पाकिस्तान की उड़ी नींद: बिलबिलाहट में LoC पर कर रहा फायरिंग; इसकी वजह भारत की जवाबी कार्रवाई का डर या कुछ और?
पाकिस्तान ने कश्मीर घाटी में नियंत्रण रेखा पर बिना उकसावे के गोलीबारी करके संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। हमारी सेना ने भी इसका उचित जवाब दिया। आइए जानते हैं पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान बार-बार सीजफायर का उल्लंघन क्यों कर रहा है और इसकी क्या वजह हो सकती है...
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान की नींद उड़ी हुई है। वह लगातार नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम का उल्लंघन कर रहा है। हालिया उल्लंघन 27-28 अप्रैल 2025 की रात को किया गया। पाकिस्तानी सेना ने अपनी ओर की चौकियों से कुपवाड़ा और पुंछ जिलों के विपरीत क्षेत्रों से बिना उकसावे के गोलीबारी की। नियंत्रण रेखा के पार ऐसे उल्लंघन बीते चार दिन से किए जा रहे हैं। हालांकि, भारतीय सेना इसका मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। पाकिस्तान की ऐसी कायराना हरकत आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक लड़ाई के डर का नतीजा है। उसे हर पल यही डर सता रहा है कि इस बार भारत बालाकोट और पुलवामा हमले के बाद किए गए जवाबी हमले से खतरनाक मोर्चा खोलेगा। इसी बिलबिलाहट में पड़ोसी छटपटा रहा है।
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पहलगाम हमले के बाद भारत की सख्त कार्रवाइयों से छटपटा रहे पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ती ही जा रही है। वह लगातार अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने वाली हरकतें कर रहा है। 26-27 अप्रैल की रात को पाकिस्तानी सेना की चौकियों ने तुतमारी गली और रामपुर सेक्टर के सामने नियंत्रण रेखा के पार बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की थी। ऐसे ही 25-26 अप्रैल की रात को नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तानी सेना चौकियों की ओर से गोलीबारी की गई थी। इससे पहले 24 अप्रैल की रात को भी नियंत्रण रेखा पर कुछ स्थानों पर पाकिस्तानी सेना की ओर से फायरिंग की गई थी।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की दहशत में पाकिस्तान
पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान डरा हुआ है। वह भारत की जवाबी कार्रवाई के डर से छटपटा रहा है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। आतंकी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे। पाकिस्तान कसे डर है कि भारत सर्जिकल और एयर स्ट्राइक से भी खतरनाक ऑपरेशन कर पहलगाम के मासूम लोगों का बदला लेने की तैयारी कर रहा है।
आतंकियों ने 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर गोली मार दी थी। इसके बाद से भारत ने कई मोर्चों पर पाकिस्तान की नींदें उड़ा रखी है। सिंधु जल संधि के निलंबन से लेकर पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने तक, भारत ने पाकिस्तान पर कई पाबंदियां लगा दी हैं। पाकिस्तान भी अनरगल बयानबाजी कर रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।
हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान को दिए कई झटके
इससे पहले पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए थे। इसमें 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया था। इसके साथ ही एकीकृत चेक पोस्ट अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया था। इसके अलावा पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीजा छूट योजना के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति देने पर रोक लगा दी गई थी। भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया था।
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बीते दिन पीएम मोदी ने दी थी सख्त चेतावनी
बीते दिन 'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने एक बार फिर से पहलगाम हमले को लेकर दुख जताया था। साथ ही उन्होंने पहलगाम के दोषियों को कड़ी सजा देने की बात दोहराई थी। उन्होंने कहा था कि पहलगाम की घटना ने देशवासियों को पीड़ा पहुंचाई है और इसे लेकर देशवासियों के मन में गहरी पीड़ा है। लोग पीड़ित परिजनों के दर्द को महसूस कर सकते हैं। हर भारतीय का खून आतंक की तस्वीरों को देखकर खौल रहा है। ऐसे समय में जब कश्मीर में शांति लौट रही थी और लोकतंत्र मजबूत हो रहा था। पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हो रही थी और लोगों की कमाई बढ़ रही थी, लेकिन देश के दुश्मनों को और जम्मू कश्मीर के दुश्मनों को ये रास नहीं आया। आतंकी चाहते हैं कि कश्मीर फिर से तबाह हो जाए। इस मुश्किल वक्त में 140 करोड़ देशवासियों की एकता सबसे बड़ा आधार है।
पीएम मोदी ने कहा कि हमें इस चुनौती का सामना करने के लिए अपने संकल्पों को मजबूत करना है। हमें एक दृढ़ राष्ट्र के रूप में अपनी इच्छाशक्ति को मजबूत करना है। भारत के लोगों में जो आक्रोश है, वो पूरी दुनिया में हैं। इस आतंकी हमले के बाद दुनियाभर से लगातार संवेदनाएं आ रही हैं। कई राष्ट्राध्यक्षों ने मुझे भी फोन करके पहलगाम की घटना पर दुख जताया है। इस जघन्य तरीके से किए गए आतंकी हमले की सभी ने कठोर निंदा की है। पूरा विश्व आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में देश के साथ खड़ा है। मैं पीड़ित परिवारों को भरोसा देता हूं उन्हें न्याय मिलेगा...और न्याय मिलकर रहेगा। इस हमले के दोषियों को कठोरतम जवाब दिया जाएगा।