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Parliament Updates: 2021 में रोज 115 दैनिक वेतनभोगी और 63 गृहिणियों ने की आत्महत्या, संसद में गूंजा चीन मुद्दा
Tue, 20 Dec 2022 04:41 PM IST
अभिषेक दीक्षित
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 20 Dec 2022 04:41 PM IST
सार
भाजपा के लोकसभा सदस्य प्रतापराव पाटिल ने मंगलवार को कहा कि भारत के लोगों को अब विश्वास हो गया है कि मोदी सरकार 1962 के युद्ध में चीन से खोई जमीन वापस ले लेगी।
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गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय
- फोटो : लोकसभा टीवी
विस्तार
भारत में 2021 में प्रतिदिन 115 दैनिक वेतनभोगी और 63 गृहिणियों ने आत्महत्या की। इस दौरान देश में कुल 1,64,033 आत्महत्याएं हुईं। सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों को साझा करते हुए कहा कि पिछले साल कुल 42,004 दैनिक वेतन भोगी और 23,179 गृहिणियों ने आत्महत्या की। कुल मिलाकर 20,231 स्व-नियोजित लोगों, 15,870 वेतनभोगी लोगों, 13,714 बेरोजगारों, 13,089 छात्रों, 12,055 व्यवसाय में शामिल, और 11,431 निजी क्षेत्र के उद्यमों में शामिल लोगों ने पिछले साल आत्महत्या की।
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राय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में लगे 10,881 लोग, 5,563 खेतिहर मजदूर, 5,318 किसान या खेती करने वाले लोगों ने आत्महत्या कर ली। इसके अलावा 4,806 ऐसे लोग ने भी आत्महत्या की, जो कृषि मजदूरों की सहायता के साथ या उसके बिना अपनी खुद की जमीन पर खेती करते थे। आत्महत्या करने वाले 512 लोग ऐसे भी थे, जो पट्टे की जमीन पर खेती करते थे या या अन्य की भूमि पर कृषि मजदूरों की सहायता से या उसके बिना करते थे।
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चीन से खोई जमीन वापस लेंगे: भाजपा सांसद
भाजपा के लोकसभा सदस्य प्रतापराव पाटिल ने मंगलवार को कहा कि भारत के लोगों को अब विश्वास हो गया है कि मोदी सरकार 1962 के युद्ध में चीन से खोई जमीन वापस ले लेगी। शून्य काल के दौरान बोलते हुए पटेल ने लोकसभा को बताया कि संसद ने 14 नवंबर, 1962 को एक प्रस्ताव पारित किया था कि भारत भूमि को वापस ले लेगा, लेकिन 60 वर्षों में इसे हासिल नहीं कर सका। पाटिल ने कहा कि जब 2014 में भाजपा सत्ता में आई तो सरकार ने पाकिस्तान में आतंकवादियों को मार गिराया और गलवान और तवांग में चीन को करारा जवाब दिया। नांदेड़ के सांसद ने कहा कि भारतीयों को अब भरोसा है कि मोदी सरकार 1962 में खोई हुई जमीन को वापस पाने के लिए किए गए वादे को पूरा करेगी।
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