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'जलवायु परिवर्तन पर लीक से हटकर सोचने की जरूरत' विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन में बोले पीएम मोदी
Wed, 10 Feb 2021 09:08 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 10 Feb 2021 09:08 PM IST
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विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : एएनआई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन 2021 (World Sustainable Development Summit 2021) में हिस्सा लिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुए इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने का रास्ता जलवायु न्याय से होकर गुजरता है।
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उन्होंने कहा कि जलवायु न्याय के मूल में बड़े दिल वाले होने का सिद्धांत है। जलवायु न्याय से तात्पर्य भविष्य की बड़ी और दीर्घकालिक तस्वीर के बारे में सोचना भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह दुखद सत्य है कि पर्यावरण में बदलाव और प्राकृतिक आपदाओं से गरीब और असमर्थ लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
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The road to fighting climate change is through climate justice. At the root of climate justice is the principle of being large-hearted. Climate justice is also about thinking of the bigger and long-term picture: PM Narendra Modi at World Sustainable Development Summit 2021 pic.twitter.com/0k57Gf2EJk
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 10, 2021
प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु न्याय का मतलब विकासशील देशों को आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त स्थान देना भी है। जब हम सभी अपनी अलग-अलग और सामूहिक कर्तव्यों को समझ जाएंगे, हम जलवायु न्याय का लक्ष्य पा लेंगे। वक्त की दरकार है कि लीक से हट कर सोचा जाए और सतत विकास की दिशा में काम किया जाए।
मोदी ने कहा कि भविष्य में मानव की यात्रा किस तरह से आगे बढ़ेगी, उसे सिर्फ दो चीजें परिभाषित करेगी- हमारे लोगों का स्वास्थ्य और हमारी धरती का वातावरण। उन्होंने कहा कि भारत का इरादा ठोस कार्य द्वारा समर्थित है; हम पेरिस सम्मेलन में किए अपने वादों को पूरा करने की दिशा में तेज गति के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में मानवता की प्रगति दो बातों से निर्धारित होगी। उन्होंने कहा ये दो बाते हैं- लोगों का स्वास्थ्य और पृथ्वी की सेहत। ये दोनों विषय आपस में जुड़े हुए हैं।' मोदी ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए लगातार चर्चा चल रही है लेकिन यहां पृथ्वी की सेहत पर चर्चा के लिए सभी एकत्रित हुए हैं।
इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘सबके लिए सुरक्षित और संरक्षित पर्यावरण और हमारा साझा भविष्य’ है। द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीटयूट (टेरी) की ओर से आयोजित यह 20वां शिखर सम्मेलन है, जिसमें विश्व में सतत विकास को लेकर दो दिनों तक चर्चा होगी। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी इसमें शरीक हुए।
इसे पर्यावरण मंत्रालय, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय व पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय आयोजित कर रहे हैं। गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली, पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे, मालदीव की पीपुल्स मजलिस के अध्यक्ष मोहम्मद नशीद, संयुक्त राष्ट्र की उपमहासचिव अमीना जे मोहम्मद भी इसमें शामिल हुए।