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पड़ताल: फेसबुक की व्हिसलब्लोअर हॉगन को भारत बुलाया जाएगा, ध्रुवीकरण व बच्चों पर दुष्प्रभाव की होगी जांच

Mon, 01 Nov 2021 10:30 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 01 Nov 2021 10:30 PM IST
सार

हॉगन फेसबुक में पहले डेटा साइंटिस्ट थीं। इसके बाद फेसबुक के खिलाफ व्हिसलब्लोअर बन गई हैं। 

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Parliamentary Panel on IT chaired by Tharoor may call Facebook whistleblowers to India
शशि थरूर - फोटो : एएनआई

विस्तार

सोशल साइट के बच्चों पर दुष्प्रभाव व धुव्रीकरण के आरोपों के बीच सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की संसद की स्थाई समिति फेसबुक की अमेरिकी व्हिसलब्लोअर फ्रांसिस हॉगन को भारत बुला सकती है। 

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संसदीय समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने सोमवार को बताया कि हॉगन को इस माह के अंत तक भारत बुलाया जा सकता है। इसके लिए लोकसभा स्पीकर से आवश्यक अनुमति मांगी जा रही है। फ्रांसिस हॉगन ने कुछ दिनों पूर्व अमेरिकी सीनेट की समिति के समक्ष बच्चों पर इस सोशल साइट के दुष्प्रभाव व ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए अपना बयान दर्ज कराया था। हॉगन फेसबुक में पहले डेटा साइंटिस्ट थीं। इसके बाद फेसबुक के खिलाफ व्हिसलब्लोअर बन गई हैं। 
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न सरकार और न ही संसद द्वारा फेसबुक के व्हिसलब्लोअरों को बुलाने को लेकर हो रही आलोचना का थरूर ने कई ट्वीट कर जवाब दिया। थरूर ने कहा कि संसदीय समिति 12 सितंबर से 12 अक्तूबर तक अस्तित्व में नहीं  थी। अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में ही इसका पुनर्गठन हुआ है। 
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समिति को किसी भी बैठक के पूर्व अपना एजेंडा तय कर स्पीकर को भेजना होता है और उसका बुलेटिन जारी करना पड़ता है। इसके बाद ही बैठक बुलाई जा सकती है। नए सत्र में समिति की पहली बैठक 16 या 17 नवंबर को हो सकती है। हमारी प्रक्रिया में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की इजाजत नहीं है। विदेश के किसी व्यक्ति की गवाही के लिए स्पीकर की इजाजत लेना पड़ती है। इसलिए अनुमति ली जा रही है। 


इससे पूर्व फेसबुक व ट्वीटर जैसी सोशल मीडिया कंपनियों की भारतीय इकाइयों के अधिकारियों ने संसदीय समिति के समक्ष पेश होकर विभिन्न विवादित मुद्दों पर अपना पक्ष रखा है। 
 

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