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Ajit Doval: अग्निपथ से लेकर कश्मीर और पाकिस्तान तक, पढ़िए एनएसए अजीत डोभाल के इंटरव्यू की दस बड़ी बातें
Tue, 21 Jun 2022 05:53 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 21 Jun 2022 05:53 PM IST
सार
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल ने मंगलवार को देश और दुनिया के कई मसलों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने सेना में भर्ती की नई अग्निपथ योजना पर बात की। इसके अलावा कश्मीर और पाकिस्तान के मुद्दे पर भी जवाब दिया। पढ़िए डोभाल के इंटरव्यू की दस बड़ी बातें...
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अजीत डोभाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल ने मंगलवार को देश और दुनिया के कई मसलों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने सेना में भर्ती की नई अग्निपथ योजना पर बात की। इसके अलावा कश्मीर और पाकिस्तान के मुद्दे पर भी जवाब दिया। पढ़िए डोभाल के इंटरव्यू की दस बड़ी बातें...
1. आसपास का माहौल बदल रहा, सेना में भी बदलाव जरूरी
अजीत डोभाल ने कहा, “अग्निपथ योजना समय की जरूरत है। भारत के आसपास माहौल बदल रहा है। बदलते समय के साथ सेना में बदलाव जरूरी है। इसे एक नजरिए से देखने की जरूरत है। अग्निपथ अपने आप में एक स्टैंडअलोन योजना नहीं है। 2014 में जब पीएम मोदी सत्ता में आए, तो उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक भारत को सुरक्षित और मजबूत बनाना था। ये योजना उसी का एक हिस्सा है।”
2. पाकिस्तान पर क्या बोले?
एनएसए अजीत डोभाल ने कहा, “पाकिस्तान के साथ हम सामान्य संबंध चाहते हैं, लेकिन आतंकवाद कम करने की इच्छाशक्ति पाकिस्तान की बहुत कम है। कोई भी शांति और युद्ध अपनी सहुलियत के हिसाब से नहीं कर सकता है। अगर हमें अपने हितों को सुरक्षित रखना है तो हमें यह फैसला करना होगा कि कब, किससे और किस तरह से शांति हासिल कर सकते हैं। हम अपने सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं।”
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3. जम्मू कश्मीर छोड़कर कहीं भी आतंकी घटनाएं नहीं हुईं
अजीत डोभाल ने कहा, “पिछले आठ साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो जम्मू कश्मीर को छोड़कर देश में कहीं भी हमने आतंकी घटनाओं को होते नहीं देखा। जम्मू कश्मीर में भी एक प्रॉक्सी वॉर चल रही है। ये एक अलग तरह की प्रॉक्सी वॉर है। वहीं, अगर 2005 से 2014 तक नजर डालें तो इस दौरान देशभर के अलग-अलग हिस्सों में बमबारी हुई। कानपुर, मुंबई, बंगलुरु, अहमदाबाद जैसे कई शहरों में आतंकी हमले हुए।”
4. कश्मीर के लोगों की सोच बदल रही है
धारा 370 को लेकर भी डोभाल ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “2019 के बाद से कश्मीर के लोगों का मूड और टेंपर तेजी से बदल रहा है। 370 हटने के बाद कश्मीर के लोग पाकिस्तान और आतंकवाद को बिल्कुल सपोर्ट नहीं करना चाहते हैं। 2019 में आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। अब कहां है हुर्रियत? कश्मीर बंद, शुक्रवार हड़ताल अब कहां है?”
