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NEET: राधाकृष्णन की सिफारिशों का क्या किया? संसदीय समिति ने एनटीए से मांगे कई जवाब
Mon, 08 Jun 2026 05:46 AM IST
नितिन गौतम
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 08 Jun 2026 05:46 AM IST
सार
कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय समिति ने पिछले सप्ताह एनटीए अधिकारियों से पूछताछ की थी।
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राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
नीट-यूजी पेपर लीक मामले और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को लेकर जांच कर रही संसद की स्थायी समिति ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मांगे हैं। समिति ने एनटीए से पूछा कि उसकी नजर में पेपर लीक की परिभाषा क्या है और 2018 से अब तक उसकी ओर से आयोजित परीक्षाओं में कोई पेपर लीक हुआ है या नहीं? संदीय समिति ने सीबीएसई को 8 जून और एनटीए को 10 जून तक लिखित जवाब देने को कहा है।
एनटीए अधिकारियों ने दावा किया था कि उनकी प्रणाली से कोई पेपर लीक नहीं हुआ और केवल कुछ प्रश्न अनुमानित प्रश्नपत्रों के माध्यम से प्रसारित हुए थे। सूत्रों ने बताया कि समिति ने एनटीए से पूछा है कि क्या उसने नीट-यूजी 2024 में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराई थी या नहीं। साथ ही पिछले तीन वर्षों की कर्मचारी संख्या, नई नियुक्तियों और उच्च शिक्षा विभाग को सौंपी गई वार्षिक रिपोर्टों की जानकारी भी मांगी गई है। इसके अलावा समिति ने पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति की 101 सिफारिशों पर एनटीए की ओर से की गई कार्रवाई का ब्यौरा भी मांगा है।
ओएसएम प्रणाली पर सीबीएसई से कड़े सवाल
समिति ने सीबीएसई से ओएसएम प्रणाली के लिए जारी विभिन्न निविदाओं (आरएफपी) में हुए बदलावों पर स्पष्टीकरण मांगा है। सूत्रों के अनुसार समिति ने यह भी जानना चाहा है कि खराब प्रदर्शन वाले या ब्लैकलिस्टेड बोलीदाताओं को अयोग्य ठहराने वाली शर्तों में बदलाव क्यों किए गए? स्कैनिंग रिजोल्यूशन 300 डीपीआई से घटाकर 200 डीपीआई करने, रोबोटिक स्कैनर की अनिवार्यता हटाने और बड़े प्रोजेक्ट अनुभव की शर्तों में बदलाव पर भी सवाल उठाए गए हैं। समिति ने ओएसएम ड्राई रन से जुड़े पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और उस पर की गई कार्रवाई का विवरण भी मांगा है।
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एनटीए अधिकारियों ने दावा किया था कि उनकी प्रणाली से कोई पेपर लीक नहीं हुआ और केवल कुछ प्रश्न अनुमानित प्रश्नपत्रों के माध्यम से प्रसारित हुए थे। सूत्रों ने बताया कि समिति ने एनटीए से पूछा है कि क्या उसने नीट-यूजी 2024 में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराई थी या नहीं। साथ ही पिछले तीन वर्षों की कर्मचारी संख्या, नई नियुक्तियों और उच्च शिक्षा विभाग को सौंपी गई वार्षिक रिपोर्टों की जानकारी भी मांगी गई है। इसके अलावा समिति ने पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति की 101 सिफारिशों पर एनटीए की ओर से की गई कार्रवाई का ब्यौरा भी मांगा है।
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ओएसएम प्रणाली पर सीबीएसई से कड़े सवाल
समिति ने सीबीएसई से ओएसएम प्रणाली के लिए जारी विभिन्न निविदाओं (आरएफपी) में हुए बदलावों पर स्पष्टीकरण मांगा है। सूत्रों के अनुसार समिति ने यह भी जानना चाहा है कि खराब प्रदर्शन वाले या ब्लैकलिस्टेड बोलीदाताओं को अयोग्य ठहराने वाली शर्तों में बदलाव क्यों किए गए? स्कैनिंग रिजोल्यूशन 300 डीपीआई से घटाकर 200 डीपीआई करने, रोबोटिक स्कैनर की अनिवार्यता हटाने और बड़े प्रोजेक्ट अनुभव की शर्तों में बदलाव पर भी सवाल उठाए गए हैं। समिति ने ओएसएम ड्राई रन से जुड़े पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और उस पर की गई कार्रवाई का विवरण भी मांगा है।
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