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कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही राम मंदिर पर अध्यादेश को लेकर विचार: पीएम मोदी
Tue, 01 Jan 2019 05:35 PM IST
शशांक गौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शशांक गौर
Updated Tue, 01 Jan 2019 05:35 PM IST
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PM Modi
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राम मंदिर के लिए अध्यादेश नहीं लाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार कोर्ट के फैसले का इंतजार करेगी। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस पर विचार किया जाएगा। न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने कई मुद्दों पर बात की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी हमला बोला।
उन्होंने कहा कि 70 साल शासन करने वालों ने ही राम मंदिर के मुद्दे को लटकाया है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के वकील सुप्रीम कोर्ट में बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। इसके चलते ही राम मंदिर की सुनवाई धीमी गति से चल रही है।
भाजपा के लिए भावात्मक मुद्दा होने के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि हमने अपने मेनिफेस्टो में कहा था कि इस मसले का समाधान संवैधानिक तरीके से किया जाएगा। अभी इस पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद सरकार की जो भी जिम्मेदारी बनेगी, पूरी करेंगे।
बता दें कि पीएम मोदी के इस फैसले से संत समाज और आरएसएस में नाराजगी बढ़ सकती है। क्योंकि इन्होंने हाल ही में दिल्ली के रामलीला मैदान में राम मंदिर जल्दी बने इसके लिए रैली की थी। जिसमें देशभर से लाखों की तादात में लोग पहुंचे थे। इस दौरान संतों ने मोदी सरकार को अल्टीमेटम भी दिया था। उन्होंने कहा था कि राम मंदिर बनाने के लिए सरकार जल्दी से जल्दी अध्यादेश लाए, नहीं तो अच्छा नहीं होगा।
इसके अलावा सहयोगी पार्टी शिवसेना ने भी इस पर अध्यादेश लाने की मांग की है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे खुद अयोध्या भी गए थे और सरयू तट पर पूजा अर्चना की थी।
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उन्होंने कहा कि 70 साल शासन करने वालों ने ही राम मंदिर के मुद्दे को लटकाया है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के वकील सुप्रीम कोर्ट में बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। इसके चलते ही राम मंदिर की सुनवाई धीमी गति से चल रही है।
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#WATCH #PMtoANI on if an ordinance will be brought on Ram Temple like on Triple Talaq: Ordinance on triple talaq was brought after SC verdict,in the light of SC verdict. We have said in our BJP manifesto that a solution would be found to this(Ayodhya) issue under Constitution. pic.twitter.com/TZkHYdUjvv
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 1, 2019
भाजपा के लिए भावात्मक मुद्दा होने के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि हमने अपने मेनिफेस्टो में कहा था कि इस मसले का समाधान संवैधानिक तरीके से किया जाएगा। अभी इस पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद सरकार की जो भी जिम्मेदारी बनेगी, पूरी करेंगे।
बता दें कि पीएम मोदी के इस फैसले से संत समाज और आरएसएस में नाराजगी बढ़ सकती है। क्योंकि इन्होंने हाल ही में दिल्ली के रामलीला मैदान में राम मंदिर जल्दी बने इसके लिए रैली की थी। जिसमें देशभर से लाखों की तादात में लोग पहुंचे थे। इस दौरान संतों ने मोदी सरकार को अल्टीमेटम भी दिया था। उन्होंने कहा था कि राम मंदिर बनाने के लिए सरकार जल्दी से जल्दी अध्यादेश लाए, नहीं तो अच्छा नहीं होगा।
इसके अलावा सहयोगी पार्टी शिवसेना ने भी इस पर अध्यादेश लाने की मांग की है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे खुद अयोध्या भी गए थे और सरयू तट पर पूजा अर्चना की थी।