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Naxal Attack: ओडिशा में नक्सल हमले से मिला गंभीर संकेत, दोबारा एकजुट होने की कोशिश में हैं नक्सली
Thu, 23 Jun 2022 04:30 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 23 Jun 2022 04:30 PM IST
सार
अधिकारियों के मुताबिक, यह माओवादियों द्वारा अपनी उपस्थिति दर्ज करने और अपनी गतिविधि को फिर से शुरू करने का एक प्रयास लगता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
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विस्तार
हाल ही में ओडिशा में सीआरपीएफ के तीन जवानों पर घात लगाकर किए गए हमले और नक्सलियों द्वारा उनके हथियारों की लूट को सुरक्षा अधिकारी शांत इलाकों में माओवादी विद्रोह को फिर से जगाने के प्रयास के रूप में देख रहे हैं। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे राज्य के नुआपाड़ा जिले में 21 जून को अर्धसैनिक बल के दो सब इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल पर घात लगाकर हमला किया गया था और उनकी अत्याधुनिक असॉल्ट राइफलों को माओवादियों ने लूट लिया था।
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हमले में मल्ला राजी रेड्डी का हाथ
एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय सैन्य आयोग और ओडिशा राज्य माओवादी समिति के प्रमुख मल्ला राजी रेड्डी उर्फ सथेना/मुरली/संग्राम ने तीन कर्मियों पर हमला किया, जो संभवत: अपनी टीम से अलग-थलग थे। सुरक्षाकर्मियों की मौत उस वक्त हुई जब वे एक खुले मैदान में एक पेड़ के नीचे थे और उन पर कच्चे 'बैरल ग्रेनेड लांचर' से हमला बोला गया जिनके अंदर विस्फोटक भरे हुए थे।
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मारे गए कर्मी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 19वीं बटालियन की 'गोल्फ' कंपनी के थे और एक नए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस को सुरक्षित करने की ड्यूटी पर थे, जिसे सीआरपीएफ ने केवल तीन दिन पहले क्षेत्र में स्थापित किया था। अधिकारी ने कहा कि नुआपाड़ा जिले और इसके दूरदराज के इलाकों में कोई हिंसक घटना नहीं हुई है, जिसमें सहजपानी गांव के पास भी शामिल है जहां मंगलवार को घात लगाकर हमला किया गया था। यह माओवादियों द्वारा अपनी उपस्थिति दर्ज करने और अपनी गतिविधि को फिर से शुरू करने का एक प्रयास लगता है।
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उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ ने हाल ही में क्षेत्र में एक फॉरवर्ड बेस बनाया है ताकि माओवादियों की आपूर्ति लाइन को काट दिया जाए और सशस्त्र कैडर जो दक्षिण छत्तीसगढ़ में सीमा पार से काम करेंगे और जिस क्षेत्र की तरफ बढ़ेंगे, उसकी जाँच की जा सकती है। नक्सलियों की एक मजबूत टीम ने सीआरपीएफ के तीन जवानों पर घात लगाकर हमला किया और उनकी एके सीरीज की राइफलें लूट ली थीं। एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि इस हमले को पूरी तरह से मल्ला राजी रेड्डी ने अंजाम दिया था।