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पहले दिन अफरातफरी से हवा-हवाई हुईं घरेलू विमान सेवाएं, यात्री बोले- अब जान में जान आई

Tue, 26 May 2020 03:19 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 26 May 2020 03:19 AM IST
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On the first day, domestic air services Resumed with Chaos, passengers said now lives
एयर इंडिया - फोटो : PTI

आखिरकार 60 दिन बाद कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से खौफ के बीच सोमवार से घरेलू विमान सेवाएं अफरातफरी के साथ शुरू हुईं। पहले दिन देशभर में कम से कम 1050 उड़ानें संचालित होनी थीं, मगर सिर्फ 532 उड़ानें ही संचालित हो पाईं, जिनमें 39,231 यात्रियों ने सफर किया।

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तकरीबन 630 उड़ानें राज्यों की पाबंदियों के चलते रद्द कर दी गईं। वहीं, कई विमानों के टेकऑफ के समय में 10 घंटे से ज्यादा समय का बदलाव भी करना पड़ा। लॉकडाउन के बीच जैसे-तैसे एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों में बिना किसी पूर्व सूचना के उड़ानों के रद्द किए जाने को लेकर गहरी नाराजगी दिखी।
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अकेले दिल्ली से ही आने-जाने वाली कुल 82 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दिल्ली में करीब 243 विमानों का संचालन हुआ। इनमें 125 विमानों ने दिल्ली से अन्य एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी तो 118 दूसरे शहरों से दिल्ली पहुंचे। यही हाल बंगलूरू एयरपोर्ट का रहा, जहां 74 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
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राजस्थान के जयपुर एयरपोर्ट से 20 उड़ानों का संचालन होना था, मगर इनमें से नौ ही विमान उड़ सके। एयर इंडिया समेत निजी विमानन कंपनियों की ज्यादातर उड़ानों में यात्री पूरे ही नहीं पडे़। सबसे खराब हालात तो हैदराबाद एयरपोर्ट का रहा, जहां से पहली उड़ान कर्नाटक के विद्यानगर के लिए थी, जिसमें महज 12 यात्रियों ने ही सफर किया।

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह ने कहा, आंध्र प्रदेश के 26 मई से और पश्चिम बंगाल के 28 मई से उड़ानों का संचालन शुरू करने से यह संख्या और बढे़गी। बताया जा रहा है कि राज्यों में आने वाले यात्रियों के क्वारंटीन को लेकर भी पूरी तैयारी न होने से कुछ फ्लाइट निरस्त हुई हैं।

वहीं, दूसरी ओर दिल्ली समेत देश के सभी एयरपोर्ट पर सतर्कता दिखी और एहतियात बरती गई। नई व्यवस्थाओं के साथ फ्लाइट की सीट तक पहुंचने के लिए यात्रियों को तकरीबन तीन घंटे तक जांच के बीच से गुजरना पड़ा। यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई।

एयरपोर्ट पर एंट्री के लिए आरोग्य सेतु एप, मास्क और दस्तानों का भी परीक्षण किया गया। साथ ही यात्रियों के ई-बोर्डिंग कार्ड भी जांचे जा रहे थे। यात्रियों को ढाई गुना तक बढे़ हुए दामों पर टिकट मिले। रायपुर से दिल्ली के बीच आम दिनों में 4 हजार रुपये तक बुकिंग होती थी, मगर अब यात्रियों को इसके लिए 10 हजार रुपये देने पडे़।

पहचानना मुश्किल कि कौन यात्री कौन स्टाफ

एयरपोर्ट पर यात्रियों के माथे पर उत्साह और घबराहट की लकीरें साफ दिख रही थीं। किसी के चेहरे के भाव नहीं दिखे, क्योंकि सभी यात्रियों के चेहरे ढके थे। ज्यादातर पीपीई किट भी पहने हुए थे, इससे यह पहचान में नहीं आ रहा था कि कौन यात्री है और कौन एयरपोर्ट स्टाफ या क्रू मेंबर है।



पहली उड़ान दिल्ली-पटना नहीं, दिल्ली-पुणे की रही
पहली उड़ान मुंबई से पटना के लिए सुबह 4:20 पर थी, मगर देरी के चलते यह उड़ान सुबह 6:45 पर रवाना हो पाई। वहीं, पहली उड़ान दिल्ली से पुणे की हो गई, जो 4:45 बजे रवाना हुई। वहीं, दिल्ली पहुंचने वाला पहला विमान स्पाइस जेट का था, जो अहमदाबाद से रवाना हुआ था।

पहले हफ्ते 8 हजार से ज्यादा उड़ानाें का होना है संचालन

बताया जा रहा है कि पहले हफ्ते 8,214 विमानों का संचालन होना है। इसमें सबसे अधिक इंडिगो की 3,632, स्पाइसजेट की 1,403, गो एयर की 831, एयर इंडिया की 703, एयर एशिया की 610, विस्तारा की 539, एलायंस एयर 309 उड़ानें हैं।

