26/11 जैसे हमले के लिए जासूसी कर रहा था पाक उच्चायोग का अफसर
जासूसी करते हुए दिल्ली में पकड़ा गया पाकिस्तानी उच्चायोग का अधिकारी महमूद अख्तर गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा, सरक्रीक और कच्छ के इलाकों में भारतीय सुरक्षाबलों की तैनाती से जुड़ी सूचनाएं एकत्रित कर रहा था। यह जानकारी गृहमंत्रालय के एक अधिकारी ने शुक्रवार को दी।
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, उनके पास ऐसा इनपुट है कि आईएसआई समंदर के रास्ते आतंकी भेजने की साजिश रच रही थी। आपको बता दें कि नवंबर 2008 में पाकिस्तान से समंदर के रास्ते आतंकी मुंबई में घुसे थे और 26/11 को अंजाम दिया था।
गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में मौलाना रमजान और सुभाष जांगिड़ को गिरफ्तार किया था। ये दोनों चिड़ियाघर से दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े थे। इन दोनों को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जबवे महमूद अख्तर को गोपनीय दस्तावेज सौंप रहे थे।
पाकिस्तान की जासूसी के लिए तैयार कर सके
इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद शोएब नाम के शख्स को जोधपुर से गिरफ्तार किया गया था। बताया जाता है कि वह वीजा एजेंट था। महमूद अख्तर पाकिस्तानी आर्मी में हवलदार था। आईएसआई ने जासूसी कराने के मकसद से उसे दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के वीजा सेक्शन में तैनात किया था, ताकि वह आसानी से लोगों को पाकिस्तान की जासूसी के लिए तैयार कर सके।
हालांकि, दिल्ली पुलिस के पास अख्तर के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, लेकिन डिप्लोमेटिक इम्यूनिटी के चलते उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका। गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब कर अख्तर को पूरे परिवार समेत 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का फरमान सुना दिया था।