'दुनिया में आर्थिक उथल-पुथल के बीच भारत आशा की किरण'
- भारत के सितारे बुलंद हैं : आईएमएफ प्रमुख
- महंगाई में कमी आई है, राजकोषीय समेकन स्थिर है, भुगतान की स्थिति संतुलित है और विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी है
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत को मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता का ठिकाना बताते हुए ‘सुधार के लिए बदलाव’ जारी रखने का वादा किया। साथ ही उन नीतियों को जारी रखने का भी वादा किया जो वृद्धि को रफ्तार दे सकते हैं और समावेशन में मददगार हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की बढ़ोतरी के मुकाबले सबसे तेज है और एशिया में सबसे अलग है। भारत और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा आयोजित एडवांसिंग एशिया सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अपने साझेदारों की कीमत पर हमने व्यापार में बढ़ोतरी के लिए कभी प्रयास नहीं किया। हम मैक्रोइकोनॉमिक नीतियों में अपने आर्थिक फायदे के लिए अपने सहयोगी देशों के हितों की परवाह करते हैं।
हमने अपने विनिमय दर को कभी कमतर नहीं आंका। ’उन्होंने कहा कि भारत मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता का ठिकाना है और वैश्विक समस्याओं के बीच आशा, गतिशीलता और अवसरों की उम्मीद है। भारत ने इस मिथक को तोड़ा है कि लोकतंत्र और विकास एक साथ नहीं चल सकते।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत ने प्रदर्शित किया है कि एक बड़े और विविधता वाले देश का प्रबंधन इस प्रकार किया जा सकता है जिससे आर्थिक विकास में बढ़ोतरी के साथ-साथ सामाजिक स्थिरता भी बरकरार रहे।’ मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि महंगाई में कमी आई है, राजकोषीय समेकन स्थिर है, भुगतान की स्थिति संतुलित है और विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी है। पीएम मोदी ने कहा कि कठिन बाहरी माहौल और लगातार दूसरे वर्ष कमजोर बारिश के बावजूद भारत की वृद्धि दर बढ़ कर 7.6 फीसदी रही है जो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है।
भारत के सितारे बुलंद हैं : आईएमएफ प्रमुख
भारत में जारी सुधार की प्रक्रिया की तारीफ करते हुए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने शनिवार को कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच ‘भारत के सितारे बुलंद हैं’ और अगले चार साल के दौरान यह वैश्विक वृद्धि में लगभग दो-तिहाई का योगदान कर सकता है।
एडवांसिंग एशिया सम्मेलन में उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था भारत में सबसे अधिक और युवा कर्मचारी हैं।
उन्होंने कहा, ‘इसलिए, भारत इतिहास में एक महत्वपूर्ण मुकाम पर खड़ा है, यहां परिवर्तन के अप्रत्याशित अवसर हैं। महत्वपूर्ण बदलाव पहले सही जारी हैं।’ उन्होंने मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया का उदाहरण पेश किया।