पांच साल के बच्चे ने अकेले ही किया दिल्ली से बंगलूरू का सफर
नई दिल्ली से बंगलूरू पहुंचे विमान में एक यात्री पांच साल का बच्चा भी था। एयरपोर्ट पर विवान शर्मा को लेने पहुंची उसकी मां ने कहा, मेरा बेटा दिल्ली से अकेले ही सफर करके पहुंचा है। वह तीन महीने बाद बंगलूरू पहुंच पाया। विवान फरवरी में अपने दादा-दादी के पास दिल्ली आया था।

इस बीच, मार्च में कोरोना के चलते लॉकडाउन लग गया, जिससे वह घर नहीं लौट सका। जैसे ही घरेलू उड़ानों का संचालन शुरू हुआ तो उसके दादा ने दिल्ली से बंगलूरू जाने वाली पहली उड़ान में उसका टिकट बुक करा दिया। रास्ते में एयरलाइंस का स्टाफ उसकी देखभाल करता रहा।

कर्नाटक: 107 उड़ानें रवाना, 100 से ज्यादा आईं

कर्नाटक में सोमवार को बंगलूरू के कैंपागौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 107 उड़ानें रवाना हुईं, वहीं सौ से ज्यादा उड़ानें यहां अन्य शहरों से पहुंचीं। यहां से सुबह 5:30 बजे पहली फ्लाइट 176 यात्रियों के साथ एयर एशिया की रांची के लिए थी, जबकि चेन्नई से यहां पहुंचने वाला पहला विमान 113 यात्रियों को लेकर सुबह 7:35 बजे पहुंचा। कुल नौ उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

केरल: कोच्चि एयरपोर्ट से 16 उड़ानें संचालित, कुछ का समय बदला
केरल में पहली उड़ान एयर एशिया की थी, जिसका विमान 42 यात्रियाें को लेकर बंगलूरू से कोच्चि एयरपोर्ट सुबह सात बजे पहुंचा। यही विमान 86 यात्रियों को लेकर वापस बंगलूरू पहुंचा। कोच्चि एयरपोर्ट से तकरीबन 16 उड़ानें दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद जैसे शहरों के लिए संचालित की गईं।

वहीं, तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर दिल्ली से दोपहर बाद 2.15 बजे एयर इंडिया का विमान पहुंचा। तिरुवनंतपुरम-कोझिकोड उड़ान सुबह 8:30 बजे थी, जिसका समय बदलकर मंगलवार कर दिया गया। कोझिकोड-बंगलूरू उड़ान का भी वक्त बदल दिया गया।

तमिलनाडु: 35 उड़ानें संचालित, इंडिगो का विमान सिर्फ 27 यात्रियों को लेकर पहुंचा

तमिलनाडु से पहले दिन 16 उड़ानें रवाना की गईं, जबकि अलग-अलग शहरों से 19 विमान यहां पहुंचे। हालांकि, राज्य सरकार ने सिर्फ 25 विमानों के संचालन की केंद्र से मांग की थी। चेन्नई एयरपोर्ट से पहला विमान इंडिगो एयरलाइंस का 116 यात्रियों को लेकर सुबह 6:40 बजे दिल्ली रवाना हुआ। वहीं, इसी कंपनी का विमान महज 27 यात्रियों को लेकर यहां पहुंचा।

बिहार: 33 उड़ानों का संचालन
बिहार की राजधानी पटना हवाई अड्डे पर पहला विमान दिल्ली से सुबह 7:30 बजे पहुंचा। एक और विमान सुबह सात बजे दो घंटे देरी से पहुंचा। यहां से कई शहरों के लिए सोमवार को कुल 16 उड़ानें संचालित की गईं, जबकि दूसरे राज्यों से 17 उड़ानें यहां पहुंचीं। यहां पर यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं आई, क्योंकि एयरपोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में ऑटो, ई-रिक्शा और टैक्सी खड़ी थीं।

ओडिशा: भाजपा सांसद भी गृह राज्य लौटे

यहां बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार को विस्तारा एयरलाइंस का पहला विमान दिल्ली से यात्रियों को लेकर पहुंचा। इस विमान में भाजपा सांसद अनुभव मोहंती भी थे। उन्होंने कहा, मैं संसद के बजट सत्र के वक्त से ही दिल्ली में था। अब मैं अपने राज्य ओडिशा लौट पाया हूं।

छत्तीसगढ़: गुरुग्राम से आई यात्री ने कहा, घर लौटकर जान में जान आई
राज्य के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह नौ बजे इंडिगो एयरलाइंस का दिल्ली से पहला विमान 82 यात्रियों को लेकर पहुंचा। इससे पहले कोलकाता से एक विमान को सुबह 7:55 बजे पहुंचना था, मगर बाद में इस उड़ान को रद्द करना पड़ा।

वहीं, हैदराबाद से 41 यात्रियों को लेकर एक विमान यहां पहुंचा। रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली और हैदराबाद के लिए दो उड़ानें संचालित की गईं। रायपुर की रहने वाली यात्री अनुपमा ने अपने गृह राज्य पहुंचने पर बेहद खुशी जताई। गुरुग्राम में काम करने वाली अनुपमा ने कहा, मैं घर लौटकर खुश हूं। अब जान में जान आई है।

