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संसद बजट सत्र: राष्ट्रपति के अभिभाषण में अयोध्या, चंद्रयान, शिक्षा व आतंकवाद का भी जिक्र, पढ़िए 20 बड़ी बातें
Wed, 31 Jan 2024 12:51 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 31 Jan 2024 12:51 PM IST
सार
Parliament Budget Session 2024 News in Hindi: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज संसद से संयुक्त सत्र को संबोधित किया। पहली बार नई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहीं राष्ट्रपति ने कहा कि यह नई इमारत 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का एहसास कराती है। उन्होंने लगभग 74 मिनट के भाषण में चंद्रयान-तीन, नारी शक्ति वंदन कानून और अयोध्या के राम मंदिर समेत तमाम सरकारी परियोजनाओं का जिक्र किया।
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संसद में बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिभाषण
- फोटो : amar ujala graphics
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विस्तार
संसद के बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र की शुरुआत के मौके पर लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। उन्होंने लगभग 74 मिनट के संबोधन में सरकार के विजन और देश में बीते 10 साल की अवधि में हुए कामकाज का विस्तार से जिक्र किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का जिक्र किया। इस पर सदन में मौजूद सदस्यों ने मेज थपथपाकर बयान का स्वागत किया।
दो फरवरी से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यलवाद प्रस्ताव पर चर्चा
अब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव दो फरवरी को पेश किया जाएगा। दो फरवरी से दोनों सदनों में चर्चा शुरू होगी। सात फरवरी को प्रधानमंत्री धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देंगे। इससे पहले एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम या लेखा अनुदान बजट लोकसभा में पेश करेंगी।
राष्ट्रपति ने अयोध्या और राम मंदिर का जिक्र किया, सांसदों ने दी बधाई
इससे पहले राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में देश की रक्षा, विदेश और आर्थिक नीतियों का जिक्र किया। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा, सरकार विधायिका में आधी आबादी का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा, राम मंदिर के निर्माण की आकांक्षा सदियों से थी जो अब पूरी हुई है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा का समारोह गत 22 जनवरी को हुआ। पीएम मोदी ने राम लला की उत्सव मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा की। इस मौके पर देश-विदेश के लगभग आठ हजार मेहमान विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।
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जम्मू-कश्मीर, महिला आरक्षण और आर्थिक नीतियों पर भी बातें
अभिभाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने, औपनिवेशिक आपराधिक कानूनों के स्थान पर नए कानून बनाए जाने, नारी वंदन अधिनियम और सरकार के कई अन्य कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने ने कहा कि दुनिया भर में गंभीर संकटों के बीच भारत सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था है और लगातार पिछली दो तिमाही में देश की विकास दर साढ़े सात प्रतिशत रही।
राष्ट्रपति ने कहा,
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने बीते एक दशक के दौरान वैश्विक विवादों और संघर्षों के इस दौर में भी, अपने हितों को मजबूती से दुनिया के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में आजादी की 100वीं वर्षगांठ को देखने के लिए अनेक साथी इस सदन में मौजूद नहीं होंगे, लेकिन हमारी विरासत ऐसी होनी चाहिए कि तब की पीढ़ी हमें याद करे।
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दो फरवरी से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यलवाद प्रस्ताव पर चर्चा
अब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव दो फरवरी को पेश किया जाएगा। दो फरवरी से दोनों सदनों में चर्चा शुरू होगी। सात फरवरी को प्रधानमंत्री धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देंगे। इससे पहले एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम या लेखा अनुदान बजट लोकसभा में पेश करेंगी।
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राष्ट्रपति ने अयोध्या और राम मंदिर का जिक्र किया, सांसदों ने दी बधाई
इससे पहले राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में देश की रक्षा, विदेश और आर्थिक नीतियों का जिक्र किया। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा, सरकार विधायिका में आधी आबादी का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा, राम मंदिर के निर्माण की आकांक्षा सदियों से थी जो अब पूरी हुई है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा का समारोह गत 22 जनवरी को हुआ। पीएम मोदी ने राम लला की उत्सव मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा की। इस मौके पर देश-विदेश के लगभग आठ हजार मेहमान विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।
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जम्मू-कश्मीर, महिला आरक्षण और आर्थिक नीतियों पर भी बातें
अभिभाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने, औपनिवेशिक आपराधिक कानूनों के स्थान पर नए कानून बनाए जाने, नारी वंदन अधिनियम और सरकार के कई अन्य कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने ने कहा कि दुनिया भर में गंभीर संकटों के बीच भारत सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था है और लगातार पिछली दो तिमाही में देश की विकास दर साढ़े सात प्रतिशत रही।
राष्ट्रपति ने कहा,
- ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा साल 2023
- नई संसद भवन से एक भारत श्रेष्ठ भारत की महक
- चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर झंडा फहराने वाला दुनिया का पहला देश बना भारत
- मिशन मोड में सरकारी नौकरियां देना बड़ी उपलब्धि।
- नारी शक्ति वंदन कानून से महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित हुई।
- भारत में जी-20 देशों के सम्मेलन का सफल आयोजन।
- राम मंदिर के निर्माण का सदियों पूरा सपना सच हुआ।
- देश के करीब 25 करोड़ देशवासी गरीबी रेखा से ऊपर निकले।
- भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था।
- देश में स्टार्टअप्स की संख्या बढ़कर एक लाख के आंकड़े से भी आगे निकली
- देश में मोबाइल मैनुफैक्चरिंग में पांच गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- डिजिटल इंडिया से बड़ा बदलाव, यूपीआई से 18 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लेन-देन।
- खेती को किसानों के लिए अधिक लाभकारी बनाने पर जोर।
- पहली बार कृषि निर्यात की नीति बनाई गई
- देशभर में 1300 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प हो रहा है। स्थानीय सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखेगी।
- सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन योजना लागू की गई।
- सरकार रिफॉर्म परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के लिए कटिबद्ध।
- 22 जनवरी को लंबी प्रतीक्षा के बाद रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हुए।
- हमारी विरासत ऐसी हो, जिससे आने वाली पीढ़ियां हमें याद करें।
- नया संसद भवन भारत की ध्येय यात्रा को ऊर्जा देता रहेगा; यहां नई और स्वस्थ परंपराओं की शुरुआत का भरोसा।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने बीते एक दशक के दौरान वैश्विक विवादों और संघर्षों के इस दौर में भी, अपने हितों को मजबूती से दुनिया के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में आजादी की 100वीं वर्षगांठ को देखने के लिए अनेक साथी इस सदन में मौजूद नहीं होंगे, लेकिन हमारी विरासत ऐसी होनी चाहिए कि तब की पीढ़ी हमें याद करे।