एक क्लिक पर आयुर्वेद की सारी जानकारी, 700 तरह की आयुर्वेदिक दवाओं का वैज्ञानिक ब्योरा होगा ऑनलाइन
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आयुर्वेदिक दवाओं को लेकर केंद्र सरकार बड़ी पहल करने जा रही है। जल्द ही 700 दवाओं के वैज्ञानिक ब्योरा एक क्लिक पर मिलेगा। आयुष मंत्रालय इन दवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए फार्माकोपिया को ऑनलाइन करने जा रहा है। इससे दवा निर्माताओं को विभिन्न तत्वों और उनके इस्तेमाल की मात्रा को लेकर जानकारी हासिल होगी।
फार्माकोपिया कमीशन फॉर इंडियन मेडिसिन एंड होम्योपैथी के निदेशक डॉ. केसीआर रेड्डी ने बताया कि अब तक आयुर्वेद की 400 एकल दवाओं तथा करीब 300 एक से ज्यादा मालीक्यूल वाली दवाओं का फार्माकोपिया तैयार किया जा चुका है। अभी तक यह सिर्फ दस्तावेज के रूप में उपलब्ध थी।
अब इन्हें ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है। 13 दिसंबर को गाजियाबाद के फार्माकोपिया कमीशन में केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाईक सेवा की शुरुआत करेंगे। मंत्रालय के एक निदेशक ने बताया कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब आयुष वैज्ञानिक इन दिनों आयुर्वेद ग्रंथ को खंगालने में जुटे हैं।
आयुर्वेद चिकित्सा पद्घति से जुड़ी और भी दवाओं को अगले एक से दो वर्ष के भीतर पूरी दुनिया के सामने लाया जाएगा। उनका कहना है कि आयुर्वेद में औषधियों की संख्या हजारों में हैं, इसलिए यह कार्य लंबा चलेगा।
कोई देश नहीं कर पाएगा दावा
डॉ. रेड्डी ने बताया कि वर्ष 2010 में अमेरिका ने हल्दी और नीम से जुड़े हर्बल उत्पाद तैयार कर खुद का पेटेंट घोषित कर दिया था, लेकिन जब भारत ने इस पर ऐतराज जताया तो अमेरिका ने सात अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में आयुर्वेद दवाओं का ब्योरा उपलब्ध नहीं होने का तर्क दिया था। अब फॉर्माकोपिया और फॉर्मालुरी के ऑनलाइन होने के बाद कोई भी देश भारतीय आयुर्वेद की दवाओं पर अपनी मुहर नहीं लगा सकेगा।
एमबीबीएस के पाठ्यक्रम में होगा आयुर्वेद
जल्द ही केंद्र सरकार एमबीबीएस के पाठ्यक्रम में आयुर्वेद को शामिल करेगी। इसके लिए पाठ्यक्रम में बाकायदा बतौर जर्नल मेडिसिन इसका पूरा ब्योरा दिया जा सकेगा। जल्द ही आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय इसकी घोषणा भी कर सकता है।