5. कश्मीरी युवाओं को समझाने की कोशिश कर रहे
उन्होंने कहा, “अभी भी कुछ कश्मीरी युवा बहकावे में आ जाते हैं, लेकिन हम उन्हें समझाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उनके परिवार को समझा रहे हैं। इसका असर भी देखने को मिल रहा है। कुछ आतंकी संगठन इसमें दिक्कत पैदा कर रहे हैं, लेकिन हम उससे लड़ते हुए सबकुछ सामान्य करने की कोशिश की तरफ आगे बढ़ रहे हैं।”
6. भारत के दबाव के चलते पाकिस्तान नहीं उठा पा रहा कश्मीर का मुद्दा
अजीत डोभाल ने कहा, “आतंकवाद के मुद्दे पर भारत ने पाकिस्तान को पूरी दुनिया से अलग-थलग कर दिया है। कुलभूषण जाधव के मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाया। ह्यूमन राइट कमीशन में बहुत कम सपोर्ट मिलने के चलते पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दा उठाने का कोई मौका नहीं मिल रहा है। ये भारत के मजबूत होने का प्रमाण है।”
7. समाज को ट्रेंड और अनुशासित युवा मिलेंगे
अग्निपथ योजना पर उन्होंने कहा, “सोचिए 22-23 वर्ष का युवक चार वर्ष अग्निवीर के रूप में गुजारकर जॉब मार्कट में आया है। उसकी तुलना उस युवक से कीजिए जो अग्निवीर नहीं बना। जो अग्निवीर अपने प्रतिस्पर्धी के मुकाबले हर मोर्चे पर आगे रहेगा। इसलिए उसके पास कोई रास्ता बंद नहीं हुआ है। उसके पास करीब 11 लाख रुपये भी हैं। अगर वह चाहे तो पढ़ाई कर सकता है, कोई बिजनस कर सकता है। पहले का जमाना अलग था। उस वक्त सैनिक रिटायर होने के बाद अपने गांव चला जाता था और वहां अपनी जमीन से अन्न उपजाता था और पेंशन से बाकी खर्चे निकल जाते थे। आज वो हालात नहीं रह गए हैं।”
8. कई जगह नौकरी का अवसर मिलेगा
“सेना में चार साल बिताने के बाद अग्निवीर जब वापस जाएगा तो वह स्किल्ड और ट्रेन्ड होगा। वह समाज में सामान्य नागरिक की तुलना में कहीं ज्यादा योगदान कर पाएगा। पहला अग्निवीर जब रिटायर होगा तो 25 साल का होगा। उस वक्त भारत की इकनॉमी 5 ट्रिलियन डॉलर की होगी। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को ऐसे लोग चाहिए होंगे। सेंट्रल आर्म्ड फोर्सेज, राज्य पुलिस समेत अन्य कई भर्तियों में ऐसे ट्रेंड युवाओं की जरूरत होगी। सभी विभागों ने पहले ही अग्निवीरों को नौकरी में वरीयता देने का एलान कर दिया है।”
9. रेजिमेंटल सिस्टम में कोई बदलाव नहीं होगा
“अग्निवीर योजना के आने से सेना की रेजिमेंटल सिस्टम में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके अलावा जो लोग बोल रहे हैं कि पूरी आर्मी ही अग्निवीर हो जाएगी यह भी गलत है। अग्निवीर पूरी आर्मी में कभी नहीं होंगे। सेना का बड़ा हिस्सा अनुभवी लोगों का होगा। चार साल काम करने के बाद जो अग्निवीर नियमित किए जाएंगे, उन्हें बाद में ट्रेनिंग दी जाएगी।”
10. सेना को टेक फ्रेंडली युवा मिलेंगे
एनएसए ने कहा, “देश को सुरक्षित करने के लिए तकनीक, हाईटेक हथियार, सिक्योर डिफेंस कम्युनिकेशन के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। हमने नई-नई तकनीक का प्रयोग शुरू किया है। यहां तक की हमने स्पेस पॉवर में भी बड़ी सफलता हासिल की है। इसको ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा युवाओं की जरूरत पड़ेगी जो तकनीक के मामले में दक्ष होते हैं। अग्निपथ योजना इसी का एक हिस्सा है। इससे हमें बड़ी संख्या में टेक फ्रेंडली युवा मिलेंगे।”
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1. आसपास का माहौल बदल रहा, सेना में भी बदलाव जरूरी
अजीत डोभाल ने कहा, “अग्निपथ योजना समय की जरूरत है। भारत के आसपास माहौल बदल रहा है। बदलते समय के साथ सेना में बदलाव जरूरी है। इसे एक नजरिए से देखने की जरूरत है। अग्निपथ अपने आप में एक स्टैंडअलोन योजना नहीं है। 2014 में जब पीएम मोदी सत्ता में आए, तो उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक भारत को सुरक्षित और मजबूत बनाना था। ये योजना उसी का एक हिस्सा है।”
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2. पाकिस्तान पर क्या बोले?
एनएसए अजीत डोभाल ने कहा, “पाकिस्तान के साथ हम सामान्य संबंध चाहते हैं, लेकिन आतंकवाद कम करने की इच्छाशक्ति पाकिस्तान की बहुत कम है। कोई भी शांति और युद्ध अपनी सहुलियत के हिसाब से नहीं कर सकता है। अगर हमें अपने हितों को सुरक्षित रखना है तो हमें यह फैसला करना होगा कि कब, किससे और किस तरह से शांति हासिल कर सकते हैं। हम अपने सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं।”
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3. जम्मू कश्मीर छोड़कर कहीं भी आतंकी घटनाएं नहीं हुईं
अजीत डोभाल ने कहा, “पिछले आठ साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो जम्मू कश्मीर को छोड़कर देश में कहीं भी हमने आतंकी घटनाओं को होते नहीं देखा। जम्मू कश्मीर में भी एक प्रॉक्सी वॉर चल रही है। ये एक अलग तरह की प्रॉक्सी वॉर है। वहीं, अगर 2005 से 2014 तक नजर डालें तो इस दौरान देशभर के अलग-अलग हिस्सों में बमबारी हुई। कानपुर, मुंबई, बंगलुरु, अहमदाबाद जैसे कई शहरों में आतंकी हमले हुए।”
4. कश्मीर के लोगों की सोच बदल रही है
धारा 370 को लेकर भी डोभाल ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “2019 के बाद से कश्मीर के लोगों का मूड और टेंपर तेजी से बदल रहा है। 370 हटने के बाद कश्मीर के लोग पाकिस्तान और आतंकवाद को बिल्कुल सपोर्ट नहीं करना चाहते हैं। 2019 में आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। अब कहां है हुर्रियत? कश्मीर बंद, शुक्रवार हड़ताल अब कहां है?”
