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Parliament: संसद में ओवैसी ने BJP को घेरा, कहा- देश में खतरे में मस्जिदें, वक्फ बोर्ड छीनने की कोशिश की जा रही
Sat, 14 Dec 2024 04:42 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Sat, 14 Dec 2024 04:42 PM IST
सार
संसद में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 26 धार्मिक संप्रदाय को धार्मिक और धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए संस्था स्थापित करने और बनाए रखने का अधिकार देता है। प्रधानमंत्री कहते हैं कि वक्फ का संविधान से कोई लेना-देना नहीं है। प्रधानमंत्री को कौन पढ़ा रहा है? उन्हें अनुच्छेद 26 पढ़ाया जाए।
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संसद में बोलते एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी
- फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब
विस्तार
संसद में संविधान को लेकर चल रही चर्चा के दौरान एआईएमआईएम के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि देश में मस्जिदें खतरे में आ गईं हैं। वक्फ बोर्ड को छीनने की कोशिश की जा रही है। मुस्लिमों को कमजोर किया जा रहा है। उनको चुनाव लड़ने से रोका जा रहा है। मुसलमान चुनाव नहीं जीत पा रहे हैं। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर डिलिमिटेशन को लागू नहीं किया जा रहा है।
ओवैसी ने कहा कि उर्दू को खत्म किया जा रहा है। मुस्लिम संस्कृति को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान सच्चा है। संविधान का अनुच्छेद 26 धार्मिक संप्रदाय को धार्मिक और धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए संस्था स्थापित करने और बनाए रखने का अधिकार देता है। प्रधानमंत्री कहते हैं कि वक्फ का संविधान से कोई लेना-देना नहीं है। प्रधानमंत्री को कौन पढ़ा रहा है? उन्हें अनुच्छेद 26 पढ़ाया जाए। सरकार का लक्ष्य वक्फ संपत्तियों को छीनना है। वे इसे अपनी ताकत के आधार पर छीनना चाहते हैं।
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ओवैसी ने कहा कि लोकसभा और विस क्षेत्र में परिसीमन में ऐसे किया गया कि मुस्लिम लोग चुनाव न जीत पाएं। 2007 में सच्चर कमेटी ने नए सिरे से परिसीमन करने के लिए कहा था। मुझे नहीं लगता कि जब नई जनगणना होगी तो सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू किया जाएगा। अनुच्छेद 15 और 16 में आरक्षण उनको नहीं मिला जिनका मजहब इस्लाम था। संविधान में अनुच्छेद 25, 26, 29, 13, 14 और 21 का उल्लेख है। उसका सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है।
ओवैसी ने कहा कि कई प्रदेशों में ऐसा कानून बना दिया गया कि आप ये नहीं खा सकते, आप वो नहीं खा सकते। हरियाणा और राजस्थान में पुलिस के अधिकार गोरक्षकों को दे दिए गए और उनका गलत इस्तेमाल मॉब लिंचिंग में किया गया। उदाहरण देते हुए एआईएमआईएम सांसद ने कहा कि साबिर मलिक को पीटकर मार दिया गया कि उसने बीफ खाया था। बाद में पता लगा था कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं था। जुनैद और नफीर को भी जिंदा जला दिया गया है। तब्दीली मजहब (धर्म परिवर्तन) का कानून लाया गया। क्या मुझे अपना मजहब बदलने के लिए सरकार से पूछना पड़ेगा? भाजपा का राष्ट्रवाद हिंदुत्व का है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों और दलितों को कई अधिकार दिए गए हैं, लेकिन उनको अधिकार नहीं मिल रहे हैं।
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#WATCH | During discussion on 75th anniversary of adoption of the Constitution of India, AIMIM MP Asaduddin Owaisi says, "Read Article 26, it gives religious denomination, the right to establish and maintain institution for religious and charitable purposes. The Prime Minister… pic.twitter.com/5KOoRAe6Vm
— ANI (@ANI) December 14, 2024
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ओवैसी ने कहा कि उर्दू को खत्म किया जा रहा है। मुस्लिम संस्कृति को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान सच्चा है। संविधान का अनुच्छेद 26 धार्मिक संप्रदाय को धार्मिक और धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए संस्था स्थापित करने और बनाए रखने का अधिकार देता है। प्रधानमंत्री कहते हैं कि वक्फ का संविधान से कोई लेना-देना नहीं है। प्रधानमंत्री को कौन पढ़ा रहा है? उन्हें अनुच्छेद 26 पढ़ाया जाए। सरकार का लक्ष्य वक्फ संपत्तियों को छीनना है। वे इसे अपनी ताकत के आधार पर छीनना चाहते हैं।
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ओवैसी ने कहा कि लोकसभा और विस क्षेत्र में परिसीमन में ऐसे किया गया कि मुस्लिम लोग चुनाव न जीत पाएं। 2007 में सच्चर कमेटी ने नए सिरे से परिसीमन करने के लिए कहा था। मुझे नहीं लगता कि जब नई जनगणना होगी तो सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू किया जाएगा। अनुच्छेद 15 और 16 में आरक्षण उनको नहीं मिला जिनका मजहब इस्लाम था। संविधान में अनुच्छेद 25, 26, 29, 13, 14 और 21 का उल्लेख है। उसका सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है।
ओवैसी ने कहा कि कई प्रदेशों में ऐसा कानून बना दिया गया कि आप ये नहीं खा सकते, आप वो नहीं खा सकते। हरियाणा और राजस्थान में पुलिस के अधिकार गोरक्षकों को दे दिए गए और उनका गलत इस्तेमाल मॉब लिंचिंग में किया गया। उदाहरण देते हुए एआईएमआईएम सांसद ने कहा कि साबिर मलिक को पीटकर मार दिया गया कि उसने बीफ खाया था। बाद में पता लगा था कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं था। जुनैद और नफीर को भी जिंदा जला दिया गया है। तब्दीली मजहब (धर्म परिवर्तन) का कानून लाया गया। क्या मुझे अपना मजहब बदलने के लिए सरकार से पूछना पड़ेगा? भाजपा का राष्ट्रवाद हिंदुत्व का है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों और दलितों को कई अधिकार दिए गए हैं, लेकिन उनको अधिकार नहीं मिल रहे हैं।