Parliament Winter Session: साल 2022 में 2051 छात्रों ने परीक्षा में फेल होने की वजह से की आत्महत्या; सदन गंभीर
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों ने प्रतियोगी परीक्षाओं के कारण छात्रों की आत्महत्या पर पांच पूरक प्रश्न पूछे। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी पूरक प्रश्नों के जवाब दिए, लेकिन सदस्यों ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त करना जारी रखा।
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तारांकित प्रश्नों का सदन में जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रधान ने सदन को बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार, 2022 में 1,70,924 (1.70 लाख) आत्महत्याएं हुईं। इनमें से 2,051 या 1.2 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा में फेल होने के कारण आत्महत्या की। उन्होंने कहा, मैं इसकी (छात्रों की आत्महत्या) जिम्मेदारी लेता हूं। यह शून्य होनी चाहिए।
उधर, राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने प्रतियोगी परीक्षाओं के तनाव के कारण छात्रों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों का बुधवार को संज्ञान लिया। उन्होंने उच्च सदन के सदस्यों को इस मुद्दे पर चर्चा का प्रस्ताव देने के लिए कहा। उपराष्ट्रपति ने कहा कि आत्महत्या के मामलों को रोका जाना चाहिए।
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों ने प्रतियोगी परीक्षाओं के कारण छात्रों की आत्महत्या पर पांच पूरक प्रश्न पूछे। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी पूरक प्रश्नों के जवाब दिए, लेकिन सदस्यों ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त करना जारी रखा।
हमें भी आगे आना होगा, बच्चों को आत्महत्या से रोकना होगा
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बच्चों की आत्महत्या के मुद्दे की गंभीरता से लेते हुए कहा, मैं सदस्यों से अपील करता हूं कि यह एक ऐसा मुद्दा है, जिसमें हमें खुद को शामिल करना चाहिए। हम बड़ा योगदान दे सकते हैं। उन्होंने एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का सुझाव दिया, जहां छात्रों की आत्महत्या को रोका जा सके।
भ्रामक प्रचार पर 8 आईएएस कोचिंग संस्थानों पर लगा जुर्माना
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने भ्रामक विज्ञापनों के लिए आईएएस कोचिंग संस्थानों को 20 नोटिस जारी किए हैं और आठ पर जुर्माना लगाया है। लोकसभा में एक लिखित उत्तर में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभाग उपभोक्ता संरक्षण और प्रगतिशील कानून बनाकर उपभोक्ताओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पीडब्ल्यूएस का संचालन करेंगी पैक्स : शाह
ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा को सूचित किया कि सरकार ने संस्था को ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप से जलापूर्ति (पीडब्ल्यूएस) के संचालन और रखरखाव (ओएंडएम) करने के लिए एक पात्र एजेंसी बना दिया है। शाह ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ग्रामीण पीडब्ल्यूएस के लिए ओएंडएम एजेंसियों के रूप में पैक्स को शामिल करने के लिए अपनी ओएंडएम नीति में उपयुक्त प्रावधान शामिल करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा पंचायत और ग्राम स्तर पर ओएंडएम सेवाएं प्रदान करने के लिए 1,381 पैक्स की पहचान की गई है।