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इन बहुओं के लिए पिया का घर अब भी ‘पराया’

Wed, 18 May 2016 04:39 AM IST
प्रदीप कुमार/अमर उजाला, अमरोहा
प्रदीप कुमार/अमर उजाला, अमरोहा Updated Wed, 18 May 2016 04:39 AM IST
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Pakistan women's for years awaiting citizenship.
बरसों पहले शादी के बाद परदेश में बाबुल का घर (पाकिस्तान) छोड़कर ये बहुएं पिया के घर भारत (अमरोहा) आई हैं। इन्हें पिया का घर प्यारा भी लगने लगा है। पिया के घर को ही अब ये अपना घर मानती हैं लेकिन कायदे-कानून आड़े आकर इन्हें पिया के घर को पराया बनाने में लगे हैं।
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पाकिस्तानी से ब्याहकर लाई गई नौ बहुओं की इल्तजा है कि इन्हें इनके शौहर के मुल्क की नागरिकता मिले जिससे ये चैन और सुकून से रह सकें। अभी तो इनके ऊपर लांग टर्म वीजा की तलवार लटकी रहती है। हर साल रिन्यू कराना पड़ता है। जरा सी देरी होती है तो दिल धड़कने लगता है। गृहमंत्रालय में नागरिकता के लिए अर्जी डाली है। लेकिन अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।
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पाकिस्तान के करांची शहर की रहने वाली हुमा खान ने अमरोहा के मोहल्ला कोट निवासी मुस्तफा सुहैल से वर्ष 2004 में शादी की थी। उस समय हुमा पाकिस्तान से एक माह का वीजा लेकर अमरोहा आईं थीं। इसी के आधार पर हुमा ने भारत की नागरिकता ग्रहण करने के लिए गृह मंत्रालय में आवदेन किया था।
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शादी के बारह साल बाद भी भारत की नागरिकता नहीं मिल सकी है। हुमा  के शौहर मुस्तफा सुहैल ने बताया कि अभी तक लांग टर्म वीजा भी नहीं मिला है, जबकि कई बार आवेदन किया जा चुका है। हुमा को पीहर पाकिस्तान जाने में भी काफी परेशानी आती है। भारत की नागरिकता के आवेदन के आधार पर पाकिस्तान जाने के लिए तीन माह का वीजा मिलता है। इन कठिनाइयों की वजह से जनवरी में भाई की शादी में शामिल नहीं हो पाईं। आवेदन के बाद उन्हें जाने की परमिशन तब मिली, जब भाई की शादी हो चुकी थी।

लांग टर्म वीजा पर अमरोहा में रह रही हैं बहुएं

Pakistan women's for years awaiting citizenship.
भाई की शादी  में शामिल नहीं हो पाईं फरहत जहां
पाकिस्तान के करांची प्रांत की रहने वाली फरहत जहां का अमरोहा के मोहल्ला नल निवासी मोहम्मद परवेज के साथ निकाह हुआ था। निकाह हुए को करीब पंद्रह साल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक भारत की नागरिकता नहीं मिली है। लांगटर्म वीजा के आधार पर अमरोहा में रह रहीं हैं। हर साल लांग टर्म वीजा का रिन्युअल कराना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कुछ माह पूर्व इकलौते भाई की शादी थी, लेकिन पाकिस्तान जाने की परमिशन नहीं मिल सकी।

मोना,  सकीना को भी ससुराल की नागरिकता की दरकार
पाकिस्तान के करांची में रहने वाली मोना, सकीना का निकाह अमरोहा के मोहल्ला बगला निवासी सिब्ते सज्जाद के साथ हुआ था, शादी को करीब पंद्रह साल हो चुके हैं। लांग टर्म वीजा के आधार पर अमरोहा में रह रहीं हैं। हर साल लांग टर्म वीजा का रिन्युअल करना पड़ता है। पाकिस्तान जाने को आसानी से परमिशन नहीं मिलती है। वह काफी समय से पाकिस्तान नहीं जा पाईं हैं।

लांग टर्म वीजा पर रहने वालों की मदद करेंगे
पाकिस्तानी बेटियों के कुछ प्रकरण मेरे संज्ञान में आए हैं, जो लांग टर्म वीजा पर यहां रह रही हैं। इस संबंध में वे हमसे जो मदद चाहती हैं, मदद की जाएगी। 
वेदप्रकाश, जिलाधिकारी (अमरोहा)
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