16 मार्च के बाद मेरा ऑफिस बंद हो गया था। ऐसे में मुझे वहां पर घर के अंदर ही रहना पड़ा। हालांकि, वहां पर कोई दिक्कत नहीं थी, मगर मैं घर लौटना चाहती थी। वहीं, हैदराबाद निवासी 32 वर्षीय एक महिला यात्री ने कहा, मेरी दो महीने की बेटी को आंखों की कुछ समस्या थी। डॉक्टरों ने कहा, इसे हैदराबाद दिखाओ, तब मैंने यह सफर किया।

तेलंगाना: पहली उड़ान में सिर्फ 12 यात्री

हैदरबाद एयरपोर्ट से पहली उड़ान कर्नाटक के विद्यानगर के लिए थी, जिसमें महज 12 यात्रियों ने ही सफर किया। वहीं, एयर एशिया का विमान 104 यात्रियाें को लेकर हैदराबाद एयरपोर्ट पर सुबह 8:20 बजे पहुंचा। 19 उड़ानें यहां दूसरे शहरों से पहुंचीं, जबकि 19 विमान यहां से दूसरे शहरों के लिए रवाना हुए। इनमें तकरीबन 1600 यात्रियों ने सफर किया।

जम्मू-कश्मीर: कुल 10 उड़ानें संचालित
यहां पर पहली उड़ान दिल्ली से जम्मू की रही। एयर इंडिया का एक विमान 40 यात्रियों को लेकर सुबह 8:40 बजे पहुंचा। यहां से पांच जाने वाली और पांच ही आने वाली उड़ानों का संचालन हुआ।

महाराष्ट्र: वतन और घर लौटकर लगा जिंदगी मिल गई
महाराष्ट्र में सोमवार को कुल 50 उड़ानें संचालित की गईं, जिनमें 25-25 के हिसाब से आने-जाने वाली उड़ानें थीं। यहां पर सरकार ने सीमित संख्या में ही उड़ानों की अनुमति दी है। मुंबई एयरपोर्ट से 20 उड़ानों का संचालन हुआ। पुणे एयरपोर्ट पर  दिल्ली से एक विमान पहुंचा, जिसमें सिर्फ 23 ही यात्री थे।

एक यात्री ने कहा, मैं 14 दिन पहले ही वंदे भारत मिशन के तहत रियाद से देश लौटा था। मुझे फिर दिल्ली में क्वारंटीन किया गया था। मेरी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही सफर की अनुमति मिली। फिलहाल कोई दिक्कत नहीं आई। घर पहुंचकर सुखद महसूस कर रहा हूं। वतन और घर लौटकर लग रहा है कि जिंदगी मिल गई हो। सरकार को बेहद आभार।

राजस्थान: 20 उड़ानें संचालित होनी थीं, नौ ही चलीं

राजस्थान में पहला विमान बंगलूरू से सुबह 8:30 बजे जयपुर पहुंचा। एयर एशिया की फ्लाइट में सिर्फ 23 यात्री ही थे। पहले दिन 20 उड़ानों का संचालन होना था, मगर इनमें से 11 किसी वजह से रद्द कर दी गईं।

त्रिपुरा: बंगाल के चलते नहीं उड़ सका कोई विमान
त्रिपुरा वैसे तो घरेलू उड़ानों के लिए राजी था, मगर उसकी उड़ान सेवाएं कोलकाता एयरपोर्ट से जुड़ी होने के नाते सोमवार को किसी भी विमान की आवाजाही नहीं हो पाई। दरअसल, पश्चिम बंगाल ने चक्रवाती तूफान अम्फान की आपदा के चलते घरेलू विमान सेवाओं पर 27 मई तक रोक लगा रखी है। यहां पर विमानों का संचालन 28 मई से होगा। ऐसे में अगरतला के महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट से कोई भी विमान नहीं उड़ सका।

यूपी: 20 उड़ानों का संचालन

घरेलू विमान सेवाएं शुरू होने के बाद लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से सोमवार को 10 विमान दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बंगलूरू जैसे शहरों के लिए रवाना हुए और 10 विमान ही दूसरे शहरों से यहां पहुंचे। इस बीच, यूपी में विदेशों से आने वाले यात्रियों को 14 दिन का क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया गया है। यात्रियों को अपने पैसों पर सात दिन के लिए क्वारंटीन सुविधा केंद्रों में रहना होगा, जबकि सात दिनों के लिए होम आइसोलेशन में रहना होगा।

उत्तराखंड: पांच विमान ही उडे़, एक रद्द
उत्तराखंड में सोमवार को देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर कुल छह उड़ानें संचालित होनी थीं, मगर इनमें से पांच ही संचालित हो पाईं। मुंबई जाने वाली एक फ्लाइट रद्द कर दी गई। चार उड़ानें दिल्ली-देहरादून-दिल्ली और एक देहरादून से पंतनगर के लिए संचालित की गई। उड़ान सेवाएं बंद होने से पहले यहां से रोजाना 22 उड़ानों का संचालन होता था।

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