Amritpal Case: खालिस्तान समर्थकों के प्रदर्शन के जरिए ISI रच रही साजिश; भारत में बैन किए गए कई ट्विटर एकाउंट
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हाल की घटनाओं का हवाला देते हुए खुफिया अधिकारियों ने कहा कि खालिस्तानी तत्वों के माध्यम से उनकी धार्मिक भावनाओं का शोषण करने के लिए आईएसआई एजेंटों द्वारा भारतीय हितों के स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
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खालिस्तान की मांग करने वाले अमृतपाल पर जैसे ही भारत में कानूनी शिकंजा कसना शुरू किया गया ठीक उसी दरम्यान अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में भारत विरोधी खालिस्तानी गतिविधियां तेज हो गई। इस बीच, अधिकारियों ने दावा किया है कि भारत के खिलाफ खालिस्तान समर्थकों को उकसाने के पीछे पाकिस्तान की आईएसआई का हाथ है। खुफिया अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने षडयंत्र के तहत विदेशों में खालिस्तान समर्थकों को प्रदर्शन आयोजित करने के लिए उकसाया है। खुफिया अधिकारियों का दावा है कि खालिस्तान समर्थक तत्वों के सभी कृत्यों को विभिन्न देशों में सक्रिय आईएसआई एजेंटों द्वारा अंजाम दिया गया था। इस बीच भारत में कई अन्य खालिस्तान समर्थकों के ट्विटर खातों को बंद कर दिया गया है। इसमें कई कनाड़ा के अधिकारी भी शामिल हैं।
आईएसआई एजेंट करा रहे भारत के खिलाफ प्रदर्शन
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हाल की घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि खालिस्तानी तत्वों के माध्यम से उनकी धार्मिक भावनाओं का शोषण करने के लिए आईएसआई एजेंटों द्वारा भारतीय हितों के स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
विदेशों में खालिस्तान समर्थकों का विरोध
अधिकारियों ने यह दावा तब किया है जबकि 'वारिस पंजाब दे' का प्रमुख अमृतपाल के समर्थन में लंदन और सैन फ्रांसिस्को में खालिस्तान समर्थकों ने भारतीय दूतावासों को निशाना बनाया है। रविवार को लंदन में भारतीय उच्चायोग पर से राष्ट्रीय ध्वज को उतारने की कोशिश की गई। वहीं, सोमवार को सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं, ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में भी छिटपुट विरोध प्रदर्शन हुए।
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में भारत के वाणिज्य दूतावास को खालिस्तान समर्थकों द्वारा कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था। वहीं, हाल ही में भारत दौरे पर ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भारत को आश्वासन दिया था कि उनकी सरकार ऐसे चरम कार्यों को सहन नहीं करेगी।
साथ ही, मेलबर्न में कई हिंदू मंदिरों में भी हाल के महीनों में खालिस्तान समर्थकों द्वारा तोड़फोड़ की गई थी। इतना ही नहीं, कनाडा ने हाल ही में खालिस्तानी समर्थकों द्वारा भारत विरोधी गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है।
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अमृतपाल के खिलाफ भारत में कार्रवाई तेज
भारत में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह और उसके साथियों पर एक्शन जारी है। पंजाब पुलिस की कई टीमें इसे पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चला रहीं हैं। सोमवार को उसके समर्थकों पर एनएसए लगाया गया। वहीं, रविवार को उसके 34 साथी गिरफ्तार कर लिए गए। इसके बाद कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल फरार हो गया है। अमृतपाल को पिछले साल 'वारिस पंजाब दे' का प्रमुख नियुक्त किया गया था, जिसकी स्थापना अभिनेता और कार्यकर्ता दीप सिद्धू ने की थी, जिनकी फरवरी 2022 में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।
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