Mamata Banerjee: किसके जरिए TMC में बगावत करवा रही भाजपा? ममता ने बागियों को क्यों कहा गद्दार?
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भाजपा पर उनकी पार्टी में फूट डालने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने बागी नेताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो भाजपा के इशारों पर काम करने के बजाय सीधे भाजपा में शामिल होकर उनका मुकाबला करें।
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह उनकी पार्टी में फूट डालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि BJP समर्थित बागी नेताओं के जरिए TMC के भीतर असहमति को हवा दी जा रही है, ताकि पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल करने का रास्ता आसान बनाया जा सके।
क्यों फूटा ममता बनर्जी का गुस्सा?
दरअसल, शनिवार को ममता बनर्जी की पुरानी सहयोगी चंद्रिमा भट्टाचार्य ने TMC के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष पद समेत पार्टी के अन्य दायित्वों से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री का गुस्सा फूट गया। जिसके बाद ममता ने सोशल मीडिया के जरिए बागी नेताओं को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो BJP के इशारे पर उनके खिलाफ काम करने के बजाय सीधे BJP में शामिल होकर उनका सामना करें।
Today, our Hon'ble Chairperson Smt. @MamataOfficial addressed several important issues.
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Under her guidance and leadership, All India Trinamool Congress will continue to serve people, stand by them through thick & thin, and ensure that every party worker remains dedicated to the… pic.twitter.com/yet0H9hBAx — All India Trinamool Congress (@AITCofficial) July 4, 2026
ममता ने किसे बताया धोखेबाज, एहसान-फरामोश और गद्दा?
वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने कहा, 'मैं उन धोखेबाज, एहसान-फरामोश और गद्दार नेताओं को चुनौती देती हूं, जो पार्टी छोड़ रहे हैं। अगर उनमें हिम्मत है तो BJP के इशारे पर यह बेईमानी का खेल खेलने के बजाय सीधे BJP में शामिल हों और मेरा मुकाबला करें।'
खुद संभालेंगी ये अहम जिम्मेदारी
ममता बनर्जी ने घोषणा की कि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ-साथ वह फिलहाल TMC की पश्चिम बंगाल इकाई की अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभाएंगी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता सुब्रत बख्शी के स्वास्थ्य लाभ तक यह व्यवस्था जारी रहेगी। पार्टी संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से ममता बनर्जी ने वरिष्ठ नेताओं कुणाल घोष और मदन मित्रा को TMC का महासचिव नियुक्त करने की भी घोषणा की।
'चुनाव से पहले कहां थी असहमति'?
बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा, 'आप खुद को बागी कहते हैं? चुनाव से पहले आपकी बगावत कहां थी? पिछले 15 वर्षों तक जब आप TMC के टिकट पर सांसद, विधायक, मंत्री और सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर थे, तब आपकी असहमति कहां थी? अगर कोई शिकायत थी तो उस समय मेरे सामने क्यों नहीं रखी?'
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किसे बताया पार्टी की असली ताकत?
ममता बनर्जी ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी के साथ खड़े रहने वाले कार्यकर्ता ही TMC की सबसे बड़ी ताकत और असली पूंजी हैं। उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने TMC के साथ विश्वासघात किया है, उन्हें कम-से-कम उन मतदाताओं के साथ गद्दारी नहीं करनी चाहिए जिन्होंने उन पर भरोसा जताकर उन्हें जिताया।