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काफी उलझी हुई है जाधव की दास्तान, पाक की नजर में जासूस, भारत की निगाह में बिजनेसमैन

Mon, 25 Dec 2017 08:13 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Mon, 25 Dec 2017 08:13 PM IST
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Pakistani government considers Kulbhushan Jadhav as a Indian spy
Kulbhushan Jadhav

महाराष्ट्र के सांगली में 16 अप्रैल, 1970 को जन्मे भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडर कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने 3 मार्च, 2016 को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था। उसका दावा है कि जाधव भारतीय जासूस है और रिसर्च एंड एनालिसीस विंग (रॉ) के लिए काम कर रह था। 

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गिरफ्तारी के 20 दिन बाद पाकिस्तान ने जाधव के कबूलनामे का एक तथाकथित वीडियो भी जारी किया और साढ़े तीन महीने बाद 10 अप्रैल को फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल की अदालत ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई दी।
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भारत का दावा
भारत का दावा है कि जाधव नौसेना से रिटायर होने के बाद इरान के चाबहार में अपना व्यवसाय कर रहे थे और पाकिस्तान ने उन्हें इरान से अगवा कर उन पर जासूसी का आरोप लगाया है। भारत ने जेनेवा समझौते का हवाला देते हुए अपने उच्चायोग के अधिकारियों को जाधव से मिलने देने के लिए पाकिस्तान से कई बार अनुरोध किया। पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त गौतम बंबावाले के अनुसार अब तक पाकिस्तान 13 बार भारत के अनुरोध को ठुकरा चुका है।

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अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने फांसी पर लगाई रोक
इसके मद्देनजर भारत ने पाकिस्तान के साथ 17 अप्रैल, 2017 को होने वाली मैरीटाइम वार्ता को रद्द कर दिया। इसके बाद भारत ने हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने 18 मई को जाधव की फांसी पर रोक लगा दी। इस मामले में अब अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में जनवरी में सुनवाई होने वाली है।

क्यों हुई गिरफ्तारी

Pakistani government considers Kulbhushan Jadhav as a Indian spy
कुलभूषण जाधव
जाधव को अचानक फांसी की सजा सुनाए जाने से कुछ दिन पहले पाकिस्तान के एक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद हबीब जहीर लुंबिनी के पास भारतीय सीमा से गायब हो गए। माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने अपने जासूस का राज खुलने के डर से जाधव को आनन-फानन में सजा सुना दी।

जाधव पर शक क्यों
जाधव के पास से अपने नाम के अलावा हुसैन मुबारक पटेल के नाम से भी एक पासपोर्ट बरामद हुआ है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने यह फर्जी पासपोर्ट बनाया है। हालांकि मुंबई में जाधव ने अपनी मां अवंती के नाम से एक फ्लैट किराए पर दिया है जिसके दस्तावेज में उनका नाम हुसैन मुबारक पटेल लिखा हुआ है। कहा जा रहा है कि जाधव ने इस्लाम धर्म कबूल करने के बाद यह पासपोर्ट बनवाया है, लेकिन सवाल यह है उनके पास पुराने नाम वाला पासपोर्ट क्यों है?

पाक ड्रग माफिया से संबंध
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार जाधव का पाकिस्तान के ड्रग माफिया से संबंध हैं क्योंकि वहां के कुख्यात ड्रग तस्कर उजैर बलूच की गिरफ्तारी के एक महीने बाद जाधव को गिरफ्तार किया गया। कहा जा रहा है कि उजैर से मिली सूचना के आधार पर जाधव को पाकिस्तान बुलाकर जाल में फंसाया गया है।
 
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