फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   One nation one election bill introduced in lok sabha on 17 december referred to jpc

One Nation One Election: कल लोकसभा में पेश हो सकता है 'एक देश एक चुनाव' विधेयक, जेपीसी को भेजा जाएगा

Mon, 16 Dec 2024 12:08 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 16 Dec 2024 12:08 PM IST
सार

संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024, जिसे एक देश, एक चुनाव विधेयक कहा जा रहा है, उसे केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल लोकसभा में पेश करेंगे। 

विज्ञापन
One nation one election bill introduced in lok sabha on 17 december referred to jpc
लोकसभा - फोटो : X / @sansad_tv

विस्तार

लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा। लोकसभा के एजेंडे में कहा गया है कि संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 जिसे 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विधेयक के रूप में जाना जाता है। इसे केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की ओर से पेश किया जाएगा। इसके पेश किए जाने के बाद, मेघवाल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अनुरोध करेंगे कि वे विधेयक को व्यापक विचार-विमर्श के लिए संसद की संयुक्त समिति को भेजें। मेघवाल केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 भी पेश करेंगे। इसके तहत केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू और कश्मीर, पुडुचेरी और दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एक साथ चुनाव कराने की योजना है।

विज्ञापन


जेपीसी को भेजा जाएगा
लोकसभा में विधेयक को पेश करने के बाद कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अपील कर सकते हैं कि विधेयक को विस्तृत चर्चा के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया जाए। चर्चा के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें सत्ता पक्ष के साथ ही विपक्षी सांसदों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा को इस समिति की अध्यक्षता मिलेगी। संयुक्त समिति में विभिन्न दलों के सांसदों की संख्या को आनुपातिक आधार पर तय किया जाएगा।
विज्ञापन


90 दिन का रहेगा जेपीसी का कार्यकाल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विधेयक पेश किए जाने के समय निचले सदन में मौजूद रह सकते हैं। पिछले सप्ताह केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने का फैसला किया था। लोकसभा अध्यक्ष विधेयक पेश किए जाने वाले दिन ही उसे दिन जेपीसी को भेज सकते हैं। शुरू में, प्रस्तावित समिति (जेपीसी) का कार्यकाल 90 दिनों का होगा, लेकिन बाद में इसे बढ़ाया जा सकता है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संसदीय और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए दो विधेयकों को मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक देश एक चुनाव पर सिफारिश देने वाली समिति के अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा था कि 32 दलों ने इस विचार का समर्थन किया है, जबकि 15 ने इसका विरोध किया है। देश में 1951 से 1967 के बीच एक साथ चुनाव हुए थे। एक साथ चुनाव कराने की अवधारणा 1983 से कई रिपोर्टों और अध्ययनों में शामिल रही है, जिसका उद्देश्य देश में एक साथ चुनाव कराना है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed