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भारत के तेवर से घबराया पाकिस्तान, कहा- हम हैं बातचीत के लिए तैयार, दिया नया ऑफर

Sun, 23 Sep 2018 09:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 23 Sep 2018 09:27 AM IST
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on talk cancellation Imran khan said he is disappointed but his minister gave another offer to India
इमरान खान-नरेंद्र मोदी

भारत और पाकिस्तान के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान होने वाली बातचीत के रद्द होने पर इमरान खान ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए भारत को घमंड में चूर बताया था। उन्होंने कहा कि वह भारत के ‘नकारात्मक’ रुख से निराश हैं। खान ने ट्वीट कर कहा, ‘शांति वार्ता फिर से शुरू किए जाने के मेरे आह्वान पर भारत के अहंकारी और नकारात्मक रुख से निराश हूं। छोटे लोग बड़े पदों पर आसीन रहे हैं लेकिन उनके पास बड़ी तस्वीर देने का दृष्टिकोण नहीं है।’

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इमरान खान के ट्विटर पर आए इस जवाब के बावजूद पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने शनिवार को कहा कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच होने वाली वार्ता का रद्द होना दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन पाकिस्तान सिख श्रद्धालुओं के लिए सीमा खोलने के लिए तैयार है ताकि वह करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब के दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में पाकिस्तान के साथ वार्ता करने का फैसला भारत को करना है लेकिन इस्लामाबाद सभी प्रमुख मुद्दों पर बातचीत करने के लिए तैयार है क्योंकि उसका मानना है कि युद्ध और विरोध से कोई उपाय नहीं निकलता है। 
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चौधरी ने यह बातें फोन पर दिए इंटरव्यू में कहीं। उन्होंने कहा दोनों देशों के बीच असल मुद्दा कश्मीर है। पाकिस्तान हर मसले पर बात करने के लिए तैयार है। खान के करीबी माने जाने वाले मंत्री ने कहा, 'बहुत सारे तरीके हैं जिनसे हम चीजों को संभाल सकते हैं। पहला तरीका है कि हम युद्ध करें। दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं और जो बच जाएंगे वह प्रमुख मुद्दों को संभालेंगे। लेकिन यह सोचना मूर्खता होगी कि हम युद्ध में जाएं। दूसरा तरीका है जिसकी वकालत भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल करते हैं। इस तरीके में दोनों देश एक-दूसरे को आंतरिक तौर पर कमजोर करने के उपाय का प्रयोग करते हैं। या फिर हम बैठकर अपने सभी मामले पर बात करें और उसका समाधान ढूंढे।'
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चौधरी ने आगे कहा, 'हम सभी मसलों पर बात करने के लिए तैयार हैं। पिछले सात दशकों के दौरान हमने तीन बार युद्ध किया है और हम अपने पड़ोसी नहीं बदल सकते हैं। यह भारत को सोचना चाहिए। लेकिन अब भारत में चुनाव होने वाले हैं और हो सकता है पाकिस्तान विरोधी नारें वहां बेचे जाते हैं। भारत विरोधी नारे पाकिस्तान में नहीं बिकते।' चौधरी के दावों पर सेनानिवृत्त कमांडर उदय भास्कर और सोसाइटी फॉर पॉलिसी स्टडीज के निदेशक ने कहा, 'आतंक ने एक बार फिर से दोनों देशों के बीच होने वाली वार्ता को बाधित कर दिया है। वास्तविकता यह है कि भारत-पाकिस्तान के संबंध लगभग 20 सालों से आतंकवाद के बंधक रहे हैं और दोनों पक्ष इस चुनौती को बढ़ने से रोकने में असमर्थ रहे हैं।'

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