आए। आरोप तय होने के बाद सेंथिल बालाजी ने न्यायाधीश से कहा कि वह आरोपों से इनकार कर रहे हैं और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।
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'राजनीतिक प्रतिशोध के कारण थोपा गया मामला'
अपनी दलील के दौरान पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी ने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध के कारण उनके खिलाफ यह मामला थोपा गया है। उन्होंने कहा कि वह गवाहों से जिरह करना चाहते हैं। लेकिन न्यायाधीश ने कहा कि वह आरोप तय करने की इस कार्यवाही में उनके बयान दर्ज नहीं कर सकती हैं।
16 अगस्त तक बढ़ाई गई बालाजी की रिमांड
अदालत ने डीएमके के वरिष्ठ नेता बालाजी की रिमांड अवधि 16 अगस्त तक बढ़ा दी। न्यायाधीश ने उस दिन जांच के लिए तीन गवाहों को समन जारी करने का भी आदेश दिया। बालाजी को 14 जून, 2023 को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। केंद्रीय एजेंसी ने पिछले अगस्त में उनके खिलाफ 3000 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालतों ने बालाजी की कई जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
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न्यायाधीश से बोले सेंथिल बालाजी- मैं दोषी नहीं हूं
वहीं इस सुनवाई के दौरान जब न्यायाधीश ने सेंथिल बालाजी से पूछा कि वह दोषी हैं या नहीं, तो उन्होंने कहा कि वह दोषी नहीं हैं। इससे पहले, न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष का मामला पढ़ा, जिसमें कथित नौकरी भर्ती घोटाले से संबंधित लेन-देन शामिल थे, जब बालाजी पिछली एआईएडीएमके सरकार के दौरान परिवहन मंत्री थे। इसमें नौकरी के लिए नकदी लेना, बैंकों में उसी को जमा करना और संपत्ति की खरीद भी शामिल थी।
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सेंथिल बालाजी ने आरोपों से किया इनकार
न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने अपराध से आय अर्जित की और इस तरह जानबूझकर आय एकत्र की। इससे पीएमएलए की धारा 3 और 4 के तहत अपराध सामने आए। आरोप तय होने के बाद सेंथिल बालाजी ने न्यायाधीश से कहा कि वह आरोपों से इनकार कर रहे हैं और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।
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'राजनीतिक प्रतिशोध के कारण थोपा गया मामला'
अपनी दलील के दौरान पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी ने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध के कारण उनके खिलाफ यह मामला थोपा गया है। उन्होंने कहा कि वह गवाहों से जिरह करना चाहते हैं। लेकिन न्यायाधीश ने कहा कि वह आरोप तय करने की इस कार्यवाही में उनके बयान दर्ज नहीं कर सकती हैं।
16 अगस्त तक बढ़ाई गई बालाजी की रिमांड
अदालत ने डीएमके के वरिष्ठ नेता बालाजी की रिमांड अवधि 16 अगस्त तक बढ़ा दी। न्यायाधीश ने उस दिन जांच के लिए तीन गवाहों को समन जारी करने का भी आदेश दिया। बालाजी को 14 जून, 2023 को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। केंद्रीय एजेंसी ने पिछले अगस्त में उनके खिलाफ 3000 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालतों ने बालाजी की कई जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है।