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DCGI: गुणवत्ता मानकों को पूरा न करने वाली दवाओं वापस करने का आदेश; नकली दवा निर्माताओं के खिलाफ भी कार्रवाई
Wed, 09 Oct 2024 05:41 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 09 Oct 2024 05:41 PM IST
सार
DCGI: डीसीजीआई राजीव सिंह रघुवंशी ने कहा कि करीब 45 दवा निर्माताओं को गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए के कारण अपने उत्पादों को वापस लेने को कहा गया है। जबकि पांच नकली दवा निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
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दवाएं
- फोटो : Freepik.com
विस्तार
भारत के दवा नियामक ने बुधवार को जानकारी दी कि करीब 45 दवा निर्माताओं को गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए के कारण अपने उत्पादों को वापस लेने को कहा गया है। साथ ही, पांच नकली दवा निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई कार्रवाई भी शुरू की गई है।
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केंद्रीय दवा मानक नियंत्रक संगठन (सीडीएससीओ) के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) राजीव सिंह रघुवंशी ने सीआईआई फार्मा और लाइफ साइंसेज शिखर सम्मेलन से इतर पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया है कि पचास नकली दवाओं पर प्रतिबंध लगाने की खबरें पूरी तरह गलत हैं। ये नकली दवाएं नहीं हैं, गुणवत्ता के पैमाने पर खरी नहीं उतर रही हैं। दोनों चीजों में अंतर है।
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रघुवंशी ने बताया कि सीडीएससीओ हर महीने बाजार से करीब दो हजार से ज्यादा नमूनों का परीक्षण करता है। इनमें से करीब 40-50 नमूने पहले या दूसरे मानक में विफल हो जाते हैं। ये विफलताएं अक्सर छोटे-छोटे मानकों से जुड़ी होती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए कोई गंभीर खतरा पैदा नहीं करते। जब नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो उसकी जानकारी सीडीएससीओ के पोर्टल पर साझा की जाती है।
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हालिया खबरों का जिक्र करते हुए रघुवंशी ने कहा कि अभी जिस तस्वीर को पेश किया जा रहा है, वह यह बता रही है कि पचास नकली दवाएं हैं, जिन्हें हमने प्रतिबंधित किया। यह पूरी तरह गलत है। वे नकली दवाएं नहीं हैं और इन्हें प्रतिबंधित नहीं किया गया। इन्हें केवल मानक गुणवत्ता पर खरे न उतरने वाली दवाओं के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
जब उनसे पूछा गया कि सीडीएससीओ की हाल की अधिसूचना के बाद क्या कार्रवाई की गई, तो उन्होंने कहा, हम जो प्रक्रिया अपनाते हैं, उसमें उन सभी दवाओं को वापस लेने के लिए कहना शामिल होता है, जो मानकों पर खरा नहीं उतरती या जो नकली हैं। जब सीडीसीएससीओ को इनके बारे में जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत उन निर्माताओं को सूचित करते हैं और उनसे कहते हैं कि वे अपनी दवाएं वापस लें। यह सब एक तय प्रक्रिया के तहत होता है।