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पीएम मोदी ने जिस वीडियो का जिक्र किया वो कंपनी का दो साल पुराना विज्ञापन निकला
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 08 Dec 2016 03:21 PM IST
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प्रधानमंत्री मोदी ने 3 दिसंबर को मुरादाबाद रैली में कैश-लेस अर्थव्यवस्था के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताते हुए एक व्हाट्सऐप वीडियो का जिक्र किया था। इस वीडियो के जरिए उन्होंने लोगों को एक भिखारी के बारे में बताया जो भीख मांगने के लिए स्वाइप मशीन का इस्तेमाल करता है। हालांकि पीएम मोदी ने साथ में यह भी कहा “मुझे नहीं पता ये कितना सच है।”
पीएम मोदी के जिक्र के बाद मीडिया ने इस वीडियो में दिखने वाले भिखारी की तलाश शुरू कर दी जो स्वाइप मशीन का इस्तेमाल करता था। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल में यह वीडियो हैदराबाद की एक प्राइवेट कंपनी के प्रचार के लिए बनवाया वीडियो निकला, जिसे संभवत: पीएम मोदी सच मान बैठे।
यह वीडियो प्राइवेट कंपनी न्यूमरो ग्राफिक क्रिएटिव सलुशंस प्राइवेट लिमिटेट ने नवंबर 2013 में अपनी कंपनी के प्रचार के लिए बनवाया था। इस वीडियो को 16 जनवरी 2016 को यूट्यूब पर अपलोड किया गया था, जिसके बाद से अबतक इसे 76 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं।
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कंपनी की सह-संस्थापक कुलप्रीत कौर ने बताया, 'यह एक प्रोमोशनल वीडियो था, जिसे हमने बनाया था। हमने वीडियो शूट करने के लिए भिखारी को स्वाइप मशीन दी थी। ।' इस वीडियो में जो महिला दिख रही हैं वो कुलप्रीत कौर ही हैं।
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पीएम मोदी के जिक्र के बाद मीडिया ने इस वीडियो में दिखने वाले भिखारी की तलाश शुरू कर दी जो स्वाइप मशीन का इस्तेमाल करता था। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल में यह वीडियो हैदराबाद की एक प्राइवेट कंपनी के प्रचार के लिए बनवाया वीडियो निकला, जिसे संभवत: पीएम मोदी सच मान बैठे।
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यह वीडियो प्राइवेट कंपनी न्यूमरो ग्राफिक क्रिएटिव सलुशंस प्राइवेट लिमिटेट ने नवंबर 2013 में अपनी कंपनी के प्रचार के लिए बनवाया था। इस वीडियो को 16 जनवरी 2016 को यूट्यूब पर अपलोड किया गया था, जिसके बाद से अबतक इसे 76 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं।
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कंपनी की सह-संस्थापक कुलप्रीत कौर ने बताया, 'यह एक प्रोमोशनल वीडियो था, जिसे हमने बनाया था। हमने वीडियो शूट करने के लिए भिखारी को स्वाइप मशीन दी थी। ।' इस वीडियो में जो महिला दिख रही हैं वो कुलप्रीत कौर ही हैं।
'भिखारी को जैसा कहा था वैसा अभिनय किया'
कुलप्रीत ने आगे बताया, 'मैंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर मार्च 2013 में न्युमरो ग्राफिक की शुरुआत की थी। हम कुछ क्रिएटिव वीडियो बना अपनी कंपनी का प्रचार करना चाहते थे।” हमने कई बार देखा कि ट्रैफिक लाइट पर लोग छुट्टे न होने की वजह से भिखारियों को पैसे नहीं दे पाते। इस समस्या से निजात के लिए हमने भिखारी को एटीम स्वाइप की मशीन देकर छुट्टे की समस्या से निजात पाने वाला ये वीडियो बनाने के बारे में सोचा।'
कुलप्रीत ने बताया कि उनकी टीम ने एक भिखारी से संपर्क साधा और उसे स्वाइप मशीन देकर अभिनय करने के लिए कहा। भिखारी ने ठीक वैसा ही किया जैसा उसे करने को कहा गया था। कुलप्रीत बताती हैं, “लाल बत्ती होने पर हमने शूटिंग शुरू की और हरी बत्ती होने तक उसे पूरा कर लिया।” कुलप्रीत के अनुसार शूटिंग के बाद भिखारी स्वाइप मशीन लौटाकर अपनी राह चला गया। कुलप्रीत कहती हैं, “प्रधानमंत्री के भाषण के बाद हमारा यह वीडियो वायरल हो गया है।”
आप भी देंखे यह वीडियो-
कुलप्रीत ने बताया कि उनकी टीम ने एक भिखारी से संपर्क साधा और उसे स्वाइप मशीन देकर अभिनय करने के लिए कहा। भिखारी ने ठीक वैसा ही किया जैसा उसे करने को कहा गया था। कुलप्रीत बताती हैं, “लाल बत्ती होने पर हमने शूटिंग शुरू की और हरी बत्ती होने तक उसे पूरा कर लिया।” कुलप्रीत के अनुसार शूटिंग के बाद भिखारी स्वाइप मशीन लौटाकर अपनी राह चला गया। कुलप्रीत कहती हैं, “प्रधानमंत्री के भाषण के बाद हमारा यह वीडियो वायरल हो गया है।”
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