हिंदी दिवस: गृह मंत्री अमित शाह ने दी शुभकामनाएं, कहा- 'एकता के सूत्र में पिरोती है राजभाषा'
अमित शाह ने ट्वीट किया, "राजभाषा हिंदी राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोती है। हिंदी सभी भारतीय भाषाओं की सखी है। मोदी सरकार हिंदी सहित सभी स्थानीय भाषाओं के समानांतर विकास हेतु प्रतिबद्ध है।"
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हिंदी दिवस के मौके पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंदी ने भारत को विश्व स्तर पर विशेष सम्मान दिलाया है और इसकी सादगी और संवेदनशीलता हमेशा लोगों को आकर्षित करती है।उन्होंने अपने एक ट्वीट में उन सभी का दिल से धन्यवाद व्यक्त किया जिन्होंने देश की सबसे बड़ी बोली जाने वाली भाषा को समृद्ध और मजबूत करने के लिए अथक प्रयास किए हैं।
गृहमंत्री ने देश को किया संबोधित
गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी दिवस के मौके पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा, देश की भाषाई संपन्नता को ध्यान में रखते हुए संविधान निर्माताओं ने अलग से प्रावधान किया, जिसमें प्रारंभिक 14 भाषाएं रखी गईं। अब आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएं हैं। सभी भाषाओं का अपना-अपना स्थान है। सभी भारतीय भाषाओं से समन्वय स्थापित करते हुए हिंदी ने जनमानस के मन में विशेष स्थान हासिल किया है। यही कारण है कि आजादी के आंदोलन में अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने हिंदी को संपर्क भाषा बनाकर आंदालेन की गति बढ़ाने का प्रयास किया।
गृह मंत्री ने कहा, आज जब देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। ऐसे में यह सामूहिक प्रयास होना चाहिए कि हिंदी को लेकर संविधान द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करें।
हिंदी दिवस के अवसर पर मेरा संदेश… https://t.co/E7vBpy9d0N
— Amit Shah (@AmitShah) September 14, 2022
इसके अलावा शाह ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट भी किया। उन्होंने लिखा, "राजभाषा हिंदी राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोती है। हिंदी सभी भारतीय भाषाओं की सखी है। मोदी सरकार हिंदी सहित सभी स्थानीय भाषाओं के समानांतर विकास हेतु प्रतिबद्ध है। हिंदी के संरक्षण व संवर्धन में योगदान देने वाले महानुभावों को नमन करता हूँ।"
यह सकंल्प सिद्धि का समय
गुजरात में हिंदी दिवस समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, हमारी राजभाषा और हमारी स्थानीय भाषाएं विश्व की सबसे समृद्ध भाषाओं में से एक हैं। जब तक हम इस बात का संकल्प नहीं करते कि इस देश का शासन, प्रशासन, इस देश का ज्ञान और अनुसंधान हमारी भाषाओं में होगा, तब तक हम इस देश की क्षमताओं का उपयोग नहीं कर सकते। गृहमंत्री ने कहा, देश और दुनिया के सभी हिन्दी प्रेमियों को हिन्दी दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। हम सबके लिए संविधान सभा के निर्णय को सिर्फ याद करने का दिन नहीं है। 75 साल से 100 साल का ये जो अमृत काल है, ये संकल्प लेने का और संकल्प सिद्धि करने का समय है। उन्होंने कहा, हम सभी देशवासियों को संकल्प लेने की जरूरत है कि 25 साल के अंदर हमारा देश भाषा की लघुता ग्रंथी से मुक्त होकर हमारी स्वभाषाओं में देश का विकास करेगा और देश को दुनिया के सर्वोच्च स्थान पहुंचाएगा।
प्रतिद्वंदी नहीं मित्र है हिंदी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा हिंदी, देश की अन्य सभी भाषाओं की प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि उनकी मित्र है। शाह ने कहा कि सभी भाषाओं के सह-अस्तित्व को स्वीकार करने की जरूरत है। मैं एक चीज स्पष्ट करना चाहता हूं। कुछ लोग यह दुष्प्रचार कर रहे हैं कि हिंदी और गुजराती, हिंदी और तमिल, हिंदी और मराठी प्रतिद्वंद्वी हैं। हिंदी देश में किसी भी अन्य भाषा की प्रतिद्वंद्वी नहीं हो सकती। आपको यह समझना होगा कि हिंदी देश की सभी भाषाओं की मित्र है।