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Padma Awards 2022: भूख मिटाने में योगदान देने वाले वैज्ञानिक को पद्म भूषण, छह जवानों को शौर्य चक्र
Wed, 26 Jan 2022 06:01 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 26 Jan 2022 06:01 AM IST
सार
खाद्य विज्ञानी डॉक्टर राजाराम को साल 2014 में वर्ल्ड फूड प्राइज मिल चुका है। उनके द्वारा विकसित गेहूं की किस्में दुनिया के 51 देशों में उगाई जा रही हैं और इसके कारण दुनिया में गेहूं का उत्पादन सालाना 20 करोड़ टन बढ़ गया।
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भारतीय मूल के मैक्सिकन वैज्ञानिक डॉक्टर संजय राजाराम
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अहम योगदान देने वालों को सम्मानित करने का सिलसिला पद्म सम्मानों की ताजा सूची में भी जारी है। गेहूं की 480 से अधिक किस्मों का विकास कर दुनिया की भूख मिटाने और अपना योगदान देने वाले भारतीय मूल के मैक्सिकन वैज्ञानिक डॉक्टर संजय राजाराम को देश का गौरव बढ़ाने वाले उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें सरकार ने मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया है।
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खाद्य विज्ञानी डॉक्टर राजाराम को साल 2014 में वर्ल्ड फूड प्राइज मिल चुका है। उनके द्वारा विकसित गेहूं की किस्में दुनिया के 51 देशों में उगाई जा रही हैं और इसके कारण दुनिया में गेहूं का उत्पादन सालाना 20 करोड़ टन बढ़ गया। पूरी दुनिया की हरित क्रांति में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। डॉक्टर राजाराम को साल 2001 में पद्मश्री दिया गया था।
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माधुरी बर्थवाल, ऑल इंडिया रेडियो की पहली संगीतकार
माधुरी बर्थवाल नी उनियाल उत्तराखंड की लोकगायिका हैं। वह ऑल इंडिया रेडियो में संगीतकार बनने वाली पहली महिला हैं। उन्हें संगीत शिक्षिका बनने वाली पहली महिला गढ़वाली संगीतकार कहा जाता है। ।
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सौकार जानकी, 450 फिल्मों में अभिनय
शंकरमंची जानकी को सोकार जानकी या शावुकारू जानकी के नाम से भी जाना जाता है। तमिल, तेलुगु व कन्नड़ भाषाओं में 450 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुकी हैं। 3,000 से अधिक शो कर चुकी हैं।
डॉ. हिम्मतराव बावस्कर, लाल बिच्छू से मौत पर शोध
हिम्मतराव सलूबा बावस्कर महाराष्ट्र के महाड के एक भारतीय चिकित्सक हैं। 1982 में उनके 51 शोध को ब्रिटिश मेडिकल जर्नल द लांसेट में प्रकाशित किया जा चुका है।
34 महिला, 10 एनआरआई-विदेशी और 13 हस्तियां मरणोपरांत सम्मानित
पद्म पुरस्कार पाने वालों की सूची में 34 महिलाएं, 10 आप्रवासी भारतीय या विदेशी शामिल हैं जबकि 13 हस्तियों को मरणोपरांत यह सम्मान मिला है।
छह जवानों को शौर्य चक्र
भारतीय सेना के पांच जवानों को मरणोपरांत शांति के समय का तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। इन्हें यह सम्मान आतंकवादियों का मुकाबला करते समय असाधारण बहादुरी दिखाने के लिए प्रदान किया गया। वहीं असम राइफल्स के सैनिक राकेश शर्मा को असम में विद्रोही विरोधी अभियान के दौरान बहादुरी दिखाने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। भारतीय सेना ने मंगलवार को वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए पुरस्कार प्राप्त जवानों की सूची जारी की।
इस सूची में विशिष्ट सेवा के लिए 19 जवानों को परम विशिष्ट सेवा पदक, 33 को अति विशिष्ट सेवा पदक और 77 को विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किए गए। इसके अलावा चार जवानों को उत्तम युद्ध सेवा पदक, 10 को युद्ध सेवा पदक, 84 को सेना पदक और 40 को विशिष्ट सेवा के लिए सेना पदक पुरस्कार से सम्मानित किए गए। मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित :नायाब सूबेदार श्रीजीत एम, हवलदार अनिल कुमार तोमर, हवलदार काशीराय बमनल्ली, हवलदार पिंकू कुमार, सिपाही, मारुप्रोलू जसवंत कुमार रेड्डी।