Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Odisha youngest organ donor Damayanti Mahanta last rites performed full state honour

Odisha: सबसे कम उम्र की अंगदाता को दी गई अंतिम विदाई, पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया दाह संस्कार

Sun, 25 Feb 2024 12:00 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: यशोधन शर्मा Updated Sun, 25 Feb 2024 12:00 AM IST
सार

क्योंझर जिले की निवासी कक्षा 9वीं की छात्रा क्रोनिक रोग से जूझ रही थीं। 14वर्षीय दमयंती को डॉक्टरों ने ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। इसके बाद पीड़ित के माता-पिता अंगदान करने के लिए राजी हो गए।

विज्ञापन
Odisha youngest organ donor Damayanti Mahanta last rites performed full state honour
अंगदान (सांकेतिक) - फोटो : amar ujala

विस्तार

ओडिशा में सबसे कम उम्र की अंगदाता दमयंती महंत को पुरी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गयी। दमयंती का दाह संस्कार जिले के स्वर्गद्वार श्मशान घाट पर किया गया। 

विज्ञापन


बता दें कि क्योंझर जिले की निवासी कक्षा 9वीं की छात्रा क्रोनिक रोग से जूझ रही थी। 14 वर्षीय दमयंती को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। इसके बाद पीड़ित के माता-पिता अंगदान करने के लिए राजी हो गए।
विज्ञापन


15 फरवरी को एम्स में करवाया था भर्ती
एक अधिकारी ने बताया कि लड़की को ब्रेन स्ट्रोक हुआ था और 15 फरवरी को एम्स, भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया था। इसके बाद में वह कोमा में जाने के बाद  वेंटिलेटर पर चली गई। चूंकि उनमें सुधार का कोई संकेत नहीं दिखा, एम्स, भुवनेश्वर की विशेषज्ञ समिति ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। जैसे ही दमयंती के माता-पिता उसके अंग दान करने के लिए सहमत हुए, अस्पताल अधिकारियों ने आवश्यक व्यवस्था की।
विज्ञापन
विज्ञापन


आधिकारिक सूचना के मुताबिक यहां एम्स के सर्जनों ने उसका लीवर सफलतापूर्वक निकाल लिया था। इसके बाद उसे ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से नई दिल्ली के एक अस्पताल में भेज दिया था। दमयंती ओडिशा की सबसे कम उम्र की व्यक्ति थीं, जिन्हें मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की हालिया घोषणा के अनुसार उनके अंतिम संस्कार के दौरान पूर्ण राजकीय सम्मान दिया गया था।


हर साल अंगदाताओं के परिजनों को मिलते हैं पांच लाख
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने पहले घोषणा की थी कि अंग दाताओं का अंतिम संस्कार उनके बलिदान और बहादुरी की मान्यता में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। राज्य सरकार ने 2020 में गंजाम जिले के एक ब्रेन-डेड अंग दाता की मान्यता में सूरज पुरस्कार की स्थापना की थी, जिसने छह लोगों की जान बचाई थी। हर साल 13 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस पर अंगदान करने वालों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये दिये जाते हैं।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed