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'ये एक प्रवक्ता की राय': राउत ने MVA को बताया उद्धव की इच्छा से चलने वाला गठबंधन, अजित पवार ने किया पलटवार

Mon, 19 Jun 2023 06:37 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 19 Jun 2023 06:37 PM IST
सार

Maharashtra: संजय राउत के बयान पर अजित पवार ने कहा, 'यह उनके (शिवसेना-यूबीटी के) प्रवक्ता की राय है, लेकिन मुझे लगता है कि गठबंधन के बारे में अंतिम फैसला राकांपा प्रमुख शरद पवार, सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उद्धव ठाकरे को करना है।'

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Opinion of a spokesperson Ajit Pawar on Sanjay Rauts remarks on MVA alliance
अजित पवार - फोटो : फेसबुक/अजित पवार

विस्तार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता अजित पवार ने सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता संजय राउत की उस बयान को लेकर खिंचाई की, जिसमें उन्होंने कहा था कि उद्धव ठाकरे की इच्छा तक ही महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन का अस्तित्व रहेगा। पत्रकारों से बात करते हुए पवार ने यह भी कहा कि आम तौर पर सबसे ज्यादा सीटों वाली पार्टी को विपक्ष के नेता का पद मिलता है।

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उनसे सवाल किया गया था कि क्या शिवसेना (यूबीटी) विधान पार्षद मनीषा कयांदे के शिंदे वाली शिवसेना में शामिल होने के मद्देनजर राकांपा विधान परिषद में विपक्ष के नेता पद के लिए दावा पेश करेगी। राउत ने मुंबई में रविवार को शिवसेना (यूबीटी) के पूर्ण अधिवेशन में कहा था कि जब तक उद्धव ठाकरे चाहेंगे, तब तक एमवीए गठबंधन बना रहेगा।

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'गठबंधन के अस्तित्व पर राउत की अपनी राय'
राउत की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा, 'यह उनके (शिवसेना-यूबीटी के) प्रवक्ता की राय है, लेकिन मुझे लगता है कि गठबंधन के बारे में अंतिम फैसला राकांपा प्रमुख शरद पवार, सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उद्धव ठाकरे को करना है।' उन्होंने यह भी कहा कि तीनों पार्टियां (शिवसेना यूबीटी, राकांपा और कांग्रेस) (2019 चुनाव के बाद) एक साथ आई अन्यथा सरकार न बनती।
 

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हर पार्टी को अपना आधार बढ़ाने का अधिकार: अजित पवार
उन्होंने कहा, 'चाहे राकांपा हो, कांग्रेस हो या शिवसेना हो या कोई भी राजनीतिक दल हो, उन्हें अपनी पार्टी का आधार बढ़ाने का अधिकार है। लेकिन, एमवीए के हिस्से के रूप में ऐसा करते समय यह नहीं होना चाहिए कि दूसरों (भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना) को फायदा हो।' जब उनसे पूछा गया कि क्या राकांपा विधान परिषद में विपक्ष के नेता पद के लिए दावा करेगी, पवार ने कहा, 'आप मुझसे जो भी पूछ रहे हैं, हमने अभी तक इस पर कुछ भी तय नहीं किया है।आपने इसे हमारे संज्ञान में लाया है, हम इस पर विचार करेंगे।'
 

विधान परिषद में भाजपा के पास सर्वाधिक 22 पार्षद
महाराष्ट्र विधान परिषद के अनुसार, 8 फरवरी, 2023 तक 78 सदस्यीय परिषद में भाजपा के पास सबसे अधिक 22 एमएलसी हैं, इसके बाद शिवसेना के 11 हैं। राकांपा के पास 9 एमएलसी, कांग्रेस के 8, जबकि तीन छोटे दलों के हैं, और 4 निर्दलीय हैं। 21 सीटें खाली पड़ी हैं। शिवसेना (यूबीटी) के दो एमएलसी मनीषा कयांदे और विप्लव बाजोरिया शिंदे खेमे में शामिल हो गए हैं। कयांदे को उनकी मूल पार्टी द्वारा निष्कासित नहीं किया गया है। एमएलसी के रूप में उनका कार्यकाल जुलाई 2024 में समाप्त हो रहा है।

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