बिहार चुनाव: 65 साल से ज्यादा आयु वालों को नहीं मिलेगा बैलट पोस्टल से मतदान का अधिकार
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बिहार विधानसभा चुनावों में 65 साल से ज्यादा उम्र के वोटरों को पोस्टल बैलेट की सुविधा नहीं मिलेगी। बुधवार को संसद में केंद्र सरकार की ओर से यह जानकारी लोकसभा में एक सवाल के जवाब में साझा की गई। एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय कानून मंत्री रविशकंर प्रसाद ने यह जानकारी दी है। इसमें कहा गया कि यह फैसला कोरोना काल के चलते आई परेशानियों और सुरक्षा मानकों मानव संसाधन और संक्रमण के चलते लिया गया। प्रसाद ने कहा कि 65 साल से ज्यादा आयु वालों के लिए डाक से वोट करने का फैसला सुरक्षा प्रोटोकाल के चलते लिया गया था।
चुनाव के लिए सुरक्षा के साथ चाक चौबंद व्यवस्था
इसके लिए चुनाव नियमों की आचरण संहिता- द कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स-1961 को संशोधित किया गया था। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 169 के तहत इस साल 19 जून को इसकी अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें राज्य सरकारों के साथ मशविरे की बाध्यता नहीं है। इसी के बाद ही चुनाव आयोग ने अधिनियम की धारा 60 सी के तहत अधिसूचना जारी नहीं करने का फैसला लिया। बिहार में 29 नवंबर से पहले विधानसभा चुनाव होने हैं। विधानसभा की 243 सीटों के अलावा एक लोकसभा और 63 सीटों पर उपचुनाव भी होना है। इसके लिए चुनाव आयोग ने दिशा-निर्देशों में तमाम बदलाव किए हैं।
इसमें प्रचार से लेकर रैलियों तक के लिए नए नियमों का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मतदान के लिए भी पाबंदियों के साथ नए नियम बनाए गए हैं। मतदान केंद्रों पर थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। कोरोना पीड़ितों को आखिरी घंटों में मतदान केंद्र पर जाकर मतदान करने की अनुमित दी जाएगी। हर मतदान केंद्र पर रोजाना सैनिटाइजेशन का काम किया जाएगा। मतदान केंद्र पर पैरा मेडिकल की टीम मुस्तैद रहेगी। एक मतदान केंद्र पर 1,500 के बजाए एक हजार मतदाता ही होंगे।