फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   PM Modi government focusing on critical minerals everything overseas assets recycling reviewed

PM Modi: दुर्लभ खनिजों पर मोदी सरकार का फोकस, विदेशों में संपत्तियों से लेकर रीसाइक्लिंग तक की होगी समीक्षा

Fri, 02 Jan 2026 10:44 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Fri, 02 Jan 2026 10:44 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खनन मंत्रालय की समीक्षा बैठक में विदेशों में दुर्लभ खनिज संपत्तियों के अधिग्रहण और देश में रीसाइक्लिंग योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। सरकार का लक्ष्य सुरक्षित सप्लाई चेन, आयात पर निर्भरता कम करना और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना है।

विज्ञापन
PM Modi government focusing on critical minerals everything overseas assets recycling reviewed
पीएम मोदी। - फोटो : यूट्यूब वीडियो ग्रैब- पीएम मोदी

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को खनन मंत्रालय की तिमाही समीक्षा बैठक में विदेशों में  दुर्लभ खनिज संपत्तियों के अधिग्रहण और देश में रीसाइक्लिंग यानी पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने वाली योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में भविष्य की जरूरतों, सप्लाई चेन की मजबूती और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि दुर्लभ खनिजों की सुरक्षित उपलब्धता भारत की आर्थिक और रणनीतिक मजबूती के लिए बेहद जरूरी है।

विज्ञापन


अधिकारियों ने बताया कि विदेशों में दुर्लभ खनिज संपत्तियों का अधिग्रहण भारत के दीर्घकालिक हितों से जुड़ा है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा जैसे क्षेत्रों में इन खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में स्थिर और भरोसेमंद सप्लाई चेन सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो और घरेलू उद्योग मजबूत बनें।
विज्ञापन


दुर्लभ खनिजों की उपलब्धता पर चर्चा
बैठक के दौरान दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (रेयर अर्थ एलिमेंट्स) की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों के मुताबिक यह चर्चा काफी उपयोगी रही। इन खनिजों की उपलब्धता भारत की ग्रीन एनर्जी योजनाओं और आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों के लिए अहम मानी जा रही है। सरकार इन खनिजों के वैकल्पिक स्रोतों और सुरक्षित आपूर्ति पर लगातार काम कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  'मियां-मुस्लिम बहुल सीटों पर उम्मीदवारी के लिए 3-4 करोड़ रुपये ले रही', असम CM का कांग्रेस पर बड़ा आरोप


पुनर्चक्रण योजना से क्या होगा फायदा
प्रधानमंत्री ने 1,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना के प्रदर्शन की समीक्षा की। यह योजना देश में दुर्लभ खनिज की पुनर्चक्रण क्षमता विकसित करने के लिए लाई गई है। इससे हर साल करीब 270 किलो टन पुनर्चक्रण क्षमता तैयार होने की उम्मीद है, जिससे लगभग 40 किलो टन दुर्लभ खनिज का उत्पादन संभव होगा। इसके जरिए करीब 8,000 करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 70,000 लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

राष्ट्रीय दुर्लभ खनिज मिशन का लक्ष्य
यह पूरी कवायद राष्ट्रीय दुर्लभ खनिज मिशन का हिस्सा है। सरकार ने इस मिशन के लिए 34,300 करोड़ रुपये का कुल प्रावधान किया है, जिसमें 16,300 करोड़ रुपये का केंद्रीय सहयोग शामिल है। सात वर्षों में इस मिशन का उद्देश्य आत्मनिर्भरता हासिल करना, सप्लाई चेन को मजबूत बनाना और भारत की ग्रीन एनर्जी यात्रा को तेज करना है। तांबा, लिथियम, निकल, कोबाल्ट और रेयर अर्थ जैसे खनिज इसमें प्रमुख हैं।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article