फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   PM Modi proposes 10-point action plan to address challenges in areas of food, fertilisers and healthcare At G7

G7: जी7 सम्मेलन में छाए पीएम मोदी, इन क्षेत्रों की चुनौतियों पर 10 सूत्री कार्य योजना का दिया प्रस्ताव

Sun, 21 May 2023 12:20 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हिरोशिमा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हिरोशिमा Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 21 May 2023 12:20 AM IST
सार

जी7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक समावेशी खाद्य प्रणाली तैयार करने का यहां शनिवार को आह्वान किया, जो दुनिया के सबसे कमजोर लोगों पर ध्यान केंद्रित करे।

विज्ञापन
PM Modi proposes 10-point action plan to address challenges in areas of food, fertilisers and healthcare At G7
पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : Social Media

विस्तार

जापान के हिरोशिमा शहर में जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी दिन भर छाए रहे। इस दौरान उन्होंने कई बड़े नेताओं से मुलाकात भी की। बड़ी बात यह है कि भारत इस संगठन का हिस्सा नहीं है, लेकिन एक मेहमान देश के तौर पर पीएम मोदी इस शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। वहीं पीएम मोदी ने खाद्यान्न, उर्वरक और स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने की अपनी 10 सूत्री कार्य योजना का प्रस्ताव दिया।

विज्ञापन


इसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक समावेशी खाद्य प्रणाली तैयार करने का यहां शनिवार को आह्वान किया, जो दुनिया के सबसे कमजोर लोगों पर ध्यान केंद्रित करे। हिरोशिमा में जी 7 शिखर सम्मेलन के एक सत्र में एक संबोधन में पीएम मोदी ने उर्वरक संसाधनों पर कब्जा करने वाली ‘विस्तारवादी मानसिकता पर रोक लगाने की वकालत की और प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण की पैरोकारी की।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री मोदी की 10 सूत्री कार्य योजना में भोजन/खाद्यान्न की बर्बादी को कम करना, वैश्विक उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला का गैर-राजनीतिकरण, मोटे अनाज/श्रीअन्न को बढ़ावा देना, समग्र स्वास्थ्य सुविधा को बढ़ावा देना, डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा को मजूबत करना और विकासशील देशों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास मॉडल तैयार करना शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीएम मोदी ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के समग्र उपयोग पर ध्यान देने की जरूरत है और उपभोक्तावाद से प्रेरित विकास मॉडल को बदलना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समावेशी खाद्य प्रणाली बनाने के प्रयास किए जाने चाहिए जो दुनिया के सबसे कमजोर लोगों पर केंद्रित हो, विशेष रूप से ‘सीमांत किसान हमारी प्राथमिकता होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि वैश्विक उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना होगा। इसमें राजनीतिक बाधाओं को दूर करना होगा। उर्वरक संसाधनों पर कब्जा करने वाली विस्तारवादी मानसिकता को रोकना होगा। यह हमारे सहयोग का उद्देश्य होना चाहिए। हालांकि प्रधानमंत्री ने किसी देश का नाम नहीं लिया।

पीएम मोदी ने खाघान्न की बर्बादी रोकने पर जोर देते हुए कहा कि यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह स्थायी वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए आवश्यक है। जी-7 में अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, जर्मनी, कनाडा और जापान के साथ-साथ यूरोपीय संघ भी शामिल हैं। जी-7 की अध्यक्षता के तहत, जापान ने भारत और सात अन्य देशों को शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया है।

प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हम दुनिया भर में उर्वरकों के विकल्प के रूप में प्राकृतिक खेती का एक नया मॉडल बना सकते हैं। मेरा मानना है कि हमें डिजिटल तकनीक का लाभ दुनिया के हर किसान तक पहुंचाना चाहिए। मोदी ने कहा कि जैविक खाद्य को फैशन स्टेटमेंट और वाणिज्य से अलग करने की आवश्यकता है और इसके बजाय इसे पोषण और स्वास्थ्य से जोड़ा जाना चाहिए। 


बाजरा के फायदे गिनाए
पीएम मोदी ने बाजरा के फायदों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि बाजरा एक साथ पोषण, जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण और खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों का समाधान करता है। इस पर जागरूकता पैदा की जानी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed