पाकिस्तान ने एससीओ बैठक में की ऐसी नापाक हरकत, एनएसए डोभाल ही नहीं रूस को भी किया नाराज
- सामरिक साझीदार देश ने पाकिस्तान के कदम की की आलोचना
- रूस के एनएसए ने भारत से एससीओ की बैठक में हिस्सा लेना जारी रखने की जताई उम्मीद
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पड़ोसी देश पाकिस्तान ने एससीओ के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में जानबूझ कर ऐसी शरारत की जिसके बाद भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने एससीओ की बैठक से किनारा कर लिया। पाकिस्तान ने बैठक के दौरान बैकड्रॉप में गलत नक्शा लगाया था। पाकिस्तान की इस करतूत को एनएसए डोभाल को समझने में देर नहीं लगी और वह बैठक छोड़कर उठ गए। डोभाल के बैठक से हटने के बाद रूस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार निकोलाई पैट्रूशेव ने पाकिस्तान के इस प्रयास की आलोचना की और उसे भविष्य में इस तरह की हरकतों से बाज आने के लिए कहा।
पाकिस्तान के कदम का रूस समर्थन नहीं करता
एनएसए डोभाल के बैठक छोड़ने के बाद रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि रूस ने साफ कहा कि वह पाकिस्तान के इस तरह के प्रयासों का समर्थन नहीं करता। रूस ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान के इस तरह के उकसावे भरे व्यवहार को नजरअंदाज करके भारत-शंघाई सहयोग संगठन की बैठकों में भाग लेना जारी रखेगा। इस दौरान रूस के एनएसए ने भारतीय एनएसए के कदम का समर्थन करते हुए कहा कि वह (डोभाल) हम उनका सम्मान करते हैं।
अजीत डोभाल के एससीओ की बैठक छोड़ने के क्या हैं मायने?
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की इस बैठक को रूस आयोजित कर रहा है। बैठक के चेयरमैन भी रूस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार निकोलाई पैट्रुशेव ही हैं। इस बैठक में रूस, चीन, पाकिस्तान समेत कई देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने हिस्सा लिया, लेकिन जैसे ही बैठक शुरू हुई, पीछे की तरफ भारतीय हिस्से को पाकिस्तान ने अपना बताने वाला नक्शा लगा रखा था। लिहाजा एनएसए ने खुद को इस बैठक से अलग कर लिया। एनएसए के बैठक से हटने का सीधा अर्थ है कि बैठक का आयोजक देश (रूस) अपनी जिम्मेदारी निभाए। इससे पहले चीन द्वारा लद्दाख क्षेत्र में घुसपैठ और 15 जून को उसके सैनिकों द्वारा हिंसक झड़प की शुरुआत करने के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी एससीओ की बैठक में शामिल होने के प्रति अनिच्छा जताई थी। बाद में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के प्रयासों के बाद वह इसमें वर्चुअली सम्मिलित हुए थे। इस तरह से भारत ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह इस तरह की हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
एससीओ की मर्यादा के खिलाफ है पाकिस्तान का आचरण
पाकिस्तान का गलत तरीके से नक्शा लगाना एससीओ के नियम, शर्तों तथा मर्यादा के विरुद्ध है। एससीओ के सदस्य देशों के लिए पहले से ही यह शर्त लागू है कि वह बैठक के दौरान किसी भी सदस्य देश के साथ उकसावे भरा व्यवहार नहीं करेंगे। वैसे भी एससीओ का फोरम कोई भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय फोरम नहीं था। यह एससीओ की बैठक के लिए जारी की गई एडवाइजरी के भी खिलाफ है।
चीन के ईशारे पर कुछ ज्यादा उछल रहा है पाकिस्तान
पाकिस्तान द्वारा एससीओ में किए गए प्रयास में सामरिक मामलों के जानकारों को चीन का ईशारा समझ में आ रहा है। सूत्र बताते हैं कि अप्रैल महीने से लद्दाख में चीन के सैनिकों ने घुसपैठ की है। मई के बाद से रिश्ते तनाव-पूर्ण चल रहे हैं। इस दौरान पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर से लगती सीमा पर लगातार आतंकियों की घुसपैठ कराने और गोलीबारी आदि में लगा है।