5. कश्मीरी युवाओं को समझाने की कोशिश कर रहे
उन्होंने कहा, “अभी भी कुछ कश्मीरी युवा बहकावे में आ जाते हैं, लेकिन हम उन्हें समझाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उनके परिवार को समझा रहे हैं। इसका असर भी देखने को मिल रहा है। कुछ आतंकी संगठन इसमें दिक्कत पैदा कर रहे हैं, लेकिन हम उससे लड़ते हुए सबकुछ सामान्य करने की कोशिश की तरफ आगे बढ़ रहे हैं।”
6. भारत के दबाव के चलते पाकिस्तान नहीं उठा पा रहा कश्मीर का मुद्दा
अजीत डोभाल ने कहा, “आतंकवाद के मुद्दे पर भारत ने पाकिस्तान को पूरी दुनिया से अलग-थलग कर दिया है। कुलभूषण जाधव के मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाया। ह्यूमन राइट कमीशन में बहुत कम सपोर्ट मिलने के चलते पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दा उठाने का कोई मौका नहीं मिल रहा है। ये भारत के मजबूत होने का प्रमाण है।”
7. समाज को ट्रेंड और अनुशासित युवा मिलेंगे
अग्निपथ योजना पर उन्होंने कहा, “सोचिए 22-23 वर्ष का युवक चार वर्ष अग्निवीर के रूप में गुजारकर जॉब मार्कट में आया है। उसकी तुलना उस युवक से कीजिए जो अग्निवीर नहीं बना। जो अग्निवीर अपने प्रतिस्पर्धी के मुकाबले हर मोर्चे पर आगे रहेगा। इसलिए उसके पास कोई रास्ता बंद नहीं हुआ है। उसके पास करीब 11 लाख रुपये भी हैं। अगर वह चाहे तो पढ़ाई कर सकता है, कोई बिजनस कर सकता है। पहले का जमाना अलग था। उस वक्त सैनिक रिटायर होने के बाद अपने गांव चला जाता था और वहां अपनी जमीन से अन्न उपजाता था और पेंशन से बाकी खर्चे निकल जाते थे। आज वो हालात नहीं रह गए हैं।”
8. कई जगह नौकरी का अवसर मिलेगा
“सेना में चार साल बिताने के बाद अग्निवीर जब वापस जाएगा तो वह स्किल्ड और ट्रेन्ड होगा। वह समाज में सामान्य नागरिक की तुलना में कहीं ज्यादा योगदान कर पाएगा। पहला अग्निवीर जब रिटायर होगा तो 25 साल का होगा। उस वक्त भारत की इकनॉमी 5 ट्रिलियन डॉलर की होगी। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को ऐसे लोग चाहिए होंगे। सेंट्रल आर्म्ड फोर्सेज, राज्य पुलिस समेत अन्य कई भर्तियों में ऐसे ट्रेंड युवाओं की जरूरत होगी। सभी विभागों ने पहले ही अग्निवीरों को नौकरी में वरीयता देने का एलान कर दिया है।”
9. रेजिमेंटल सिस्टम में कोई बदलाव नहीं होगा
“अग्निवीर योजना के आने से सेना की रेजिमेंटल सिस्टम में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके अलावा जो लोग बोल रहे हैं कि पूरी आर्मी ही अग्निवीर हो जाएगी यह भी गलत है। अग्निवीर पूरी आर्मी में कभी नहीं होंगे। सेना का बड़ा हिस्सा अनुभवी लोगों का होगा। चार साल काम करने के बाद जो अग्निवीर नियमित किए जाएंगे, उन्हें बाद में ट्रेनिंग दी जाएगी।”
10. सेना को टेक फ्रेंडली युवा मिलेंगे
एनएसए ने कहा, “देश को सुरक्षित करने के लिए तकनीक, हाईटेक हथियार, सिक्योर डिफेंस कम्युनिकेशन के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। हमने नई-नई तकनीक का प्रयोग शुरू किया है। यहां तक की हमने स्पेस पॉवर में भी बड़ी सफलता हासिल की है। इसको ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा युवाओं की जरूरत पड़ेगी जो तकनीक के मामले में दक्ष होते हैं। अग्निपथ योजना इसी का एक हिस्सा है। इससे हमें बड़ी संख्या में टेक फ्रेंडली युवा मिलेंगे।”