{"_id":"6536afe8c34e09a2660b55e4","slug":"odisha-cm-close-aide-vk-pandian-vrs-voluntary-retirement-2023-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Odisha: CM पटनायक के निजी सचिव पांडियन ने लिया वीआरएस, IAS अधिकारी की रिटायरमेंट पर BJP-कांग्रेस ने कही यह बात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Odisha: CM पटनायक के निजी सचिव पांडियन ने लिया वीआरएस, IAS अधिकारी की रिटायरमेंट पर BJP-कांग्रेस ने कही यह बात
Mon, 23 Oct 2023 11:09 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 23 Oct 2023 11:09 PM IST
सार
ओडिशा में मुख्यमंत्री के करीबी आईएएस अधिकारी पांडियन ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निजी सचिव और आईएएस अधिकारी वीके पांडियन की रिटायरमेंट के बारे में अधिकारियों ने जानकारी दी।
विज्ञापन
ओडिशा में सीएम के करीबी वीके पांडियन और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक
- फोटो : ANI
विस्तार
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निजी सचिव और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी वीके पांडियन ने रिटायरमेंट ले ली है। सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बारे में ओडिशा सरकार के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पांडियन ओडिशा कैडर के 2000 बैच के आईएएस अधिकारी थे, उनकी सेवानिवृत्ति स्वीकार कर ली गई है।
बता दें कि पांडियन मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी के रूप में प्रमुखता से मीडिया की सुर्खियों आए। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि पांडियन राजनीतिक लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर रहे थे। अक्सर विवादों में घिरे पांडियन ने ओडिशा सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग को लिखे पत्र में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली।
केंद्र सरकार से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को मंजूरी
केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने बताया कि पांडियन की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को "राज्य सरकार की अनुशंसित नोटिस अवधि की छूट के साथ" स्वीकार कर लिया गया है। ओडिशा विधानसभा में विपक्षी पार्टियों- भाजपा और कांग्रेस ने पांडियन से इस्तीफा देकर "आधिकारिक तौर पर बीजद में शामिल होने" को कहा था।
विज्ञापन
पांडियन का इस्तीफा विपक्ष के लिए अच्छा, कांग्रेस ने ऐसा क्यों कहा?
वरिष्ठ कांग्रेस विधायक एसएस सलूजा ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के पांडियन के फैसले का स्वागत किया। सलूजा ने कहा, "हम उनके फैसले का स्वागत करते हैं। उन्हें यह पहले ही कर लेना चाहिए था। हमें नहीं पता कि वह राजनीति में शामिल होंगे या अपने राज्य में वापस लौटेंगे। हालांकि, अगर वह बीजद में शामिल होते हैं, तो यह विशेष रूप से विपक्ष के लिए मददगार होगा।"
भाजपा बोली- अब खुलकर राजनीति करेंगे पांडियन
पांडियन के इस्तीफे पर भाजपा के मुख्य सचेतक मोहन माझी ने कहा कि पांडियन ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए इस्तीफा दिया है। उन्होंने दावा किया, "अब, वह नौकरशाह का मुखौटा पहनने के बजाय खुलकर राजनीति कर सकेंगे, लेकिन उन्हें ओडिशा के लोग स्वीकार नहीं करेंगे।"
ओडिशा में चुनाव की तैयारियां, पांडियन की भूमिका क्या?
बता दें कि ओडिशा में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में कराए जा सकते हैं। ओडिशा के विधानसभा चुनाव आम तौर पर लोकसभा चुनाव के साथ ही आयोजित होते हैं। ऐसे में अनुमान है कि अप्रैल-मई में आम चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव भी कराए जा सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव में पांडियन बड़ी भूमिका में दिखेंगे। गौरतलब है कि पांडियन ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में तूफानी दौरों के कारण सुर्खियों में रहे थे। उन्होंने जनता की शिकायतें सुनने के लिए 190 बैठकें की थीं।
विज्ञापन
बता दें कि पांडियन मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी के रूप में प्रमुखता से मीडिया की सुर्खियों आए। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि पांडियन राजनीतिक लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर रहे थे। अक्सर विवादों में घिरे पांडियन ने ओडिशा सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग को लिखे पत्र में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली।
विज्ञापन
केंद्र सरकार से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को मंजूरी
केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने बताया कि पांडियन की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को "राज्य सरकार की अनुशंसित नोटिस अवधि की छूट के साथ" स्वीकार कर लिया गया है। ओडिशा विधानसभा में विपक्षी पार्टियों- भाजपा और कांग्रेस ने पांडियन से इस्तीफा देकर "आधिकारिक तौर पर बीजद में शामिल होने" को कहा था।
विज्ञापन
पांडियन का इस्तीफा विपक्ष के लिए अच्छा, कांग्रेस ने ऐसा क्यों कहा?
वरिष्ठ कांग्रेस विधायक एसएस सलूजा ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के पांडियन के फैसले का स्वागत किया। सलूजा ने कहा, "हम उनके फैसले का स्वागत करते हैं। उन्हें यह पहले ही कर लेना चाहिए था। हमें नहीं पता कि वह राजनीति में शामिल होंगे या अपने राज्य में वापस लौटेंगे। हालांकि, अगर वह बीजद में शामिल होते हैं, तो यह विशेष रूप से विपक्ष के लिए मददगार होगा।"
भाजपा बोली- अब खुलकर राजनीति करेंगे पांडियन
पांडियन के इस्तीफे पर भाजपा के मुख्य सचेतक मोहन माझी ने कहा कि पांडियन ने अपनी राजनीतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए इस्तीफा दिया है। उन्होंने दावा किया, "अब, वह नौकरशाह का मुखौटा पहनने के बजाय खुलकर राजनीति कर सकेंगे, लेकिन उन्हें ओडिशा के लोग स्वीकार नहीं करेंगे।"
ओडिशा में चुनाव की तैयारियां, पांडियन की भूमिका क्या?
बता दें कि ओडिशा में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में कराए जा सकते हैं। ओडिशा के विधानसभा चुनाव आम तौर पर लोकसभा चुनाव के साथ ही आयोजित होते हैं। ऐसे में अनुमान है कि अप्रैल-मई में आम चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव भी कराए जा सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव में पांडियन बड़ी भूमिका में दिखेंगे। गौरतलब है कि पांडियन ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में तूफानी दौरों के कारण सुर्खियों में रहे थे। उन्होंने जनता की शिकायतें सुनने के लिए 190 बैठकें की थीं।