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Birsi Airport Scam: 3.50 करोड़ के काम के लिए हुआ 4.65 करोड़ का पेमंट? CBI ने अफसर और ठेकेदार पर केस किया दर्ज

Sat, 04 Jul 2026 07:55 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sat, 04 Jul 2026 07:55 PM IST
सार

गोंदिया स्थित बिरसी एयरपोर्ट पर सिविल निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और रिकॉर्ड में हेरफेर के मामले में CBI ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के तत्कालीन अधिकारी और एक निजी ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया है।  

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Payment of 4.65 crore made for 3.50 crore worth of work at Birsi Airport CBI registers case
सीबीआई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराष्ट्र के गोंदिया के बिरसी एयरपोर्ट पर सिविल निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के एक अधिकारी और एक निजी ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि निर्माण कार्यों के रिकॉर्ड में हेरफेर, गुणवत्ता से समझौता और फर्जी माप पुस्तिकाओं के आधार पर भुगतान कराकर AAI को 92.29 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।

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किनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला?
CBI की एंटी करप्शन ब्रांच, नागपुर ने यह मामला संजीव कुमार सिंह, जो उस समय बिरसी एयरपोर्ट पर AAI में असिस्टेंट जनरल मैनेजर (इंजीनियरिंग-सिविल) के पद पर तैनात थे, और मध्य प्रदेश के बालाघाट स्थित M/s रायसिंह एंड कंपनी के खिलाफ दर्ज किया है। एक अधिकारी ने बताया कि इस कथित साजिश में शामिल होने के संदेह में कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है।
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किस परियोजना से जुड़ा है मामला?
CBI के मुताबिक, यह मामला बिरसी एयरपोर्ट पर रनवे-22 के विस्तारित हिस्से में ऑपरेशनल बाउंड्री और DVOR (डॉपलर VHF ओमनीडायरेक्शनल रेंज) सुविधा के निर्माण कार्य से जुड़ा है।
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इस परियोजना का ठेका 25 मई 2023 को M/s रायसिंह एंड कंपनी को दिया गया था। निर्माण कार्य जून 2023 से फरवरी 2024 के बीच पूरा किया गया।

जांच में क्या सामने आया?
जांच एजेंसी का आरोप है कि परियोजना के ओवरऑल सिविल प्रभारी रहे संजीव कुमार सिंह ने ठेकेदार के साथ मिलकर मेजरमेंट बुक (Measurement Book) में कथित हेरफेर किया। इसमें वास्तविक से अधिक मात्रा में काम दिखाकर उसका प्रमाणन किया गया और ऐसे कार्यों का भी भुगतान मंजूर किया गया, जो या तो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे या स्वीकृत कार्यक्षेत्र से बाहर किए गए थे।

निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर क्यों उठ रहे सवाल?
CBI का कहना है कि जांच के दौरान यह भी सामने आया कि निर्धारित निर्माण सामग्री के बजाय बिना अनुमति वाली सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इसमें रीइन्फोर्समेंट स्टील और फ्लाई ऐश ईंटों जैसी सामग्री शामिल है। इसके अलावा सीमेंट और स्टील जैसे महत्वपूर्ण निर्माण सामग्री की खरीद से जुड़े आवश्यक बिल और इनवॉइस भी सही तरीके से उपलब्ध नहीं कराए गए।

3.50 करोड़ के काम पर 4.65 करोड़ का भुगतान
जांच एजेंसी के अनुसार, निर्माण कार्य की वास्तविक लागत लगभग 3.50 करोड़ रुपये थी, जबकि कथित तौर पर गलत माप और फर्जी रिकॉर्ड के आधार पर 4.65 करोड़ रुपये का भुगतान जारी कर दिया गया। बाद में वित्तीय समायोजन के बाद AAI को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन 92.29 लाख रुपये किया गया, जिसकी वसूली संबंधित ठेकेदार से की जा सकती है।


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किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?

CBI ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, खातों में हेरफेर और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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