{"_id":"5a1d7c474f1c1b6e468b6f84","slug":"pm-modi-and-rahul-will-be-in-somnath-tomorrow","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुजरात: कल आमने-सामने होंगे पीएम मोदी-राहुल, सोमनाथ में होगा आमना-सामना","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
गुजरात: कल आमने-सामने होंगे पीएम मोदी-राहुल, सोमनाथ में होगा आमना-सामना
अमर उजाला ब्यूरो/नई दिल्ली
Updated Tue, 28 Nov 2017 08:49 PM IST
विज्ञापन
मोदी और राहुल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अब मतदान होने तक गुजरात में कई बार आमने सामने होंगे। इसकी शुरुआत बुधवार को होगी, जब पीएम मोदी सोमनाथ और इसके आसपास के इलाकों में रैलियां करेंगे तो राहुल सोमनाथ मंदिर में मत्था टेकने के बाद चुनाव प्रचार पर निकलेंगे।
विज्ञापन
पढ़ें: चुनाव प्रचार के लिए गुजरात के भुज पहुंचे पीएम मोदी, कुछ यूं हुआ स्वागत
विज्ञापन
दोनों नेता प्रथम चरण के मतदान से पहले कई चरणों में चुनाव प्रचार करेंगे। इस दौरान पीएम के निशाने पर जहां पूरी कांग्रेस होगी, वहीं राहुल के निशाने पर सिर्फ पीएम होंगे।प्रथम चरण के चुनाव से पहले भाजपा की योजना पीएम की दो दर्जन से अधिक जनसभा कराने, चुनिंदा शहरों में रोड शो कराने की है।
विज्ञापन
कांग्रेस भी भाजपा की तर्ज पर राहुल को गुजरात में लगातार व्यस्त रखने की रणनीति बनाई है। बड़ी रैलियों के बदले राहुल की छोटे इलाकों में रैली और शहरों में रोड शो कराने की है। पार्टी ने विशेष रणनीति के तहत इस बार अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दे उठाने के बदले नरम हिंदुत्व पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है।
पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि विकल्प के अभाव में अल्पसंख्यक मतदाता न सिर्फ अपना समर्थन देंगे, बल्कि इनका मत प्रतिशत भी बढ़ेगा।कांग्रेस के रणनीतिकारों के मुताबिक भाजपा ने पीएम मोदी को आगे कर चुनाव में अपना अंतिम दांव चल दिया है। अब पार्टी की कोशिश पीएम की छवि को विकास और चुनावी वादों के संदर्भ में कमजोर करने की है।
पढ़ें: 122 साल पुराने 'ताज पैलेस' में डिनर करेंगी इवांका, ये होगा आज का शाही मेन्यू
इसके तहत राहुल अपनी जनसभाओं में वर्ष 2014 में पीएम द्वारा किए गए वादे, बेरोजगारी, किसानों की बेहाली जैसे मु्द्दे उठाएंगे। इस दौरान राहुल बार बार भाजपा के विकास के उस गुजरात मॉडल पर निशाना साधेंगे, जिसकी भाजपा की ओर से इस बार कोई चर्चा नहीं हो रही।
पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि राज्य में हर बिरादरी का युवा वर्ग राज्य सरकार और भाजपा से बेहद खफा है। यही कारण है कि राहुल अपने भाषणों में खुद को लगातार युवाओं से संबद्घ करने की कोशिश कर रहे हैं।